खाड़ी में उठा 'समुद्री राक्षस' मुरासु! 11 से अधिक उड़ानें रद्द,आंध्र से दिल्ली-यूपी-बिहार तक मौसम का हाई अलर्ट
चक्रवात मुरासु के आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका के बीच भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा बढ़ गया है।
Cyclone Murasu: पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात मुरासु तेजी से खतरनाक रूप लेता जा रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इसके तट से टकराने के दौरान तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा होने और भारी तबाही की आशंका है। तूफान का असर सिर्फ दक्षिण भारत तक सीमित रहेगा या उत्तर भारत के मौसम में भी बदलाव देखने को मिलेगा, इस पर सबकी नजर है। आंध्र प्रदेश से लेकर यूपी, बिहार और दिल्ली तक मौसम को लेकर क्या अलर्ट जारी हुआ है और कहां-कहां बारिश आफत बन सकती है, जानिए पूरी अपडेट...
मुरासु का सबसे ज्यादा असर दक्षिण भारत में
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 2 नवंबर के बुलेटिन के मुताबिक, चक्रवात मुरासु बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है। इसके 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच आंध्र प्रदेश के तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के आसपास टकराने की आशंका जताई गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने का अनुमान है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा है।
चेन्नई में बारिश से जनजीवन प्रभावित, 11 से अकिल फ्लाइटें रद्द
चक्रवात का असर तमिलनाडु के कई इलाकों में दिखाई देने लगा है। साइक्लोन मुरासु के कारण विजयवाड़ा को जोड़ने वाली इंडिगो की 8 उड़ानें रद्द कर दी गई है। चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर में रविवार रात से तेज बारिश हो रही है। खराब मौसम को देखते हुए चेन्नई एयरपोर्ट से आने-जाने वाली 11 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इनमें चेन्नई से विजयवाड़ा, राजमुंदरी, कडप्पा और तिरुचिरापल्ली के बीच चलने वाली उड़ानें शामिल हैं। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से कहा है कि वे अपनी फ्लाइट की ताजा स्थिति जानने के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें।
वहीं, इंडिगो ने भी यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। खराब मौसम के कारण विशाखापत्तनम, राजमुंदरी, विजयवाड़ा और तिरुपति में फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित हुए हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी उड़ान का स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है। कुछ यात्रियों को एयरपोर्ट पर या विमान के अंदर ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है।
आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात का खतरा
मुरासु के तट से टकराने के दौरान दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश भी हो सकती है। IMD ने समुद्र में सामान्य ज्वार से करीब 1 से 1.5 मीटर तक ऊंची तूफानी लहरें उठने की आशंका जताई है। इससे निचले तटीय इलाकों में पानी भरने का खतरा है। बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों के निचले हिस्सों पर खास नजर रखी जा रही है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
रेलवे और सड़क यातायात पर भी असर
तूफान को देखते हुए रेलवे ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तूफान के खतरे को देखते हुए नौ ट्रेनें रद्द की गई हैं। वहीं, कई जगहों पर प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारी तेज कर दी है। आंध्र प्रदेश के कुछ पर्यटन स्थलों और समुद्र तटों पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं। नेल्लोर प्रशासन ने लोगों से पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर और जरूरी सामान की घबराहट में खरीदारी नहीं करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि जिले में पर्याप्त भंडार मौजूद है।
यूपी में कहां बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट?
उत्तर प्रदेश के मौसम की बात करें तो 2 नवंबर को पश्चिमी यूपी के कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। मेरठ, इटावा, शिकोहाबाद, आगरा और अलीगढ़ जैसे इलाकों में भारी बारिश की आशंका बताई गई है। वहीं आजमगढ़, अयोध्या, गोंडा, रायबरेली, बाराबंकी और लखनऊ में तेज हवाएं चलने और कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, यूपी में मौसम के इस बदलाव को मुरासु के सीधे असर के रूप में नहीं देखना चाहिए। तूफान का मुख्य खतरा आंध्र प्रदेश और आसपास के तटीय इलाकों में है।
दिल्ली में बारिश की संभावना
दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए भी 2 नवंबर को बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम संबंधी रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी में शाम तक हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान दिया गया है।
बिहार के मौसम को लेकर क्या है अपडेट?
बिहार को लेकर उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में मुरासु के सीधे असर से भारी बारिश या चक्रवाती तूफान जैसा कोई अलग बड़ा अलर्ट स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है। इसलिए बिहार के लोगों के लिए स्थानीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है। राज्य में बारिश या तेज हवा को लेकर जिलेवार चेतावनी जारी होने पर उसी के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए। सिर्फ मुरासु के नाम पर पूरे बिहार में भारी बारिश की आशंका मान लेना सही नहीं होगा।