सियासत को अलविदा कहेंगी ममता दीदी? संन्यास की खबरों पर तोड़ी चुप्पी...BJP को लिया आड़े हाथों

Mamata Banerjee Retirement: ममता बनर्जी ने राजनीति से संन्यास की अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ कहा कि वह पीछे हटने वाली नहीं हैं। TMC प्रमुख ने BJP पर हमला बोलते हुए SIR, जनगणना, NRC और पुलिस-प्रशासन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए।

Update:2026-08-25 11:46 IST

Mamata Banerjee Retirement: पश्चिम बंगाल की सत्ता से बेदखल होने के बाद अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस में जारी बगावत के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर उठ रहे सभी कयासों पर विराम लगा दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'फेसबुक' के जरिए कार्यकर्ताओं और जनता से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने साफ कर दिया कि वे किसी भी हाल में राजनीति से संन्यास नहीं लेने जा रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री का यह आक्रामक बयान ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी खेमा उनके सियासी अंत के दावे कर रहा था।

ममता बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग यह सोच रहे हैं कि प्रशासनिक बंदिशों और रैलियों की इजाजत न मिलने से वे पीछे हट जाएंगी, वे बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। जब तक वे विरोधी पार्टी को पूरी तरह राजनीतिक रूप से हाशिये पर नहीं धकेल देतीं, तब तक उनकी यह जमीनी लड़ाई जारी रहेगी।

पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप

अपने संबोधन के दौरान ममता बनर्जी ने राज्य के पुलिस-प्रशासन पर खुलेआम पक्षपात करने का संगीन आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी आम जनता और कार्यकर्ताओं को डरा-धमका रहे हैं ताकि वे तृणमूल कांग्रेस के उनके धड़े का समर्थन न करें। आरोप लगाते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) सत्ताधारी दल के जिलाध्यक्ष की तरह बर्ताव कर रहे हैं, वहीं थानों के प्रभारी अधिकारी (IC) ब्लॉक अध्यक्षों की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि लगभग 12,000 से 14,000 कार्यकर्ताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। कुछ मौकापरस्त गद्दारों की मदद से लोगों को दबाव बनाकर विरोधी खेमे में शामिल कराया जा रहा है।

जनगणना को बताया पिछला दरवाजा

ममता बनर्जी ने देश में शुरू हो रही जनगणना की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) को पिछले दरवाजे से लागू करने की चाल करार दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल से सलाह-मशविरा किए बिना इस प्रक्रिया को जबरन आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने राज्य की जनता से अपील की कि जनगणना के फॉर्म भरते समय और हस्ताक्षर करते समय पूरी सावधानी बरतें। अपनी व्यक्तिगत जानकारियां बिना सोचे-समझे साझा न करें, क्योंकि इससे आम लोगों की बरसों की निजी बचत तक खतरे में पड़ सकती है।

अन्नपूर्णा भंडार पर घेरा

राज्य के अलग-अलग हिस्सों में महिलाओं द्वारा अन्नपूर्णा भंडार वित्तीय सहायता योजना की किस्त मिलने में हो रही देरी के विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'लक्ष्मी भंडार' योजना सफलतापूर्वक चलाई थी। लेकिन मौजूदा सरकार चुनाव से पहले हर महिला को आर्थिक मदद देने का वादा करके अब पीछे हट रही है। अपात्रता का झूठा हवाला देकर धर्म और जाति के आधार पर लाभार्थियों की सूची में से महिलाओं के नाम काटे जा रहे हैं।

जादवपुर यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ का आरोप और SC जाने की चेतावनी

जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्रों के बीच हुई हिंसा का जिम्मेदार ममता बनर्जी ने सत्ताधारी दल को ठहराया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रों से विचारधारा के मतभेद होने के बाद भी उनकी पार्टी हमेशा उनका सम्मान करती है, लेकिन कैंपस में हिंसा फैलाना निंदनीय है। इसके अलावा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा उठाते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि साजिश के तहत लाखों असली मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से अवैध तरीके से गायब कर दिए गए हैं। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए वे फिर से उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेंगी।

Tags:    

Similar News