पलक झपकते ही मौत का तांडव... सिस्टम फेल या लापरवाही? 90 दिन में खुलेगा पूरा सच
Ahmedabad Plane Crash Probe Orders: अहमदाबाद विमान हादसे में सरकार ने समिति का गठन किया है, जिसे तीन महीने में रिपोर्ट पेश करनी होगी।
Ahmedabad Plane Crash Probe Orders
Ahmedabad Plane Crash Probe Orders: गुजरात के अहमदाबाद में हुए विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में 12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट AI- 171, जो लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी, उड़ान भरने के कुछ सेकेंड बाद ही एक बिल्डिंग से टकराकर चकनाचूर हो गई। इर दर्दनाक हादसे में 270 लोगों की जान चली है, जिनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। इस भयावह हादसे में चमत्कारिक रूप से सिर्फ एक यात्री जिंदा बच पाया है।
अब इसी हादसे की तह तक पहुंचने के लिए केंद्र सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के लिए बहु विषयक समिति का गठन किया है। इस समिति को हादसे के कारणों की जांच करनी है और मौजूदा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की समीक्षा करनी है। साथ ही भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए दिशा-निर्देश भी तैयार करना है। इसे लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिया है।
जांच समिति में कौन-कौन होंगे शामिल?
इस जांच समिति की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्रालय के गृह सचिव करेंगे। उनके साथ इस समिति में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव, गृह मंत्रालय के अतिरिक्त या संयुक्त सचिव, गुजरात सरकार से प्रतिनिधि, गुजरात राज्य आपदा प्रतिक्रिया प्राधिकरण के प्रतिनिधि, गुजरात पुलिस महानिदेशक (DGP), अहमदाबाद पुलिस आयुक्त, भारतीय वायुसेना महानिदेशक, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो/महानिदेशक BCAS, DGCA के महानिदेशक, खुफिया ब्यूरों के विशेष निदेशक और फोरेंसिक विज्ञान सेवा निदेशालय के निदेशक भी शामिल होंगे।
यह समिति कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर, फ्लाइट डाटा, ATC लॉग, विमान मेंटेनेंस रिपोर्ट, गवाहों की गवाही और स्टाफ के इंटरव्यू की जरिए जांच करेगी।
तीन महीने में सब्मिट करनी होगी रिपोर्ट
सरकार ने इस समिति को रिपोर्ट पेश करने के लिए समयसीमा भी तय की है। इसके लिए सरकार ने तीन महीने दिए हैं। अब समिति को अहमदाबाद विमान हादसे को लेकर तीन महीनों के अंदर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके लिए समिति को पूरी छूट भी दी गई है। ऐसे में यह विमान दुर्घटना सिर्फ एक तकनीकी चूक थी या इसके पीछे कुछ और कारण थे, इसके जवाब के लिए तीन महीनों का इंतजार करना होगा।
DGCA का बड़ा आदेश
समिति गठन से पहले गत शुक्रवार को DGCA ने भी 787 ड्रीमलाइनर विमानों की जांच के आदेश दिए थे। इसके तहत विमान के ईंधन, हाइड्रोलिक, इंजन कंट्रोल, एयर कंप्रेसर और टेकऑफ से जुड़े तकनीकी मानकों की जांच की जाएगी। वहीं DGCA ने पावर एश्योरेंस चेक अनिवार्य कर दिया और 15 दिनों में तकनीकी खराबियों की समीक्षा के आधार पर मरम्मत किए जाने का आदेश दिया। जांच के बाद इसकी रिपोर्ट को एयरलाइन को DGCA को सौंपनी होगी।