JPSC-JSSC छात्रों का जारी रहेगा आंदोलन, मंत्रियों के साथ वार्ता खत्म होते ही किया बड़ा ऐलान, सरकार को अल्टीमेटम

JPSC-JSSC Protest Row: JPSC और JSSC परीक्षा विवाद को लेकर झारखंड में छात्रों का आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा। मंत्रियों के पैनल के साथ पहली वार्ता सकारात्मक रही, लेकिन छात्र नेताओं ने साफ कर दिया कि ठोस और लिखित आश्वासन मिलने तक धरना खत्म नहीं होगा।

Update:2026-08-07 22:12 IST

JPSC-JSSC Protest Row: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ जारी भारी जनाक्रोश के बीच हेमंत सोरेन सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत का पहला दौर संपन्न हो गया है। सरकार द्वारा गठित 4 प्रमुख मंत्रियों के पैनल ने 10 छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से स्टेट गेस्ट हाउस में मुलाकात की। मंत्रियों के इस विशेष समूह में चमरा लिंडा, सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह और संजय प्रसाद यादव शामिल रहे। इस वार्ता में छात्रों ने अपना पक्ष मजबूती से रखा।

छात्र समूह ने क्या कहा

पहली बैठक खत्म होने के तुरंत बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख चेहरे रवींद्र पासवान ने मीडिया से बात करते हुए इस मुलाकात को बेहद सुखद बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रारंभिक बैठक बहुत ही सकारात्मक माहौल में हुई और मंत्रियों के साथ बातचीत करके बिल्कुल परिवार जैसा अहसास हुआ। छात्रों को पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी कैबिनेट युवाओं की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और जल्द ही कोई ठोस समाधान निकालेगी।

वार्ता से पहले दी थी चेतावनी

मंत्रियों के पैनल से मिलने जाने से पूर्व छात्र प्रतिनिधि रवींद्र पासवान ने प्रदेश के युवाओं को संबोधित करते हुए कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि 10 सदस्यों की यह टीम राज्य के तमाम युवाओं की आवाज बनकर जा रही है। उन्होंने मीडिया के जरिए साफ कह दिया था कि उनकी सभी मांगें अनिवार्य हैं। यदि सरकार इनमें से एक भी शर्त मानने से इनकार करती है, तो बातचीत को सफल नहीं माना जाएगा और चल रहा धरना-प्रदर्शन आगे भी बदस्तूर जारी रखा जाएगा।

मांगों पर मिले ठोस आश्वासन

छात्र आंदोलन की कोर कमेटी के सदस्यों का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से लिखित में या मजबूत भरोसा नहीं मिलता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन पूरी तरह जारी रहेगा। प्रतिनिधिमंडल अब मुख्यमंत्री के स्तर से आने वाले जवाब का इंतजार कर रहा है। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार से सकारात्मक संदेश मिलता है, तभी वे 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च के अपने फैसले पर दोबारा विचार करेंगे, अन्यथा आंदोलन और उग्र होगा।

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