'सड़कों में गड्ढे, हर तरफ फडणवीस के बैनर! CM के खिलाफ दीपके ने खोला मोर्चा, बोले- 'बैनरबाजी में बर्बाद...'
Abhijeet Dipke Slams Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पोस्टरों और बैनरों को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। CJP नेता अभिजीत दीपके ने सरकारी खर्च पर सवाल उठाते हुए ग्रामीण स्कूलों और खराब सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाया है।
Abhijeet Dipke Slams Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र की राजनीति में पोस्टरों और बैनरों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला है। छत्रपति संभाजीनगर में तिरंगा यात्रा के अवसर पर लगाए गए मुख्यमंत्री के ढेरों पोस्टरों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं को कटघरे में खड़ा किया है। दीपके ने आरोप लगाया है कि जनता के पैसों को अपनी ब्रांडिंग में लुटाने के बजाय गांवों की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और सड़कों को सुधारने में लगाया जाना चाहिए।
'स्कूलों के रास्तों पर गड्ढे और सड़कों पर केवल बैनर'
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए सरकार को घेरा है। इस वीडियो में छत्रपति संभाजीनगर शहर की सड़कों पर लगे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनगिनत बैनर साफ देखे जा सकते हैं। दीपके ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वे जैसे ही अपने गृहनगर पहुंचे, तो हर तरफ सिर्फ मुख्यमंत्री के बड़े-बड़े पोस्टर ही नजर आए। उन्होंने कहा कि देश भक्ति की तिरंगा रैली का स्वागत है, लेकिन इस तरह सरकारी धन की फिजूलखर्ची बिल्कुल गलत है। गांव के बच्चे अच्छी सड़कों और बेहतर स्कूलों के लिए तरस रहे हैं।
नीट आंदोलन की सफलता के बाद नया मुकाम
उल्लेखनीय है कि अभिजीत दीपके वही युवा नेता हैं जिन्होंने नीट पेपर लीक मामले पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल और सफल छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था। एक महीने से अधिक समय तक चले उस ऐतिहासिक आंदोलन के भारी दबाव के कारण ही धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा तक देना पड़ गया था। इस अभूतपूर्व सफलता के बाद अब सीजेपी फाउंडर ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा अभियान शुरू करने का ऐलान कर दिया है, जिससे राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
15 अगस्त से शुरू होगा 'स्कूल ठीक करो' अभियान
नीट मामले में छात्रों को न्याय दिलाने के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी ने 'स्कूल ठीक करो' नामक नए राष्ट्रव्यापी अभियान का बिगुल बजा दिया है। इस अभियान की आधिकारिक शुरुआत 15 अगस्त के शुभ अवसर से होने जा रही है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारना और वहां पढ़ने वाले बच्चों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना है। दीपके ने स्पष्ट किया है कि वे इस अभियान के जरिए सरकार पर ग्रामीण शिक्षा के स्तर को सुधारने का दबाव बनाएंगे।
हिंगोली के अपने गांव से करेंगे मुहिम की शुरुआत
अभिजीत दीपके ने जानकारी दी है कि वे इस 'स्कूल ठीक करो' अभियान का आगाज महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित अपने पैतृक गांव से करेंगे। इस पहल के तहत ग्रामीण स्कूलों की जमीनी हकीकत उजागर की जाएगी। अभियान में छात्रों के अभिभावकों, स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों को सीधे जोड़ा जाएगा। स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति और सुधार के बाद की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करके सरकार की पोल खोली जाएगी। इसके साथ ही जनता की मदद से सरकारी स्कूलों का सोशल ऑडिट भी कराया जाएगा।
जनता के पैसे के सही इस्तेमाल की उठाई मांग
अभिजीत दीपके के इस ताजा हमले के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सीजेपी का साफ मानना है कि जब तक गांवों में बच्चों को पढ़ने के लिए अच्छे कमरे, बैठने के लिए बेंच और स्कूल जाने के लिए सुरक्षित सड़कें नहीं मिल जातीं, तब तक ऐसे महंगे प्रचार आयोजनों का कोई औचित्य नहीं है। अब देखना यह होगा कि 15 अगस्त से शुरू हो रहे इस जमीनी आंदोलन का राज्य की राजनीति और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर कितना गहरा असर पड़ता है।