BJP बनेगी 'बिग ब्रदर'! अकाली दल से गठबंधन की तैयारी, क्या पंजाब में बन गया गठबंधन का पूरा प्लान?

BJP और शिरोमणि अकाली दल के बीच 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की बातचीत अंतिम दौर में पहुंचने की खबर है।

Update:2026-08-25 20:52 IST

Punjab Assembly Election 2027: पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच एक बार फिर गठबंधन की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों दल गठबंधन को लेकर बातचीत के अंतिम दौर में पहुंच चुके हैं। खास बात यह है कि इस बार BJP गठबंधन में बड़े भाई यानी सीनियर पार्टनर की भूमिका में नजर आ सकती है।

सीटों के बंटवारे पर बातचीत तेज

सूत्रों के अनुसार, BJP और अकाली दल के बीच सीट शेयरिंग को लेकर काफी प्रगति हुई है। गठबंधन की संभावनाओं को उस समय और बल मिला जब अकाली दल ने कथित तौर पर अपने नेताओं से ग्रामीण इलाकों की सीटों पर तैयारी नहीं करने को कहा।

इससे संकेत मिल रहे हैं कि अगर दोनों पार्टियों के बीच समझौता होता है तो BJP पहले के मुकाबले ज्यादा विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं।

BJP ने सभी 117 सीटों पर तैयारी शुरू की

इधर BJP ने पंजाब में अपना संगठन मजबूत करने और चुनावी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने हाल ही में पंजाब का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने पार्टी नेताओं को सभी 117 विधानसभा सीटों पर तैयारी करने का निर्देश दिया। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अकाली दल के साथ दोबारा गठबंधन की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया। यानी BJP एक तरफ सभी सीटों पर संगठन तैयार कर रही है, वहीं दूसरी तरफ गठबंधन का रास्ता भी खुला रखा गया है।

अगर गठबंधन होता है और BJP को ज्यादा सीटें मिलती हैं, तो यह पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव होगा। पहली बार अकाली दल की जगह BJP गठबंधन में सीनियर पार्टनर की भूमिका में आ सकती है।

2020 में टूट गया था दशकों पुराना रिश्ता

BJP और अकाली दल लंबे समय तक पंजाब में मजबूत राजनीतिक सहयोगी रहे हैं। दोनों दलों ने कई लोकसभा और विधानसभा चुनाव मिलकर लड़े। लेकिन सितंबर 2020 में तीन कृषि कानूनों को लेकर दोनों पार्टियों के रिश्तों में दरार आ गई और अकाली दल ने NDA से अलग होने का फैसला किया। बाद में केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया, लेकिन दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरीं।

2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में दोनों दलों को बड़ा नुकसान हुआ। आम आदमी पार्टी ने 117 में से 92 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाई। कांग्रेस को सिर्फ 18 सीटें मिलीं। वहीं अकाली दल तीन और BJP दो सीटों पर सिमट गई।

कभी अकाली दल था गठबंधन का बड़ा भाई

पुराने गठबंधन में अकाली दल की भूमिका बड़ी थी, जबकि BJP मुख्य रूप से शहरी इलाकों की सीटों पर चुनाव लड़ती थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन के तहत अकाली दल ने 15 सीटें जीती थीं, जबकि BJP को तीन सीटों पर जीत मिली थी। अब अगर नया गठबंधन BJP के सीनियर पार्टनर बनने के साथ होता है, तो यह पुराने समीकरण से बिल्कुल अलग होगा।

AAP और कांग्रेस के सामने नई चुनौती

2027 में BJP-SAD गठबंधन बनने की स्थिति में पंजाब की चुनावी लड़ाई और दिलचस्प हो सकती है। फिलहाल आम आदमी पार्टी राज्य की सत्ता में है, जबकि कांग्रेस भी प्रमुख विपक्षी ताकत है।

ऐसे में BJP और अकाली दल का दोबारा साथ आना दोनों दलों के लिए अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि सीटों का अंतिम बंटवारा और गठबंधन की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।

Tags:    

Similar News