ITR Filing Last Date 2026: बदल गया ITR का पूरा कैलेंडर, सैलरी, बिजनेस और ऑडिट वालों के लिए अलग-अलग डेडलाइन

ITR Filing Last Date 2026: अब सभी टैक्सपेयर्स के लिए एक जैसी ITR डेडलाइन नहीं होगी। नौकरीपेशा, बिजनेस और ऑडिट वाले करदाताओं के लिए अलग-अलग तारीखें तय की गई हैं।

Update:2026-06-17 13:25 IST

ITR Filing Last Date 2026 

ITR Filing Last Date 2026: नए फाइनेंशियल ईयर (2026-2027) की शुरुआत के साथ ही टैक्स पेयर अपना ITR फाइल करने की तैयारी शुरू कर चुके हैं। अगर आप भी हर साल 31 जुलाई को इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख मानकर चलते हैं, तो इस बार आपको अपनी तैयारी बदलनी होगी। वित्त वर्ष 2025-26 की आय के लिए दाखिल किए जाने वाले असेसमेंट ईयर 2026-27 के रिटर्न में सरकार ने अलग-अलग श्रेणी के करदाताओं के लिए अलग-अलग डेडलाइन तय की हैं। यानी अब हर टैक्सपेयर के लिए एक ही तारीख लागू नहीं होगी। आपकी आय का स्रोत, बिजनेस की प्रकृति और ऑडिट की आवश्यकता तय करेगी कि आपको कब तक रिटर्न फाइल करना है।

बजट में हुआ था बड़ा ऐलान, बदला गया रिटर्न फाइलिंग सिस्टम

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेश किए गए बजट में टैक्स रिटर्न फाइलिंग की समय-सीमा में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए नई समय-सीमा लागू कर दी है। सरकार का कहना है कि अलग-अलग श्रेणियों के करदाताओं को उनकी जरूरत के अनुसार समय देने के लिए यह बदलाव किया गया है। इससे रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और अंतिम समय में पोर्टल पर बढ़ने वाले दबाव को भी कम किया जा सकेगा।

नौकरीपेशा लोगों के लिए 31 जुलाई ही रहेगी आखिरी तारीख

यदि आपकी आय मुख्य रूप से वेतन या पेंशन से आती है और आप ITR-1 (सहज) या ITR-2 फॉर्म के जरिए रिटर्न भरते हैं, तो आपके लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 ही रहेगी। यह श्रेणी उन अधिकांश नौकरीपेशा लोगों को कवर करती है जिनकी आय 50 लाख रुपये तक है और जिनकी आय के स्रोत सीमित हैं। ऐसे करदाताओं को पहले की तरह जुलाई के अंत तक अपना रिटर्न दाखिल करना होगा।

छोटे कारोबारियों और प्रोफेशनल्स को मिला अतिरिक्त समय

सरकार ने ऐसे व्यवसायियों और पेशेवरों को राहत दी है जिन्हें अपने खातों का ऑडिट नहीं कराना पड़ता। यदि आप ITR-3 या ITR-4 के तहत रिटर्न फाइल करते हैं और आपके लिए टैक्स ऑडिट अनिवार्य नहीं है, तो अब आपको 31 अगस्त 2026 तक का समय मिलेगा। इस बदलाव से छोटे व्यापारियों, फ्रीलांसरों, डॉक्टरों, वकीलों, कंसल्टेंट्स और अन्य प्रोफेशनल्स को अपनी आय और खर्चों का सही आकलन करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

ऑडिट वाले मामलों के लिए अलग डेडलाइन

जिन कारोबारियों या पेशेवरों के खातों का ऑडिट जरूरी है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है। ऐसे मामलों में वित्तीय दस्तावेजों की जांच और ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने में अधिक समय लगता है। इसी वजह से सरकार ने उनके लिए अलग समय-सीमा निर्धारित की है।

कौन-सा ITR फॉर्म आपके लिए है?

आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR-1, ITR-2 और ITR-4 फॉर्म ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए हैं। ITR-1 (सहज) उन रेजिडेंट व्यक्तियों के लिए है जिनकी आय वेतन, पेंशन या अन्य सीमित स्रोतों से आती है और कुल आय 50 लाख रुपये तक है। ITR-2 उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए है जिनकी आय कैपिटल गेन, विदेशी संपत्ति या एक से अधिक मकानों से होती है, लेकिन बिजनेस इनकम नहीं होती।

ITR-4 (सुगम) प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत कारोबार या प्रोफेशन से आय अर्जित करने वाले करदाताओं के लिए है।

वहीं सामान्य बिजनेस इनकम वाले कई करदाता ITR-3 का उपयोग करते हैं।

समय पर रिटर्न नहीं भरा तो देना पड़ सकता है जुर्माना

आयकर विभाग समय पर रिटर्न दाखिल न करने वालों पर जुर्माना भी लगाता है। आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत देरी से रिटर्न दाखिल करने पर लेट फीस वसूली जाती है।

यदि आपकी कुल आय 5 लाख रुपये तक है, तो अधिकतम 1,000 रुपये की लेट फीस लग सकती है। वहीं 5 लाख रुपये से अधिक आय वाले करदाताओं को 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। इसके अलावा बकाया टैक्स पर ब्याज भी देना पड़ सकता है और टैक्स रिफंड मिलने में भी देरी हो सकती है।

बिलेटेड रिटर्न की सुविधा भी उपलब्ध

अगर कोई करदाता निर्धारित समय सीमा के भीतर ITR दाखिल नहीं कर पाता, तो वह बाद में बिलेटेड रिटर्न भर सकता है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिलेटेड रिटर्न को अंतिम विकल्प के रूप में ही देखा जाना चाहिए क्योंकि इसमें अतिरिक्त शुल्क और अन्य जटिलताएं जुड़ी होती हैं।

गलती सुधारने का भी मिलेगा मौका

कई बार करदाता जल्दबाजी में रिटर्न दाखिल कर देते हैं और बाद में उन्हें किसी जानकारी में त्रुटि का पता चलता है। ऐसे मामलों में आयकर विभाग संशोधित रिटर्न (Revised Return) दाखिल करने की अनुमति देता है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए संशोधित रिटर्न 31 मार्च 2027 तक दाखिल किया जा सकता है। इस दौरान करदाता अपनी गलती सुधारकर सही जानकारी जमा कर सकते हैं।

अपडेटेड रिटर्न भरने के लिए 4 साल का समय

सरकार ने उन लोगों के लिए भी व्यवस्था की है जो किसी कारणवश रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए या बाद में अतिरिक्त आय की जानकारी देना चाहते हैं। ऐसे करदाता अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) दाखिल कर सकते हैं। नए नियमों के अनुसार संबंधित असेसमेंट ईयर की समाप्ति के बाद चार साल तक ITR-U दाखिल किया जा सकता है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अपडेटेड रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2031 होगी।

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