RG Kar केस में गिरफ्तार पूर्व TMC विधायक पर टूट पड़ी भीड़! थाने के बाहर ही लोगों ने बरसाए जूते-चप्पल, ‘चोर-चोर’ के लगाए नारे
RG Kar Case Accused Arrest Row: आरजी कर केस में पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष की गिरफ्तारी के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। थाने से कोर्ट ले जाते समय भीड़ ने जूते-चप्पल, अंडे और कीचड़ फेंके और 'चोर-चोर' के नारे लगाए।
RG Kar Case Accused Arrest Row: कोलकाता के बहुचर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ हुई जघन्य वारदात मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पीड़िता के शव का हड़बड़ी में अंतिम संस्कार करवाने के आरोप में पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक निर्मल घोष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके के लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। आरोपी नेता को पुलिस कस्टडी में लेते ही स्थानीय जनता का गुस्सा सड़कों पर खुलकर सामने आ गया और लोग नारेबाजी करने लगे।
थाने के बाहर बेकाबू हुई उग्र भीड़
शुक्रवार को जब पुलिस टीम निर्मल घोष को थाने से बाहर निकालकर कोर्ट ले जाने वाली गाड़ी की तरफ बढ़ रही थी, तब वहां खड़ी भीड़ उग्र हो गई। सुरक्षा बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने आरोपी के सिर पर हेलमेट लगा रखा था, फिर भी भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। आक्रोशित लोगों ने पूर्व विधायक पर जूते, चप्पल, अंडे और कीचड़ फेंके। इस दौरान पानिहाटी के पूर्व पार्षद संजीव मुखर्जी को भी जनता के विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्हें एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था।
पीड़ित पिता की नई शिकायत के बाद एक्शन
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत मृतका के पिता द्वारा दर्ज कराई गई नई शिकायत के बाद हुई। पिता का आरोप है कि निर्मल घोष ने अपने राजनीतिक पद का गलत इस्तेमाल करते हुए परिवार की मर्जी के बिना शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवाया था। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस ने तेजी से कदम उठाते हुए यह गिरफ्तारी की। अब पुलिस प्रशासन दोनों आरोपियों को 14 दिन की रिमांड पर लेने की तैयारी में जुटा हुआ है, ताकि मामले के छिपे हुए राज उजागर किए जा सकें।
अदालत परिसर में लगे 'चोर-चोर' के नारे
जब पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर बैरकपुर अदालत पहुंची, तो वहां का माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिसर में इकट्ठा लोगों ने दोनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 'चोर-चोर' के नारे लगाए। कोर्ट से सामने आई तस्वीरों में पूर्व विधायक और उनके सहयोगी के सफेद कपड़ों पर कीचड़ तथा अंडों के दाग साफ देखे जा सकते थे। इस मामले का तीसरा नामजद आरोपी सोमनाथ दे अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
सबूत मिटाने की बड़ी साजिश का आरोप
उल्लेखनीय है कि 9 अगस्त 2024 को अस्पताल में डॉक्टर के साथ जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया था। इस मामले में संजय रॉय को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। हालांकि, पीड़िता के परिजनों का कहना है कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी थी। परिवार का मानना है कि जानबूझकर रात के अंधेरे में अंतिम संस्कार करवाया गया, ताकि दूसरा पोस्टमार्टम न हो सके और हत्या से जुड़े अहम सबूत मिटाए जा सकें और सच कभी बाहर न आ सके।
राजनीतिक तापमान चढ़ा, उठने लगीं कड़ी मांगें
पूर्व विधायक की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हड़कंप मच गया है। विपक्षी नेताओं ने इस मामले पर सरकार को घेरते हुए निष्पक्ष और गहन जांच की मांग तेज कर दी है। विपक्षी दलों का कहना है कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि क्या यह सब किसी बड़े नेता के निर्देश पर हुआ था। फिलहाल पुलिस प्रशासन इस हाई-प्रोफाइल मामले के हर एक पहलू की बारीकी से जांच करने में जुटा हुआ है, ताकि सभी दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।