‘सुधर जाओ, वरना हम सुधार देंगे...’ CJP के सौरव दास की दिल्ली पुलिस को चेतावनी, मुंबई में मचा बवाल!

CJP Protest: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली और मुंबई में प्रदर्शन के बीच CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस को चेतावनी दी। वहीं अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी।

Update:2026-10-02 21:08 IST

CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में विरोध प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शन के पहले दिन बड़ी संख्या में लोग जुटे। इसी दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर भी विपक्षी दलों और छात्र संगठनों की ओर से प्रदर्शन किया गया। यहां पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में बैरिकेडिंग कर रखी थी और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

इसी कार्रवाई को लेकर सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने दिल्ली पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस को सुधर जाना चाहिए, नहीं तो वे उसे सुधार देंगे।

‘दिल्ली पुलिस ने फिर बर्बरता की’

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास (Saurav Das) ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा, “दिल्ली पुलिस ने फिर बर्बरता की। सुधर जाएं, वरना हम सुधार देंगे।”

दास का यह बयान उस समय आया, जब जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शन करने पहुंचे विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जुटे थे।

अभिजीत दीपके ने फडणवीस को दी चुनौती

वहीं मुंबई के शिवाजी पार्क (Shivaji Park) में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को प्रदर्शनकारियों को जेल भेजने की चुनौती दी।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शिवाजी पार्क में जुटे प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दीपके ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इतनी अक्षम है कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दो महीने के भीतर ही उन्हें एक और प्रदर्शन करना पड़ा।

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर भी निशाना

अभिजीत दीपके ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ (One Nation One Election) के नारे को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ सिर्फ एक नारा है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ‘एक राष्ट्र, एक पार्टी’ चाहती है।

दीपके ने मतदाता सूची (Voter List) से नाम हटाए जाने को लेकर भी दावा किया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के नाम हटाए जाने के बाद भाजपा ने उन राज्यों में जीत हासिल की, जहां मोदी लहर के दौरान भी वह जीत हासिल नहीं कर पाई थी।

सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे (Ajinkya Shinde) ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और आपराधिक कार्रवाई का सामना करें।

दिल्ली में करीब 600 प्रदर्शनकारी हिरासत में

शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ। विपक्षी दलों के नेताओं और छात्र संगठनों के करीब 600 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से हिरासत में लिया। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party), वामदलों (Left Parties), एनएसयूआई (NSUI) और आइसा (AISA) के कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (Special Intensive Revision) में गड़बड़ियों और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

हिरासत में आतिशी समेत कई नेता

जंतर-मंतर से हिरासत में लिए गए लोगों में आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी (Atishi), सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bhardwaj), संजय सिंह (Sanjay Singh) और संजीव झा (Sanjeev Jha) शामिल थे। सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav) समेत कई अन्य नेताओं और प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया।

छात्र संगठनों के गठबंधन ने गांधी जयंती के मौके पर इस प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम ठीक से नहीं किया गया।

‘ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा’

आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फतेहपुर बेरी थाने में भी क्रांतिकारियों का हौसला कम नहीं हुआ है।

आतिशी ने कहा कि लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि “ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा।”

प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की तरफ आगे नहीं बढ़ने की हिदायत दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिली थी। इसके चलते जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई और बैरिकेडिंग की गई।

मुंबई से दिल्ली तक आमने-सामने प्रदर्शन

गांधी जयंती के मौके पर एक तरफ दिल्ली में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी तरफ सीजेपी ने मुंबई के शिवाजी पार्क में इसी मुद्दे पर प्रदर्शन का आह्वान किया।

मुंबई में सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधा, जबकि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की हिरासत को लेकर सौरव दास ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाए।

इस तरह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली से मुंबई तक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। एक तरफ प्रदर्शनकारी एसआईआर और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सीजेपी और विपक्षी नेताओं की ओर से बयान सामने आए हैं।

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