CJP का अगला मिशन तय! अभिजीत दीपके ने कर दिया बड़ा ऐलान, बोले- 'अब चुनाव से भी...'

CJP Next Mission Revealed: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अपने अगले मिशन का ऐलान कर दिया है। NEET प्रदर्शन के बाद CJP अब 'स्कूल ठीक करो' अभियान के जरिए शिक्षा व्यवस्था और नागरिक अधिकारों के मुद्दे उठाएगी। साथ ही दीपके ने साफ किया कि उनकी मुहिम सिर्फ चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रहेगी।

Update:2026-09-11 09:31 IST

CJP Next Mission Revealed: देश के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में एक अनोखा और चर्चित मोड़ देखने को मिल रहा है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के प्रमुख और चर्चित युवा चेहरे अभिजीत दीपके ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी मुहिम सिर्फ वोट हासिल करने या चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है। हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने अमेरिका से भारत वापस आने के अपने बड़े फैसले, कॉकरोच आंदोलन के सफर और इस मंच के भविष्य को लेकर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अब जब वे इस लड़ाई के मैदान में उतर ही चुके हैं, तो देश में नागरिक अधिकारों और प्रशासनिक जवाबदेही को जिंदा रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी और एक अनोखी शुरुआत

महज 30 वर्ष के अभिजीत दीपके ने इस साल मई के महीने में देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया के जरिए 'कॉकरोच जनता पार्टी' की नींव रखी थी। शुरुआत में यह एक सांकेतिक तंज और व्यंग्यात्मक अभियान था, लेकिन देखते ही देखते इस विचार ने देश भर के युवाओं और आम नागरिकों को अपनी तरफ खींच लिया। लाखों की संख्या में लोग इस डिजिटल आंदोलन से जुड़ते चले गए और दीपके एक चर्चित शख्सियत बन गए। इसके बाद अमेरिका से स्वदेश लौटकर दीपके और उनके साथियों ने दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा पर्चा लीक मामले को लेकर विशाल प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।

'देश विरोधी' का तमगा लगने से आहत हुए अभिजीत

अभिजीत दीपके ने स्वीकार किया कि सत्ता पक्ष और सरकारी तंत्र की एक बात उन्हें बेहद गहराई से चुभ गई थी। उन्हें 'राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा' और 'देश विरोधी' जैसे कड़े शब्द कहे जाने पर बहुत गहरा दुख पहुंचा था। दीपके ने बताया कि उनके स्वजनों और कानूनी सलाहकारों ने सुरक्षा कारणों से भारत न लौटने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद उन्होंने स्वदेश आने का साहसिक कदम उठाया। उनका कहना था कि जब विदेशी सरजमीं पर रहने के दौरान उनकी अपनी ही सरकार उनके साथ खड़े होने के बजाय उन्हें खतरा बताने लगी, तो उन्होंने खुद भारत आकर सच साबित करने का प्रण लिया। वे अपने देश से बहुत प्यार करते हैं, भले ही उनका तरीका सरकार की पसंद से अलग हो।

'स्कूल ठीक करो' मुहिम और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा

परीक्षा धांधली के खिलाफ सफल प्रदर्शन के बाद इस युवा आंदोलन ने अपनी दिशा बदलते हुए अब 'स्कूल ठीक करो' जैसा राष्ट्रव्यापी अभियान छेड़ा है। सीजेपी के कार्यकर्ता और समर्थक देश भर के सरकारी विद्यालयों की दयनीय हालत, बुनियादी सुविधाओं की कमी और शिक्षा के गिरते स्तर को प्रमुखता से उठा रहे हैं। दीपके का मानना है कि देश की वास्तविक तरक्की तभी संभव है जब हर बच्चे को बेहतर और सुरक्षित शिक्षा का अधिकार मिले।

चुनावी राजनीति से परे एक बड़े बदलाव की ओर कदम

अपनी भविष्य की रणनीति पर खुलकर बोलते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि वे इस पूरी मुहिम को किसी साधारण राजनीतिक दल या चुनाव की चौखट तक समेटना नहीं चाहते। उनका मानना है कि हमारे समाज में राजनीति को सिर्फ चुनावों और पार्टियों के इर्द-गिर्द सीमित कर दिया गया है, जिसे वे बदलना चाहते हैं। उनका मुख्य लक्ष्य जनता को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाना है। वे एक ऐसी प्रणाली का निर्माण करना चाहते हैं जहां सरकार में चाहे कोई भी दल बैठा हो, आम नागरिक बिना किसी डर के उससे जवाब मांग सके और नीतिगत बदलाव ला सके।

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