टेक्निकल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, MERITE Scheme को मिली मंजूरी

MERITE Scheme: केंद्र सरकार ने मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च इम्प्रूवमेंट इन टेक्निकल एजुकेशन (MERITE) योजना को मंजूरी दे दी है। आइये जानें इससे क्या होंगे फायदे।

Update:2025-08-08 18:33 IST

MERITE Scheme

MERITE Scheme: तकनीकी शिक्षा में सुधार की ओर कदम बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च इम्प्रूवमेंट इन टेक्निकल एजुकेशन (MERITE) योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना देश के 275 तकनीकी संस्थानों में लागू की जाएगी, जिनमें 175 इंजीनियरिंग संस्थान और 100 पॉलिटेक्निक शामिल हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के अनुरूप तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता, समानता और सुशासन में सुधार करने के उद्देश्य से यह योजना लायी गई है। केंद्रीय क्षेत्र की यह योजना 2025-26 से 2029-30 तक लागू रहेगी। जिसकी कुल लागत ₹4200 करोड़ है और इसमें से ₹2100 करोड़ की सहायता विश्व बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त होगी।

कैबिनेट प्रवक्ता ने कहा

कैबिनेट प्रवक्ता ने कहा कि, "देश के सतत और समावेशी विकास के लिए तकनीकी नवाचार अनिवार्य हैं। शोध और नवाचार से न केवल शैक्षणिक स्तर सुधरता है, बल्कि यह आधुनिक चुनौतियों से निपटने की क्षमता भी देता है। इसी उद्देश्य से MERITE योजना को विश्व बैंक के सहयोग से तैयार किया गया है।"

MERITE Scheme की महत्वपूर्ण बातें

- देशभर के 275 सरकारी/सरकार सहायता प्राप्त तकनीकी संस्थान इस योजना से लाभान्वित होंगे।

- इसमें NITs, राज्य इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और तकनीकी विश्वविद्यालय (ATUs) शामिल होंगे।

- योजना के तहत राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के तकनीकी शिक्षा विभागों को भी सहायता दी जाएगी।

- लगभग 7.5 लाख छात्रों को इस योजना से सीधा लाभ मिलेगा।

- तकनीकी पाठ्यक्रमों में मल्टीडिसिप्लिनरी कार्यक्रमों के लिए दिशानिर्देश विकसित किए जाएंगे।

- छात्रों की सीखने और रोजगार योग्य कौशल में वृद्धि होगी।

- अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा।

- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, और उनकी सलाह और फीडबैक के आधार पर योजना को डिज़ाइन किया गया है।

- उद्योगों की ज़रूरतों के अनुसार पाठ्यक्रमों को अद्यतन किया जाएगा।

- गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाली प्रणालियाँ मजबूत होंगी।

- पाठ्यक्रमों को बाज़ार की ज़रूरतों के अनुसार तैयार किया जाएगा।

- महिला शिक्षकों को बढ़ावा देते हुए भविष्य के शिक्षाविदों का विकास होगा।

- योजना को केंद्र सरकार द्वारा प्रत्यक्ष वित्त पोषण के माध्यम से लागू किया जाएगा।

- IITs, IIMs, और AICTE, NBA जैसी नियामक संस्थाएँ योजना के सफल क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाएंगी।

- इंटर्नशिप, फैकल्टी ट्रेनिंग, रिसर्च हब, स्किल लैब्स, भाषा कार्यशालाएं और इनोवेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

- इससे तकनीकी स्नातकों की रोजगार दर में सुधार होगा और बेरोजगारी कम करने में मदद मिलेगी।

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