‘मैं अब गांव जा रहा हूं…’, प्रदर्शन छोड़ महाराष्ट्र क्यों रवाना हुए दीपके? बोले- तानाशाही का अंत शुरू

Abhijeet Dipke Leaves: सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद दादी के अंतिम संस्कार के लिए हिंगोली रवाना हुए। उन्होंने कहा- तानाशाही के अंत की शुरुआत हो चुकी है।

Update:2026-10-11 15:53 IST

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Abhijeet Dipke Leaves: दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके अपने गांव के लिए रवाना हो गए हैं। शनिवार को उनकी दादी का निधन हो गया था और अभी उनका अंतिम संस्कार भी नहीं किया गया है। ऐसे में अभिजीत दीपके अंतिम दर्शन के लिए महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित अपने गांव जा रहे हैं।

रिहाई के बाद अभिजीत दीपके ने कहा कि अब तानाशाही के अंत की शुरुआत हो चुकी है और 10 अक्टूबर का दिन याद रखा जाएगा। वहीं, सीजेपी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जा चुकी है, जिसमें सौरव दास और आशुतोष रांका ने आंदोलन और हिरासत को लेकर अपनी बात रखी।

50 हजार के मुचलके पर रिहा हुए दीपके

अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका शनिवार सुबह मुंबई से एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे थे। तीनों के दिल्ली पहुंचते ही दिल्ली पुलिस फ्लाइट में ही उन्हें हिरासत में लेने पहुंच गई।

हिरासत में लिए जाने के बाद तीनों को अलग-अलग जगहों पर रखा गया। रविवार को तीनों को दिल्ली कैंट पुलिस थाने में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। यहां तीनों को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

दादी के अंतिम संस्कार के लिए गांव रवाना

रिहाई के बाद अभिजीत दीपके ने अपने गांव जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शनिवार को उनकी दादी का निधन हो गया है और अभी उनका अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। इसी वजह से वह महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित अपने गांव जा रहे हैं, ताकि दादी के अंतिम दर्शन कर सकें।

दीपके ने इसी दौरान कहा कि अब तानाशाही के अंत की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने 10 अक्टूबर के दिन को याद रखने की बात भी कही।

सीजेपी ने हिरासत को बताया गैरकानूनी

सीजेपी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को करीब 24 घंटे तक एहतियातन हिरासत में रखा। इसके बाद दिल्ली की कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने सीजेपी के तीनों नेताओं को रिहा कर दिया।

सीजेपी ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान की गई कथित मनमानी हिरासतों की आलोचना हो रही है और उन्हें कानूनी चुनौती भी दी जा रही है।

सीजेपी ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर भी तीनों नेताओं की रिहाई को लेकर पोस्ट किया। पार्टी ने कहा कि आखिरकार दिल्ली पुलिस को अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘कॉकरोच कभी नहीं मरते।’

वहीं, इससे पहले दिल्ली पुलिस ने एक्स (X) पर अपने पोस्ट में कहा था कि सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद तीनों को एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, रविवार को तीनों को दिल्ली कैंट स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट यानी एसईएम (SEM) की अदालत में पेश किया गया।

विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया 

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश के दौरान विपक्ष के कई नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई। इनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार शामिल हैं। इन नेताओं को भी प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया था।

कनॉट प्लेस में फिर प्रदर्शन

इस बीच दिल्ली के कनॉट प्लेस में आज फिर लेफ्ट के कार्यकर्ता और अन्य युवा प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है।

सीजेपी के नेताओं की रिहाई और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई के बीच दिल्ली में प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। वहीं, अभिजीत दीपके अपनी दादी के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार के लिए महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित अपने गांव रवाना हो गए हैं।

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