चलती बस में 47 KM तक दरिंदगी! दिल्ली में 16 साल की छात्रा के साथ निर्भया जैसा कांड...सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल
Delhi Moving Bus Rape: दिल्ली-एनसीआर में 16 वर्षीय छात्रा के साथ चलती स्लीपर बस में कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। परी चौक से कश्मीरी गेट तक करीब 47 KM की यात्रा के बाद पुलिस ने चालक और कंडक्टर को गिरफ्तार कर बस जब्त कर ली।
Delhi Moving Bus Rape: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रेटर नोएडा के परी चौक से कश्मीरी गेट के बीच एक चलती स्लीपर बस के भीतर 16 वर्षीय 11वीं की छात्रा के साथ चालक और परिचालक द्वारा सामूहिक दुष्कर्म करने का अत्यंत दर्दनाक और शर्मनाक मामला सामने आया है।
इस घटना ने 14 साल पहले हुए ऐतिहासिक निर्भया कांड की खौफनाक यादों को एक बार फिर ताजा कर दिया है। पीड़िता किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर कश्मीरी गेट पुलिस थाने पहुंची और अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मदद के बहाने हैवानों ने बस में बैठाया
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी स्थानीय सरकारी स्कूल में पढ़ाई करती है। पढ़ाई को लेकर मां द्वारा डांटे जाने के कारण वह नाराज होकर 4 अगस्त को बिना बताए अपने घर से निकल आई थी। वह नोएडा में रहने वाले अपने चचेरे भाई के पास जाने का प्रयास कर रही थी।
तेज बारिश और अंधेरा होने के कारण वह गलती से परी चौक पर उतर गई। वहां से नोएडा सेक्टर-63 जाने के लिए उसने रास्ते से गुजर रही एक प्राइवेट स्लीपर बस को रुकने का इशारा किया। बस के कंडक्टर ने उसे सही जगह छोड़ने का झांसा दिया और खाली बस में सवार कर लिया।
पर्दे लगी बस में 47 किलोमीटर तक होता रहा तांडव
किशोरी के सवार होते ही बस के चालक और परिचालक की नीयत बिगड़ गई। जैसे ही बस आगे बढ़ी, दोनों आरोपियों ने छात्रा के साथ अश्लील हरकतें करना शुरू कर दिया। जब छात्रा ने विरोध किया, तो उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी और चलती बस में ही दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया। आश्चर्य की बात यह है कि खिड़कियों पर गहरे पर्दे लटके होने के कारण बाहर से किसी को अंदर की भयावह स्थिति का पता नहीं चल सका। आरोपी करीब 47 किलोमीटर तक बस को दौड़ाते रहे और देर रात कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास रिंग रोड पर पीड़िता को लावारिस हालत में फेंककर फरार हो गए।
CCTV फुटेज से हत्थे चढ़े आरोपी
कश्मीरी गेट थाने की पुलिस ने पीड़िता का तुरंत मेडिकल परीक्षण कराया और काउंसलिंग के बाद उसका बयान दर्ज किया। कोतवाली एसीपी के निर्देशन में गठित विशेष पुलिस टीम ने पूरे रूट के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने तिमारपुर बस पार्किंग में बेखौफ आराम कर रहे चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप को दबोच लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बस को जब्त कर लिया है और फोरेंसिक टीम की मदद से महत्वपूर्ण जैविक साक्ष्य जुटाए हैं ताकि अदालत में ठोस सबूत पेश किए जा सकें।
सुरक्षा नियमों की उड़ी धज्जियां
इस दर्दनाक हादसे ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक और निजी परिवहन में महिला सुरक्षा के लिए बनाए गए कड़े नियम आज भी केवल फाइलों में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद स्लीपर बस की खिड़कियों पर भारी पर्दे टंगे थे। 47 किलोमीटर के इस लंबे सफर में नोएडा से दिल्ली के बीच किसी भी पुलिस पिकेट या चेकिंग प्वाइंट पर खाली बस की जांच नहीं हुई। वाहन में पैनिक बटन, जीपीएस ट्रैकिंग और सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्यता जैसे सुरक्षा मानक पूरी तरह नदारद पाए गए, जिसकी वजह से समय रहते कोई अलर्ट जारी नहीं हो सका।