रोज़ सुबह 15 मिनट नंगे पैर चलने के क्या फायदे होते हैं? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट दे रहे इसकी सलाह
Nange Pair Chalne Ke Fayde: रोज़ाना नंगे पैर चलने से स्वास्थ्य को क्या फायदे मिलते हैं और रोज कितनी देर नंगे पैर चलना चाहिए। जानने के लिए लेख पूरा पढ़ें...
Nange Pair Chalne Ke Fayde (photo: social media)
Nange Pair Chalne Ke Fayde: प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर टहलना स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन क्या वाकई नंगे पैर चलने के सबसे बड़े फायदों के बारे में जानते हैं? विशेषकर आयुर्वेद में प्रतिदिन कुछ समय निकालकर नंगे पैर चलने की सलाह दी जाती है। आज हम आपको एक आयुर्वेदिक एक्सपर्ट के मुताबिक बताएंगे कि ऐसा रोज़ करने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा आपको ये भी बताएंगे कि रोज़ाना कितनी देर नंगे पैर चलना चाहिए, नंगे पैर चलने का सही वक़्त क्या है और ऐसा करते हुए किन-किन बातों को ध्यान में रखना आवश्यक है।
एक्सपर्ट का क्या कहना है ?
इसे लेकर MD (आयुर्वेद) डॉक्टर मनीषा मिश्रा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है। वीडियो में डॉक्टर विस्तार से बता रही हैं कि नंगे पैर चलना केवल एक साधारण आदत नहीं है, बल्कि यह आपके स्वास्थ्य को रीसेट करने का एक सरल तरीका है।
रोज़ाना नंगे पैर चलने के लाभ :
डॉक्टर मनीषा के मुताबिक, आयुर्वेद में वायु, पित्त और कफ तीनों का संतुलन एक अच्छी सेहत की जड़ माना जाता है। वहीं, नंगे पैर चलने से ये तीनों दोष का संतुलन बना रहता है।
- रोज़ाना सुबह नंगे पैर चलने से पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और बॉडी पोस्चर भी बेहतर होता है।
- आयुर्वेदिक के मुताबिक, जिन लोगों को एड़ी में दर्द या पैरों में सूजन की समस्या बनी रहती है, उनके लिए नंगे पैर चलना एक प्राकृतिक इलाज जैसा काम करता है।
- नंगे पैर चलने से नसों पर हल्का दबाव महसूस होता है, जिससे मन शांत रहता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है।
- इन सब से अलग डॉक्टर का कहना है, मिट्टी या घास पर चलने से शरीर की नेगेटिव एनर्जी बाहर निकल जाती है, जिससे आप अधिक एक्टिव महसूस करते हैं।
दिन में कितनी देर नंगे पैर चलना चाहिए?
डॉक्टर मनीषा के मुताबिक, प्रतिदिन 10 से 15 मिनट मिट्टी, घास या रेत पर नंगे पैर चलना ही चाहिए। कंक्रीट (सीमेंटेड जगह) पर नंगे पैर चलने से बचें।
नंगे पैर चलने का सही अच्छा वक़्त क्या है?
डॉक्टर के मुताबिक, सुबह और शाम का वक़्त टहलने के लिए सबसे बेहतर माना गया है। आयुर्वेद में, नंगे पैर चलने का सबसे सही मौमस बसंत ऋतु (फरवरी से अप्रैल) माना जाता है। इस मौसम में हमारे शरीर में कफ दोष अधिक सक्रिय होता है। ऐसे में घास, मिट्टी या रेत पर नंगे पैर चलना कफ को संतुलित करता है और शरीर में नई ऊर्जा भरता है। हालांकि, सिर्फ इस मौसम से अलग भी आप प्रतिदिन सुबह और शाम ऐसा कर सकते हैं।
वैसे तो सभी के लिए रोज़ाना नंगे पैर चलना एक छोटा-सा कदम हो सकता है लेकिन इससे आपको एक साथ कई बड़े फायदे मिल सकते हैं। ऐसे में आप भी रोज कुछ मिनट घास या मिट्टी पर नंगे पैर चलने की आदत अवश्य डालें।
Disclaimer: ये सलाह सिर्फ सामान्य जानकारी प्रदान करती है। Newstrack.com इसकी पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए आप अपने विशेषज्ञ या चिकित्सक से संपर्क करें।