Summer Season में Arthritis क्यों बढ़ जाती है परेशानी? जानें बचाव के 5 आसान उपाय
Arthritis in the Summer: गर्मी के दौरान शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन (dehydration) होने पर अर्थराइटिस और गाउट जैसी दिक्कतें अधिक बढ़ सकती हैं।
Arthritis in Summer
Arthritis in Summer: पूरे देश में इस वक़्त पड़ रही भीषण गर्मी और ‘नौतपा’ के प्रभाव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिन में तेज धूप, गर्म हवाएं और लगातार बढ़ता तापमान केवल शरीर को ही नहीं बल्कि कई पुरानी बीमारियों को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। विशेष तौर पर अर्थराइटिस (Arthritis) यानी जोड़ों के दर्द (joint pain) से जूझ रहे मरीजों के लिए यह मौसम बहुत ही चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के दौरान शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन (dehydration) होने पर अर्थराइटिस और गाउट जैसी दिक्कतें अधिक बढ़ सकती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी होने से जोड़ों में सूजन, दर्द और जकड़न की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में मरीजों को खानपान और लाइफस्टाइल (lifestyle) का विशेषतौर से ध्यान रखने की ज्यादा आवश्यकता होती है।
Dehydration-Arthritis का क्या है कनेक्शन?
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में अधिक पसीना निकलने से शरीर तेजी से डिहाइड्रेट होने लगता है। जब शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं होता तो जोड़ों के आसपास मौजूद लुब्रिकेशन प्रभावित होने लगता है, जिससे दर्द और सूजन बढ़ सकती है।
एक्सपर्ट के मुताबिक, गर्मी का प्रभाव रूमेटिक कंडीशन्स पर सीधा पड़ता है। इससे जोड़ों का दर्द फ्लेयर हो सकता है और मरीजों को चलने-फिरने में दिक्कत पैदा हो सकती है। विशेषकर रूमेटॉयड अर्थराइटिस और गाउट के मरीजों को गर्मी में ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता होती है।
ल्यूपस मरीजों के लिए भी बढ़ता है खतरा
डॉक्टरों के मुताबिक, ल्यूपस जैसी ऑटोइम्यून बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए भी गर्मी नुकसानदायक साबित हो सकती है। तेज धूप और हाई यूवी रेज के संपर्क में आने से स्किन पर रैशेज, जलन और जोड़ों में दर्द बढ़ सकता है। कई मामलों में बीमारी के पुराने लक्षण फिर से उभरने लगते हैं।
बता दे, ल्यूपस में शरीर का इम्यून सिस्टम अपने ही हेल्दी सेल्स और अंगों पर हमला करने लगता है, जिससे स्किन, किडनी, फेफड़े और दिमाग में सूजन की दिक्कतें हो सकती है।
Painkillers और किडनी पर प्रभाव
अर्थराइटिस के कई मरीज लंबे वक़्त तक दर्द की दवाइयों का सेवन करते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इन दवाइयों का प्रभाव किडनी पर पड़ सकता है। अगर गर्मियों में मरीज डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाए तो किडनी की परेशानी और बढ़ सकती है। यही कारण है कि डॉक्टर ऐसे मरीजों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह देते हैं।
गर्मी में Arthritis मरीज कैसे रखें अपना ख्याल?
सबसे पहले - भरपूर पानी पिएं
यदि डॉक्टर ने पानी सीमित करने की सलाह नहीं दी है तो पूरे दिन में 3-4 लीटर पानी अवश्य पिएं। इससे शरीर हाइड्रेट रहेगा और जोड़ों पर दबाव कम होगा।
दूसरा - धूप से बचें
दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। आवश्यकता पड़ने पर सनस्क्रीन (sunscreen) का प्रयोग करें।
तीसरा - छाता और फेस कवर करें
घर से बाहर निकलते वक़्त छाता लेकर जाएं और चेहरे को कपड़े या स्कार्फ से ढकें।
चौथा - ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें
गर्मी में हमेशा हल्के, सूती और ब्रीदेबल कपड़े पहनें ताकि शरीर ठंडा रहे और पसीना कम आए।
पांचवां - पानी से भरपूर चीजें खाएं
तरबूज, खीरा, ककड़ी और नारियल पानी जैसी चीजें डाइट में शामिल करें। ये शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायता करती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में थोड़ी सी लापरवाही अर्थराइटिस मरीजों की परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए सही खानपान, पर्याप्त पानी और धूप से बचाव बहुत आवश्यक है।