Bihar MLC Election: तेज प्रताप को MLC बनाएंगे तेजस्वी? एक फैसले पर टिकी सबकी निगाहें
Bihar MLC Election: बिहार एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक है। राजद में तेजस्वी यादव के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं कि वे शिवचंद्र राम को मौका देंगे या तेज प्रताप यादव को।
Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए पर्चा दाखिल करने की आखिरी तारीख 8 जून नजदीक आ चुकी है, लेकिन सियासी दलों के भीतर की तस्वीर अब तक पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कोटे की एक सीट और मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कैंडिडेट को लेकर सस्पेंस लगातार गहरा रहा है। राजनीतिक हलकों में इस समय नीतीश सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश के भविष्य और राजद के संभावित चेहरे को लेकर सबसे ज्यादा कयासबाजी हो रही है।
एनडीए का समीकरण और दीपक प्रकाश पर सस्पेंस
परिषद की कुल 10 सीटों में से 9 पर एनडीए ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। इसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने चार-चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के हिस्से एक सीट आई है। इसके बावजूद एक सीट को लेकर समीकरण अब भी उलझा हुआ है। इसी वजह से मंत्री दीपक प्रकाश के सियासी सफर को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि गठबंधन उनके लिए क्या रास्ता निकालता है।
राजद में उम्मीदवारी को लेकर कशमकश
दूसरी तरफ, संख्या बल के हिसाब से राजद के खाते में एक सीट का जाना पूरी तरह तय है, मगर नेतृत्व अभी तक किसी एक नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगा पाया है। इस फैसले की पूरी कमान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के पास है, जो फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।
सामाजिक संतुलन बनाम पारिवारिक रस्साकशी
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो तेजस्वी यादव आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक समीकरण दुरुस्त करना चाहते हैं। इसके लिए वह वंचित वर्ग से आने वाले शिवचंद्र राम को सदन भेजने के हक में हैं, ताकि अनुसूचित जाति के मतदाताओं के बीच पार्टी की पैठ को और मजबूत किया जा सके।
इसके उलट, लालू परिवार के भीतर एक अलग राय भी उभरकर सामने आई है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को विधान परिषद भेजने की इच्छुक हैं। शनिवार शाम को तेज प्रताप का राबड़ी आवास जाना भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि उन्होंने इसे महज अपनी मां की सेहत का हालचाल लेने की एक सामान्य मुलाकात बताया।
दौड़ में कौन आगे
राजद के भीतर का एक धड़ा खुलकर यह दलील दे रहा है कि तेज प्रताप यादव इस वक्त मुख्यधारा के सांगठनिक कामकाज में उस तरह सक्रिय नहीं हैं, इसलिए यह मौका किसी समर्पित और जमीनी कार्यकर्ता को मिलना चाहिए। इसी वजह से शिवचंद्र राम की दावेदारी को सबसे ठोस माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की हरी झंडी मिलते ही उम्मीदवार के नाम का आधिकारिक ऐलान रविवार की रात या सोमवार सुबह तक कर दिया जाएगा।
आखिरी फैसले पर टिकीं सबकी निगाहें
नामांकन के अंतिम दिन अब सभी की नजरें दो मुख्य बिंदुओं पर टिकी हैं। पहला यह कि क्या एनडीए दीपक प्रकाश को लेकर चल रहे संशय को दूर कर पाएगा? और दूसरा यह कि तेजस्वी यादव सामाजिक प्राथमिकताओं को तवज्जो देते हुए शिवचंद्र राम के नाम पर आगे बढ़ेंगे या फिर पारिवारिक मोर्चे पर सहमति बनाकर कोई नया चौंकाने वाला फैसला लेंगे?