UBT Revolt: सांसदों को 15 करोड़ से 50 करोड़ में खरीदने की कोशिश-संजय राउत

What Next in UBT Revolt: महाराष्ट्र की राजनीत में सियासी उथल पुथल मचा हुआ है। इस समय शिवसेना (UBT ) गुट के टूटने को लेकर आशंकाएं मड़रा रही हैं। इसी बिच संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई आरोप लगाए हैं।

Update:2026-06-17 12:17 IST

What Next in UBT Revolt: महाराष्ट्र में 'ऑप्रेशन टाइगर' नाम से उठी सियासी आंधी को लेकर इस समय शिवसेना (UBT ) गुट चिंता में है। पार्टी नेताओं को आशंका कि कही पिछली बार की तरह इस बार फिर न उनकी पार्टी बिखर जाए। इसी परेशानी से बचने के लिए पार्टी के टॉप लीडर अपनी सभी कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी क्रम में UBT ग्रुप के सीनियर प्रवक्ता व पार्टी रणनीतिकार संजय राउत ने आज बुधवार को दिल्ली स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। इस मौके पर उनके घर पार्टी के कई सांसद भी पहुंचे थे।

बताते हैं कि महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑप्रेशन टाइगर' से उध्दव ठाकरे की पार्टी शिवसेना UBT (Uddhav Balasaheb Thackeray) के भीतर संभावित टूट की अटकलें तेज हो गई हैं। इन्ही खबरों को लेकर संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए ₹15 करोड़ से लेकर ₹50 करोड़ तक की पेशकश की गई है। पार्टी के सांसदों को खरीदने की कोशिश की जा रही है।

राउत ने आगे कहा कि सांसदों को "खरीदने" की कोशिश हुई, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि अधिकांश सांसद अभी भी पार्टी के साथ हैं। उन्होंने यह भी कहा, "अगर किसी को जाना है तो वह इस्तीफा देकर जा सकता है।" पार्टी ने कल सुबह 11 बजे सांसदों और नेताओं की बैठक बुलाई है।

संजय राउत ने कहा कि जिन सांसदों पर बगावत की आशंका है, उन्हें नोटिस जारी किया गया है। बैठक में अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

2022 से संकटों से घिरी शिवसेना

यह स्थिति 2022 की उस बड़ी राजनीतिक घटना की याद दिलाती है जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में विभाजन हुआ था। उस बगावत के बाद उद्धव ठाकरे की सरकार गिर गई थी। पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर कानूनी विवाद शुरू हुआ था और अंत में शिंदे गुट को ही असली शिवसेना की मान्यता मिल गई थी। तब भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से एकनाथ की नई सरकार बन गई थी।

अभी स्थिति क्या है?

फिलहाल शिवसेना UBT ग्रुप के किसी सांसद के औपचारिक रूप से पार्टी छोड़ने की पुष्टि नहीं हुई है। आरोप और अटकलें कई दिनों से राजनितिक हलकों और मिडिया में चल रही हैं। कल की बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे स्पष्ट होगा कि पार्टी में वास्तविक असंतोष कितना है और नेतृत्व उस पर कैसे प्रतिक्रिया देता है।

उल्लेखनीय है इस समय शिवसेना UBT गुट के पास 10 सांसद हैं जिनमें 9 लोकसभा में और एक राज्यसभा में। इनमें 6 से 7 सांसदों के टूटने की चर्चा है।

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