नीतीश कुमार का ‘ट्रिपल पॉवर’! जिसने बना दिया ‘सुशासन बाबू’ को बिहार का किंग; ऐसे बने ’अजेय’ नेता
Nitish Kumar: चुनाव नतीजों के अनुसार भाजपा और जेडीयू गठबंधन 190 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाये हुए है। बिहार में नीतीश कुमार की जीत की सबसे बड़ी वजह आधी आबादी बनी है।
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Nitish Kumar News: बिहार चुनाव परिणाम 2025 से यह साबित हो गया है कि नीतीश कुमार के सामने कोई भी टिक नहीं सकता है। फिर सत्ता का ताज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ही सिर पर सजेगा। 10वीं बार बिहार की बागडोर नीतीश कुमार के हाथ में आ जाएगी। एनडीए गठबंधन बिहार में निर्णायक जीत की ओर बढ़ती जा रही है। चुनाव नतीजों के अनुसार भाजपा और जेडीयू गठबंधन 190 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाये हुए है। बिहार में नीतीश कुमार की जीत की सबसे बड़ी वजह आधी आबादी बनी है। महिला वोटर्स की पहली पसंद नीतीश कुमार रहे और परंपरागत मतदाताओं के दम पर नीतीश कुमार सत्ता में वापसी करने जा रहे है। इसके साथ ही नीतीश कुमार की बेदाग और सुशासन बाबू की छवि ने भी गहरा असर छोड़ा है।
नीतीश कुमार पर मतदाताओं का भरोसा कायम
बिहार में लगभग 20 साल के शासन के दौरान नीतीश कुमार पर मतदाताओं का भरोसा कायम रहा। काफी लंबे समय तक सत्ता संभालने वाले नीतीश कुमार पर आज तक भ्रष्टाचार का कोई भी आरोप नहीं लगा। इसके साथ ही नीतीश कुमार पर परिवारवाद का भी दाग नहीं लग सका। इसके साथ ही शराबबंदी, महिलाओं के लिए रोजगार योजना जैसे कार्यक्रमों ने नीतीश की छवि को मजबूत बनाया।
नीतीश को मिला महिलाओं का साथ
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले परंपरागत मतदाताओं को साधने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की घोषणा की। बिहार सरकार ने 1.5 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी। इससे पहले भी महिला मतदाताओं के रिझाने के लिए नीतीश सरकार ने कई योजनाओं का ऐलान किया। जिसका चुनाव में नीतीश को काफी लाभ हुआ।
नीतीश का जंगलराज पर वार
इसके साथ ही मुख्यमंत्री पद पर बैठने के बाद से ही नीतीश कुमार को सुशासन बाबू की पहचान मिली। उन्होंने बिहार में जंगलराज की छवि पर प्रहार किया। चुनाव प्रचार के दौरान भी एनडीए ने लालू यादव के कार्यकाल के ’जंगलराज’ के मुद्दे को उठाया। जिसका असर भी चुनाव परिणामों में देखने को मिला। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह ने भी अपनी रैलियों में नीतीश कुमार के सुशासन की जमकर तारीफ की। नीतीश की शानदार और बेदाग छवि का असर नतीजों के रूप में सामने आया।