पति की हत्या के लिए अमावस्या पर मंदिर दर्शन बना जाल! लाइव लोकेशन भेज प्रेमी को बुलाया, फिर खेला खूनी खेल

आंध्र प्रदेश के चित्तूर में पत्नी ने कथित प्रेमी के साथ मिलकर मंदिर दर्शन के बहाने पति की हत्या की साजिश रची। लाइव लोकेशन भेजकर बुलाया, CCTV और मोबाइल डेटा से कुछ ही घंटों में पुलिस ने किया खुलासा।

Update:2026-07-17 19:16 IST

Chittoor Murder Case (photo source: social media)

Chittoor Murder Case: आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में अमावस्या के दिन मंदिर दर्शन के बहाने पति की कथित हत्या कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने 19 वर्षीय महिला, उसके कथित प्रेमी और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि हत्या की पूरी साजिश पहले से रची गई थी और आरोपियों तक पहुंचने में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल की लाइव लोकेशन और डिजिटल सबूतों ने अहम भूमिका निभाई।

मंदिर दर्शन के बहाने ले गई पति को

मृतक की पहचान 23 वर्षीय रमेश के रूप में हुई है, जो तमिलनाडु के कृष्णागिरि जिले के सूलागिरी का रहने वाला था। वह होसुर की एक निजी कंपनी में काम करता था। करीब दो साल पहले उसकी शादी हसिनी से हुई थी और दोनों की एक छोटी बेटी भी है।

पुलिस के अनुसार, परिवार को यह शादी सामान्य लग रही थी, लेकिन हसिनी का अपने बचपन के दोस्त युगंधर (20) से कथित प्रेम संबंध शादी के बाद भी जारी था। जांच में दावा किया गया है कि दोनों ने मिलकर रमेश की हत्या की साजिश रची।

लाइव लोकेशन भेजकर बुलाया प्रेमी

पुलिस के मुताबिक, हसिनी ने अमावस्या के अवसर पर रमेश को गुडुपल्ले मंडल स्थित मल्लप्पा कोंडा पहाड़ी पर बने श्री मल्लेश्वर स्वामी मंदिर चलने के लिए राजी किया। रास्ते में वह अपने मोबाइल से लगातार युगंधर को उनकी लाइव लोकेशन भेजती रही, जिससे हमलावर उनकी हर गतिविधि पर नजर रख सके।

हैंडबैग गिराया, फिर शुरू हुआ खूनी खेल

जांच एजेंसियों के अनुसार, पहाड़ी मार्ग के तीसरे हेयरपिन मोड़ के पास हसिनी ने जानबूझकर अपना हैंडबैग गिरा दिया। जैसे ही रमेश ने बाइक रोकी, पहले से घात लगाए बैठे युगंधर और उसके दो साथी बाहर निकल आए। आरोप है कि उन्होंने रमेश का करीब 100 मीटर तक पीछा किया और जंगल की ओर ले जाकर धारदार हथियारों से उसकी निर्मम हत्या कर दी।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के समय दंपति की मासूम बेटी भी आसपास मौजूद थी।

मां की सूचना से खुला मामला

हत्या के बाद हसिनी की मां ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी बेटी और नातिन घर नहीं लौटी हैं। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

CCTV और मोबाइल डेटा से खुला राज

जांच के दौरान मंदिर मार्ग के सीसीटीवी फुटेज में रमेश अपनी पत्नी के साथ मंदिर जाते दिखाई दिया। लेकिन लौटते समय हसिनी उसी बाइक पर दो अन्य युवकों के साथ नजर आई। इससे पुलिस का शक गहरा गया।

इसके बाद पुलिस ने मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, लाइव लोकेशन, लोकेशन हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की। इन्हीं तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस रमेश के शव तक पहुंची और कुछ ही घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

बाल विवाह की भी होगी जांच

पुलिस अब गांव वालों के उस दावे की भी जांच कर रही है कि शादी के समय हसिनी नाबालिग थी और कक्षा 9 में पढ़ती थी। यदि यह आरोप सही पाया जाता है, तो इस मामले में बाल विवाह कानून के तहत भी अलग से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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