बिहार... अब योगी आदित्यनाथ का 'बुलडोजर' चाहता है? कांप उठे विरोधी दल, ‘जंगलराज बनाम सुशासन’ बना नया चुनावी नैरेटिव!
योगी की हर रैली में भीड़ का सैलाब उमड़ रहा है, और लोगों के बीच जमकर नारा गूंज रहा है — “बुलडोजर चाहिए, बुलडोजर बाबा चाहिए!”
Bihar Election 2025 -Yogi Adityanath Bihar Rally (photo: social media)
Bihar Election 2025: बिहार में इस वक़्त चुनावी माहौल अपने चरम पर है। जहां एक तरफ महागठबंधन अपने जनाधार को बचाने में जुटा हुआ है, तो वहीं दूसरी तरफ NDA प्रचार अभियान में सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। इन दिनों बिहार की धरती पर 'बुलडोजर बाबा' का जलवा सिर चढ़कर बोल रहा है। योगी की हर रैली में भीड़ का सैलाब उमड़ रहा है, और लोगों के बीच जमकर नारा गूंज रहा है — “बुलडोजर चाहिए, बुलडोजर बाबा चाहिए!”
बिहार चुनाव 2025 में योगी आदित्यनाथ NDA के ‘सुपर स्टार प्रचारक’ के रूप में सामने आये हैं। पूर्वी चंपारण और गया में हुई उनकी ताजा रैलियों में बड़ी संख्या में भीड़ देखने को मिली। योगी ने जंगलराज बनाम सुशासन का मुद्दा उठाते हुए महागठबंधन पर तगड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बिहार को फिर से अपराध और माफियागिरी के दौर में नहीं लौटने देना चाहिए।
योगी ने कहा, “अपराधियों के लिए हमने यूपी में बुलडोजर खड़ा किया हुआ है। यूपी का माफिया जब बुलडोजर देखता है, तो उसकी हड्डी और पसली एक हो जाती है। अब बिहार में भी अब यही मॉडल चाहिए।” उनकी यह बात सुनकर सभा में मौजूद भीड़ 'बुलडोजर बाबा जिंदाबाद' के नारे लगाने लगी। इतना ही नहीं... कई समर्थक तो बुलडोजर पर सवार होकर ही योगी की रैली में पहुंचे।
‘जंगलराज बनाम सुशासन’ बना बिहार का नया चुनावी नैरेटिव
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषणों में स्पष्टरूप से कहा कि बिहार को ‘जंगलराज’ नहीं, ‘सुशासन’ चाहिए। उन्होंने महागठबंधन पर तगड़ा निशाना साधते हुए कहा कि उनके प्रत्याशी पर 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। योगी ने कहा, "ऐसे लोग अगर यूपी में चुनाव लड़ते, तो जनता उन्हें कभी भी बर्दाश्त नहीं करती"।
उन्होंने यूपी के बुलडोजर मॉडल, राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और सुशासन जैसे मुद्दों को अपने भाषण का मुख्य केंद्र बनाया। योगी ने कहा कि अब नक्सलवाद और माओवाद को “यमराज के घर की टिकट” मिल चुकी है।
बिहार में निरंतर दिख रहा ‘बुलडोजर बाबा’ का क्रेज
इस बात बिहार की जनता के बीच योगी आदित्यनाथ का क्रेज इतना अधिक बढ़ गया है कि NDA गठबंधन में शामिल अन्य दलों के उम्मीदवार भी उन्हें अपनी रैलियों में बुलाने की मांग कर रहे हैं। 16 अक्टूबर को पटना के दानापुर से प्रचार अभियान की शुरुआत करने वाले योगी अब तक बिहार में 29 रैलियां और 2 रोड शो कर चुके हैं। इसके अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में योगी का स्ट्राइक रेट 70% से 100% तक रहा है। यही बड़ा कारण है कि बिहार में भी उम्मीदवार उनकी रैली को 'जीत की गारंटी' मान रहे हैं।
बुलडोजर एक्शन की गूंज यूपी से असम तक...
जब योगी बिहार में 'माफियाओं' पर निशाना साध रहे थे, उसी वक्त यूपी के वाराणसी और असम के गुवाहाटी में बुलडोजर एक्शन चल रहा था। वाराणसी के दाल मंडी इलाके में अवैध निर्माण पर प्रशासन ने हथौड़े और रॉड से कार्रवाई की, जबकि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा के आदेश पर गुवाहाटी में एक मस्जिद पर बुलडोजर चला। इससे यह संदेश स्पष्ट हो गया कि 'सुशासन मॉडल' केवल भाषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में बुलडोजर का प्रतीक बन चुका है।
बिहार चुनाव 2025 में योगी आदित्यनाथ का प्रचार अभियान NDA की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। उनका बुलडोजर मॉडल, हिंदुत्व का तेवर और सुशासन का संदेश बिहार के मतदाताओं पर गहरी छाप छोड़ रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि 14 नवंबर को 2025 आने वाले परिणामों में यह ‘बुलडोजर इफेक्ट’ बिहार की सत्ता की दिशा तय करता है या नहीं।