तमिलनाडु के CM विजय ने परिसीमन और महिला आरक्षण पर PM मोदी को लिखा पत्र, कर दी ये दो बड़ी मांगें

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर लोकसभा की कुल 543 सीटें स्थायी रखने की मांग की है।

Update:2026-08-14 14:27 IST

CM Joseph Vijay: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या को भविष्य में भी स्थायी रखने की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संविधान में जरूरी संशोधन करने की अपील की है।

विजय ने यह मांग ऐसे समय में उठाई है, जब देश में लोकसभा और विधानसभा सीटों के संभावित परिसीमन को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। दक्षिणी राज्यों को आशंका है कि अगर भविष्य में जनसंख्या के आधार पर सीटों का नए सिरे से बंटवारा किया गया तो उन्हें मौजूदा सीटों की तुलना में कम प्रतिनिधित्व मिल सकता है।

तमिलनाडु विधानसभा में पास हुआ प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में 12 अगस्त 2026 को तमिलनाडु विधानसभा में पारित प्रस्ताव का भी जिक्र किया है। विधानसभा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि लोकसभा की कुल सदस्य संख्या को 543 पर स्थायी रूप से तय किया जाए।

प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि राज्यों के बीच लोकसभा सीटों का मौजूदा बंटवारा आगे भी बरकरार रहना चाहिए। यानी परिसीमन के बाद किसी राज्य की सीटें घटें या बढ़ें नहीं और वर्तमान व्यवस्था को ही जारी रखा जाए।

महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण लागू करने की भी मांग

तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव में सिर्फ परिसीमन ही नहीं, बल्कि महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठाया गया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्र से मांग की है कि लोकसभा की आगामी चुनाव प्रक्रिया और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू किया जाए। विजय ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में विधानसभा के प्रस्ताव की प्रति भी भेजी और कहा कि केंद्र सरकार इस पर जरूरी कदम उठाए।

दक्षिणी राज्यों को सीटें घटने का डर क्यों?

परिसीमन का मुद्दा खास तौर पर दक्षिणी राज्यों के लिए संवेदनशील है। इसकी वजह यह है कि लंबे समय से सीटों के बंटवारे में जनसंख्या के आंकड़ों की भूमिका को लेकर बहस होती रही है। तमिलनाडु विधानसभा में चर्चा के दौरान यह आशंका जताई गई कि अगर अगली जनगणना के बाद जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों का नए सिरे से बंटवारा किया गया तो दक्षिणी राज्यों की राजनीतिक ताकत प्रभावित हो सकती है।

दक्षिणी राज्यों का तर्क है कि उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक विकास जैसे क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया है। ऐसे में अगर कम जनसंख्या वृद्धि की वजह से उनकी लोकसभा सीटें कम होती हैं तो यह उनके लिए एक तरह की सजा होगी।

DMK समेत विपक्षी दलों का समर्थन

तमिलनाडु विधानसभा में इस प्रस्ताव को सिर्फ सत्तारूढ़ दल का समर्थन नहीं मिला। मुख्य विपक्षी दल DMK के अलावा सत्तारूढ़ TVK के सहयोगी दल CPI और CPI(M) ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी परिसीमन के मुद्दे पर तमिलनाडु के हितों की रक्षा के लिए लगातार पहल करती रही है।

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