अब सफर होगा सुपरफास्ट! 160 KMPH की रफ्तार से दौड़ेगी स्लीपर वंदे भारत, दिवालीसे पहले मिलेगा बड़ा तोहफा

Delhi-Varanasi Vande Bharat Sleeper: इसी कड़ी में इस बार दिवाली-छठ से पहले यात्रियों को बड़ा तोहफा मिलने की पूरी उम्मीद है।

Update:2026-09-19 12:06 IST

Delhi-Varanasi Vande Bharat Sleeper

Delhi-Varanasi Vande Bharat Sleeper: इस साल दिवाली और छठ पूजा (Diwali and Chhath Puja) के दौरान भारी संख्या में लोग दिल्ली से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड की तरफ अपने घरों का रुख करते हैं। यात्रियों की तेजी से बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेल (Indian Railways) की तरफ से हर साल खासतौर से तैयारियां की जाती हैं और स्पेशल ट्रेनें (Special Trains) चलाई जाती हैं।

इसी कड़ी में इस बार दिवाली-छठ से पहले यात्रियों को बड़ा तोहफा मिलने की पूरी उम्मीद है। भारतीय रेलवे दिल्ली और वाराणसी के बीच दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Sleeper Express) शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

प्रस्तावित ट्रेन रात में चलने वाली सेवा होगी और इसका संचालन प्रयागराज और कानपुर के रास्ते किए जाने की योजना है। स्पीड और सुविधाओं के लिहाज से स्लीपर वंदे भारत को राजधानी और दुरंतो जैसी ट्रेनों के मुकाबले आधुनिक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। वंदे भारत (Vande Bharat) को सामान्यतः बुलेट ट्रेन का छोटा भाई भी कहा जाता है।

दिवाली से पहले शुरू हो सकती है नियमित सेवा

जानकारी के मुताबिक, नई दिल्ली और वाराणसी के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल रन (Trial Run) इसी माह शुरू हो सकता है। रेलवे दिवाली से पहले इसकी नियमित रूप से सेवा (Regular Service) शुरू करने पर विचार कर रहा है। हालांकि, अभी रेलवे बोर्ड (Railway Board) की तरफ से ट्रेन का नंबर, किराया और नियमित संचालन की तारीख को लेकर आधिकारिक तौर पर ऐलान नहीं किया गया है।

यह ट्रेन बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए भी उपयोगी हो सकती है। दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित यह सेवा वाराणसी से पटना के बीच कनेक्टिविटी के लिहाज से भी एक अहम कड़ी बन सकती है।

वाराणसी से रात 9:20 बजे चलने का प्रस्ताव

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित वक़्त सारिणी (Proposed Timetable) में स्लीपर वंदे भारत के वाराणसी कैंट से रात 9:20 बजे रवाना होने की बात कही गई है। इसके बाद ट्रेन रात 10:45 बजे प्रयागराज पहुंचेगी और लगभग 12:35 बजे कानपुर सेंट्रल से गुजरेगी। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, ट्रेन सुबह लगभग 5 बजे नई दिल्ली पहुंच सकती है।

वापसी यात्रा में नई दिल्ली से ट्रेन रात 9:20 बजे रवाना होकर सुबह 5 बजे वाराणसी पहुंच सकती है। हालांकि, ये सभी वक़्त फिलहाल प्रस्तावित हैं। ट्रायल रन के दौरान परिचालन से जुड़े पहलुओं और जरूरी मंजूरियों के बाद आखिरी वक़्त सारिणी में परिवर्तन किया जा सकता है।

160 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है रफ्तार

नई स्लीपर वंदे भारत की अधिकतम गति (Maximum Speed) 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक रखने की योजना है। इसे 130-160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के बीच चलाने की योजना बताई गई है। दिल्ली और वाराणसी के बीच रेल मार्ग की दूरी लगभग 760 किलोमीटर है।

यदि ट्रेन पूरी 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चले तो यह दूरी लगभग 5 घंटे 15 मिनट में पूरी की जा सकती है। हालांकि, वास्तविक परिचालन गति (Operational Speed) ट्रैक की स्थिति और रेलवे के मिशन रफ्तार (Mission Raftaar) के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति पर निर्भर करेगी। अधिकतम परिचालन गति हासिल होने पर दिल्ली, प्रयागराज और वाराणसी के बीच यात्रा का वक़्त कम करने में सहायता मिल सकती है।

16 कोच में 823 यात्रियों की क्षमता

प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत ट्रेन (Sleeper Vande Bharat Train) में कुल 16 कोच होंगे। इसमें एक साथ 823 यात्रियों के बैठने और सोने की क्षमता होगी। ट्रेन में 11 एसी-3 (AC-3), 4 एसी-2 (AC-2) और 1 फर्स्ट एसी (First AC) कोच शामिल होंगे।

स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों को वंदे भारत ट्रेनों से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं (Modern Facilities) उपलब्ध कराने की योजना है। पूरी तरह की यात्रा को ध्यान में रखते हुए इसमें स्लीपर कोच की सुविधा होगी। ट्रेन के प्राथमिक रखरखाव (Primary Maintenance) की जिम्मेदारी उत्तर रेलवे (Northern Railway) के पास रहने की उम्मीद है।

हावड़ा-कामाख्या के बाद दूसरी स्लीपर वंदे भारत

दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत भारतीय रेलवे की दूसरी स्लीपर वंदे भारत सेवा होगी। इससे पहले हावड़ा-कामाख्या मार्ग (Howrah-Kamakhya Route) पर स्लीपर वंदे भारत ट्रेन ऑपरेशनल है। दिल्ली-वाराणसी सेवा के मामले में रेलवे बोर्ड की तरफ से अभी ट्रेन नंबर, किराया और नियमित रूप से संचालन की तारीख की आधिकारिक ऐलान बाकी है।

ट्रायल रन पूरा होने और आवश्यक परिचालन मंजूरियां मिलने के बाद इन पहलुओं पर आखिरी फैसला लिया जाएगा। ऐसे में अभी प्रस्तावित वक़्त और अन्य जानकारियों को अंतिम नहीं माना गया है।

भारत-रूस की साझेदारी से तैयार हो रहे स्लीपर ट्रेनसेट

स्लीपर वंदे भारत ट्रेनसेट (Sleeper Vande Bharat Trainset) का निर्माण भारत-रूस संयुक्त उद्यम (India-Russia Joint Venture) के तहत किया जा रहा है। रेल विकास निगम लिमिटेड यानी आरवीएनएल (RVNL) और रूसी कंपनी ट्रांसमाशहोल्डिंग यानी टीएमएच (Transmashholding) ने मिलकर किन्नेट रेलवे सॉल्यूशंस लिमिटेड (Kinet Railway Solutions Limited) का गठन किया है।

यह कंपनी महाराष्ट्र के मराठवाड़ा (Marathwada) स्थित कारखाने में 120 स्लीपर वंदे भारत ट्रेनसेट तैयार करेगी। हर एक ट्रेनसेट में 16 कोच होंगे। दिल्ली-वाराणसी के बीच प्रस्तावित सेवा भी इसी स्लीपर वंदे भारत नेटवर्क का भाग होगी। हालांकि, इस ट्रेन की नियमित रूप से सेवा शुरू होने की अंतिम तारीख, ट्रेन नंबर और किराए की आधिकारिक जानकारी रेलवे बोर्ड के ऐलान के बाद ही साफ़ होगी।

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