भारत के खिलाफ 'डर्टी गेम' का प्लान फुस्स... ISIS को लगा तगड़ा झटका, नापाक हरकत का पर्दाफाश

ISIS terrorists arrest Gujarat ATS: गुजरात ATS ने अहमदाबाद से तीन ISIS से जुड़े आतंकियों को गिरफ्तार किया है। जांच में ISIS-खुरासान कनेक्शन और साजिश के कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

Update:2025-11-10 12:16 IST

ISIS terrorists arrest Gujarat ATS: अहमदाबाद में हुई एक बड़ी सुरक्षा सफलता ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को लेकर एक बार फिर सतर्क कर दिया है। गुजरात एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त अभियान में बीते दिन अहमदाबाद से तीन संदिग्ध आतंकियों को पकड़ लिया गया, जिनके पास से हथियार और आतंकवादी साजिशों से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत बरामद हुए हैं। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि ये आतंकवादी केवल गुजरात तक सीमित नहीं थे। उनकी योजना अन्य बड़े और संवेदनशील लक्ष्यों तक फैली हुई थी।

लखनऊ-दिल्ली पर भी थी निगाह

जांच के दौरान पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों ने लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के दफ्तर और दिल्ली की व्यस्त आजादपुर मंडी की रेकी की थी। दोनों ही जगहों को संभावित निशाने के तौर पर चुना गया था। इस खुलासे ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया और स्थानीय प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी।

हथियारों का स्रोत और छिपाने का तरीका

सूत्रों के मुताबिक, आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार जुटाए और उन्हें गांधीनगर के एक कब्रिस्तान में छिपा दिया। वहीं हैदराबाद निवासी अहमद मोहियुद्दीन सैयद को इन हथियारों को आगे ले जाने की जिम्मेदारी दी गई थी। गुजरात ATS ने मोहियुद्दीन को शुक्रवार की रात ही गिरफ्तार कर लिया, और उसके कब्जे से चार विदेशी पिस्तौल, 30 कारतूस और 40 लीटर कैस्टर ऑयल बरामद हुआ, जो विस्फोटक बनाने या खतरनाक पदार्थ तैयार करने में उपयोगी हो सकता था।

मोबाइल रिकॉर्ड से हुए और खुलासे

मोहियुद्दीन के मोबाइल की गहन पड़ताल से उसके दो साथियों के संपर्क और पूरे मॉड्यूल की गतिविधियों का पता चला। इसी के आधार पर ATS ने शेख और सुहैल को भी पकड़ लिया। मोबाइल डेटा और लोकेशन ट्रेस ने यह दिखाया कि ये लोग किस तरह से नेटवर्क के जरिए हथियार और संसाधन जुटा रहे थे।

अधिकारियों की टिप्पणी और आगे की जांच

गुजरात ATS के DIG सुनील जोशी ने बताया कि डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद पढ़े-लिखे हैं और उनकी चीन से MBBS की पढ़ाई भी हुई है। जोशी के अनुसार मोहियुद्दीन ISIS-खुरासान प्रांत के एक सदस्य अबू खादिम के संपर्क में था, जिसने उसे फंड जुटाने और भर्ती का काम सौंपा था। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिला है कि मोहियुद्दीन साइनाइड से जहरीला पदार्थ तैयार करने की कोशिश कर रहा था।

नेटवर्क की तह में जा रही जांच

अब ATS और केंद्रीय एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि हथियारों की आपूर्ति का पूरा रास्ता क्या था और देश के किन-किन हिस्सों में इस नेटवर्क के अन्य स्लीपर सेल सक्रिय हो सकते हैं। इस गिरफ्तारी ने एक बड़ी साजिश को नाकाम किया है, लेकिन सरकारी एजेंसियां चेतावनी दे रही हैं कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और और खुलासे संभव हैं।

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