Pati Patni Aur Woh Do Review: उलझी हुई एक पति और एक पत्नी की कहानी, जाने कैसी है फिल्म

Pati Patni Aur Woh Do Movie Review: आयुष्मान खुराना की फिल्म पति पत्नी और वो दो आज सिनेमाघरो में रिलीज हो चुकी है, जानिए कैसी है फिल्म

Update:2026-05-15 10:09 IST

Pati Patni Aur Woh Do Movie Review (Image Credit- Social Media)

Pati Patni Aur Woh Do Review: आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, रकुलप्रीत और वामिका गब्बी की फिल्म पति पत्नी और वो दो सिनेमाघरो में आज रिलीज हो चुकी है। फिल्म का मुकाबला संजय दत्त की फिल्म आखिरी सवाल से है। ये एक कॉमेडी और रोमांटिक फिल्म है। फिल्म का प्रचार फिल्म की कास्ट ने जोरो-शोरो के साथ किया है। चलिए जानते हैं,दर्शकों को कितनी पसंद आई पति पत्नी और वो दो

पति पत्नी और वो दो मूवी रिव्यू (Pati Patni Aur Woh Do Movie Review In Hindi)-

 कुशल और प्रतिभाशाली वन अधिकारी प्रजापति अपनी महत्वाकांक्षी पत्रकार पत्नी अपर्णा से बेहद प्यार करते हैं। अपर्णा बाहुबली नेता गजराज तिवारी (तिग्मांशु धूलिया) के बेटे सनी तिवारी (विशाल वशिष्ठ) के प्रेम प्रसंग का पर्दाफाश करने की कोशिश करती हैं। सनी, प्रजापति की दोस्त है और चंचल से प्रेम करती है। अपर्णा उससे मिलती है और सनी के साथ भारत छोड़ने के लिए उसकी मदद मांगती है। वन विभाग के स्टार अधिकारी प्रजापति पांडे (आयुष्मान खुराना) उस समय बड़ी मुसीबत में फंस जाते हैं जब उनकी वफादार पत्नी अपर्णा त्रिवेदी (वामिका गब्बी) उन्हें चंचल कुमारी (सारा अली खान) और फिर उनकी आपसी दोस्त नीलोफर खान (रकुल प्रीत सिंह) के साथ संदिग्ध स्थिति में देख लेती हैं। आगे क्या होता है ये जनाने के लिए आपको पूरी फिल्म देखनी होगी।

भ्रम की स्थिति अफरा-तफरी में बदल जाती है, और इसके बाद जो कुछ होता है वह एक रोमांचक सफर है जो आपको हंसा-हंसाकर लोटपोट कर देगा। 

उलझी हुई एक पति और एक पत्नी की कहानी। कुछ ऐसे किरदार जिनका कोई मतलब नहीं। कुछ मजेदार चुटकुले। समलैंगिकता विरोधी भावना, जातिवाद और एक सामाजिक संदेश कि अफवाहें बार-बार दोहराए जाने पर सच मान ली जाती हैं। 

पति पत्नी और वो दो में हर नए मोड़ के साथ ऐसा लगता है कि वो हद से ज़्यादा आगे बढ़ रहा है। लेकिन इस खुद को कॉमेडी ऑफ एरर्स कहने वाली फिल्म को जो चीज़ बचाए रखती है, वो है इसकी पागलपन हरकते। यह फिल्म तब सबसे ज़्यादा असरदार होती है जब आप इसकी बेकाबू, तर्कहीन ऊर्जा में डूब जाते हैं और बस इसके साथ बह जाते हैं। दिमाग बंद करके इस अराजकता को अपना लें, और शायद आप पूरी तरह निराश न हों। मुदस्सिर अजीज ने फिल्म की पटकथा लिखी है, निर्देशन किया है और रवि कुमार के साथ मिलकर पटकथा भी लिखी है। 


Tags:    

Similar News