'चीन ने रोकी हमारी सेना की गश्त...', अरुणाचल सीमा पर राहुल गांधी का बड़ा दावा; बोले- देश से क्यों छिपाई जा रही बात?
राहुल गांधी ने दावा किया कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय जवानों की गश्त रोक दी है। कांग्रेस ने PM मोदी से स्थिति स्पष्ट करने और सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की मांग की।
Rahul Gandhi, China India border dispute: भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि अरुणाचल प्रदेश के कुछ अहम इलाकों में चीनी सेना भारतीय जवानों को पेट्रोलिंग यानी गश्त करने से रोक रही है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सीमा पर सामने आ रही इस गंभीर स्थिति को देश के सामने रखने के बजाय सरकार इसे दबाने की कोशिश कर रही है।
पीटीआई भाषा के मुताबिक, 'रचनात्मक कांग्रेस' के एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह पर सीमा सुरक्षा के मामले में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने 2020 के गलवान संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के सार्वजनिक बयानों का इस्तेमाल चीन बातचीत की मेज पर भारत के खिलाफ अपने दावे मजबूत करने के लिए करता है।
राहुल गांधी का सवाल- सीमा पर क्या हो रहा है?
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि अगर चीन भारतीय सैनिकों की उन जगहों तक पहुंच रोक रहा है जहां पहले भारतीय सेना नियमित रूप से गश्त करती थी, तो देश को इसकी पूरी जानकारी क्यों नहीं दी जा रही है?
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का ध्यान सीमा की वास्तविक स्थिति से ज्यादा अपने राजनीतिक ढांचे को मजबूत करने पर है। राहुल के मुताबिक, चीन के साथ सीमा पर किसी भी तरह का दबाव या बदलाव केवल सैन्य मुद्दा नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।
तवांग को लेकर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भी अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र में भारतीय पेट्रोलिंग प्वाइंट्स तक पहुंच बाधित किए जाने की खबरों पर चिंता जताई। उन्होंने इसे भारतीय क्षेत्र में चीन के कथित बढ़ते दबाव और अतिक्रमण की कोशिशों से जोड़ते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
खुर्शीद ने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने जून में ही इस समस्या को राज्य और केंद्र सरकार के संज्ञान में ला दिया था। ऐसे में कांग्रेस का सवाल है कि अगर सरकार को पहले से इसकी जानकारी थी, तो अब तक इस पर सार्वजनिक रूप से स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई?
कांग्रेस ने PM मोदी से मांगा सीधा जवाब
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में देश के सामने स्थिति साफ करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सीमा पर जमीन की वास्तविक स्थिति को लेकर किसी तरह की अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस ने इसके साथ ही सीमा क्षेत्र का जायजा लेने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की मांग की है। पार्टी का तर्क है कि भारत-चीन सीमा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक दलों को भरोसे में लिया जाना चाहिए और चीन के साथ होने वाली आगामी बैठकों में इस कथित मुद्दे को मजबूती से उठाया जाना चाहिए।
गलवान के बाद फिर सीमा पर बड़ा सियासी सवाल
2020 के गलवान संघर्ष के बाद भारत और चीन के रिश्तों में तनाव का दौर जारी रहा है। ऐसे में अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना की कथित पेट्रोलिंग को लेकर राहुल गांधी का यह दावा राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है।
हालांकि, राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों के बीच केंद्र सरकार की ओर से इस दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया या जमीनी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि को अलग से देखना जरूरी है। सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दे पर आरोपों और आधिकारिक तथ्यों के बीच अंतर स्पष्ट होना बेहद महत्वपूर्ण है।
अब बड़ा सवाल यही है: अगर भारतीय जवानों की पेट्रोलिंग को वास्तव में कहीं रोका गया है, तो इसकी वजह क्या है और सरकार इस पर देश को कब पूरी जानकारी देगी?