होटल में पड़ी रेड...3 लड़कियों के साथ संदिग्ध हालत में मिले कांग्रेस नेता! जीतू पटवारी ने तुरंत पार्टी किया से बाहर

Congress Rahul Dangi Expelled: गुना के होटल में तीन युवतियों के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में मिले ब्यावरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल दांगी पर पार्टी ने बड़ा एक्शन लिया। जीतू पटवारी के निर्देश पर उन्हें पद से हटाकर कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया।

Update:2026-08-24 19:08 IST

Congress Rahul Dangi Expelled: मध्य प्रदेश के राजनीतिक हलकों में उस समय भयंकर हड़कंप मच गया, जब गुना जिले के एक होटल से राजगढ़ जिले के ब्यावरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल दांगी को संदिग्ध अवस्था में हिरासत में लिया गया। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सार्वजनिक होते ही विपक्षी खेमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चौतरफा हो रही फजीहत और छवि पर लगे बट्टे को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत संगठन प्रभारी महासचिव संजय कामले ने एक कठोर आदेश जारी किया। पत्र में कहा गया कि अनैतिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए संगठन के भीतर कोई स्थान नहीं है। इसी के चलते राहुल दांगी को ब्यावरा ब्लॉक प्रमुख के पद से तत्काल हटाते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया।

राज पैलेस में पुलिसिया हड़कंप

पूरे घटनाक्रम की शुरुआत शनिवार शाम को उस समय हुई, जब गुना जिले के चांचौड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत मनोहरथाना रोड पर स्थित 'होटल राज पैलेस' के विषय में पुलिस को एक गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिली थी कि होटल के कमरों के भीतर अवैध और असामाजिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

खबर मिलते ही पुलिस की विशेष टीम ने करीब 4 बजे अचानक होटल पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर दी। जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए, जब अलग-अलग कमरों से 3 युवकों को युवतियों के साथ बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। पकड़े गए पुरुषों में ब्यावरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष 30 वर्षीय राहुल दांगी, 22 वर्षीय इंद्र सिंह मेहर तथा उमाकांत पुरी शामिल थे।

नेताजी की अजीबोगरीब दलील

पुलिस हिरासत में आते ही खुद को बेकसूर साबित करने के लिए कांग्रेसी नेता ने अजीबोगरीब सफाई पेश की। राहुल दांगी ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वे राजस्थान के प्रसिद्ध कामखेड़ा मंदिर में पूजा-अर्चना करके वापस लौट रहे थे।

रास्ते में वे केवल थकान मिटाने और चाय की चुस्की लेने के लिए होटल राज पैलेस के पास रुके थे। दांगी का दावा था कि होटल के भीतर अचानक हंगामा हुआ और पुलिस ने बिना किसी जांच-पड़ताल के उन्हें भी गलत तरीके से लपेटे में ले लिया। हालांकि, पुलिसिया साक्ष्यों और मौके के हालात ने नेताजी के इन दावों की हवा निकाल दी।

कानूनी पेंच में मिली जमानत

होटल में पकड़ी गई तीनों युवतियों के बालिग होने और उनके परिजनों द्वारा किसी भी प्रकार की लिखित शिकायत दर्ज कराने से इनकार करने के बाद पुलिस ने अलग कानूनी प्रक्रिया अपनाई। युवतियों को पूछताछ के बाद उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इसके उपरांत पुलिस ने राहुल दांगी, उनके दोनों साथियों और होटल मैनेजर हर्षवर्धन के विरुद्ध शांति भंग करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। सभी आरोपियों को जब तहसीलदार की अदालत में पेश किया गया, तो वहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। उधर, बिना उचित दस्तावेजों के कमरा उपलब्ध कराने और रजिस्टर में प्रविष्टि न करने के चलते होटल प्रबंधन पर भी कार्रवाई तेज कर दी गई है।

जीतू पटवारी पार्टी से बाहर

भले ही कानूनी रूप से आरोपियों को अदालत से राहत मिल गई हो, लेकिन इस घटना ने मध्य प्रदेश कांग्रेस की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक पार्टी की जबरदस्त छीछालेदर हो रही थी। स्थिति को भांपते हुए प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने बिना देर किए दागी नेता पर कठोर कार्रवाई की कुल्हाड़ी चला दी। पार्टी ने साफ संदेश दिया कि सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों और आचरण से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। निष्कासन के इस बड़े कदम के बाद ब्यावरा और गुना के स्थानीय राजनीतिक समीकरण पूरी तरह गरमा गए हैं।

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