Karnatak CM Siddaramaiah ने किया इस्तीफे का ऐलान, कौन हैं DK Shivakumar जिनकी 'ताजपोशी' की चल रही तैयारी

Karnatak CM: सिद्धारमैया ने आज 28 मई को कर्नाटक के CM पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। वह दोपहर 3 बजे राज्यपाल ऑफिस को अपना इस्तीफा सौंपेंगे।

Update:2026-05-28 12:55 IST

Karnatak CM

Karnatak CM: कर्नाटक की राजनीति में आज 28 मई यानी गुरुवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा देने की बड़ी घोषणा कर दी है। बेंगलुरु में स्थित मुख्यमंत्री आवास पर मंत्रियों के साथ हुई 'ब्रेकफास्ट मीटिंग' में उन्होंने अपने फैसले की जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक, वह दोपहर 3 बजे लोकभवन जाकर राज्यपाल कार्यालय को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। हालांकि, राज्यपाल थावरचंद गहलोत इस वक़्त बेंगलुरु में मौजूद नहीं हैं।

सिद्धारमैया के इस्तीफे के ऐलान के बाद अब कर्नाटक की सत्ता उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के हाथों में जाती स्पष्ट नज़र आ रही ही है। कांग्रेस के अंदर बीते कई महीनों से नेतृत्व बदलाव को लेकर चर्चाएं भी तेज थीं और अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार को ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री की कमान सौंपी जाएगी।

'ब्रेकफास्ट मीटिंग' में लिया गया बड़ा फैसला

जानकारी के मुताबिक, आज गुरुवार सुबह 10:30 बजे सिद्धारमैया ने कैबिनेट मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी। इस बैठक को लेकर पहले से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि इसमें सत्ता परिवर्तन को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। बैठक के दौरान सिद्धारमैया ने मंत्रियों को बताया कि वह मुख्यमंत्री पद छोड़ने जा रहे हैं।

कांग्रेस हाईकमान की ओर से लंबे वक़्त से इस मुद्दे पर मंथन चल रहा था। दिल्ली में हुई बैठकों और राहुल गांधी के साथ बातचीत के बाद सिद्धारमैया ने आखिरकार पद छोड़ने पर सहमति जताई।

DK Shivakumar- जिन्हें लेकर अगले CM की अटकलें तेज हैं?

DK Shivakumar कर्नाटक कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। उनका पूरा नाम डोड्डालहल्ली केम्पेगौड़ा शिवकुमार है। उनका जन्म 15 मई 1962 को कर्नाटक के कनकपुरा में हुआ था। उन्हें कांग्रेस पार्टी के 'संकटमोचक' के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि कई बार उन्होंने पार्टी को राजनीतिक संकट से बाहर निकालने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

डीके शिवकुमार ने अपनी राजनीतिक यात्रा छात्र राजनीति से शुरू की थी। वे पहली बार साल 1989 में विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह लगातार कई बार कनकपुरा विधानसभा सीट से बड़ी जीत दर्ज कर चुके हैं।

कांग्रेस में मजबूत पकड़

डीके शिवकुमार को संगठन और रणनीति का 'मास्टर' माना जाता है। साल 2017 में गुजरात राज्यसभा चुनाव के दौरान उनका कांग्रेस विधायकों को एकजुट रखने में बेहद सक्रिय और मजबूत किरदार निभाया रहा था। उस वक़्त कांग्रेस नेता अहमद पटेल की जीत के पीछे डीके शिवकुमार की रणनीति को काफी महत्वपूर्ण माना गया था।

इसके अलावा साल 2019 में महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट के दौरान भी उन्होंने कांग्रेस नेताओं के बीच समन्वय बनाने का काम किया था। कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने राज्य में पार्टी को मजबूत करने के लिए व्यापक अभियान चलाया।

संपत्ति और प्रभाव की वजह से भी चर्चा का विषय बने रहते हैं डीके

जानकारी के मुताबिक, डीके शिवकुमार राज्य के सबसे अमीर नेताओं में भी गिने जाते हैं। उनके पास रियल एस्टेट, शिक्षा और कई अन्य क्षेत्रों में बड़ा कारोबारी नेटवर्क है। हालांकि, इसी कारण से वह कई बार जांच एजेंसियों के निशाने पर भी रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे पूछताछ भी की थी।

इसके बावजूद डीके शिवकुमार की राजनीतिक पकड़ लगातार मजबूत होती गई और वह कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के विश्वसनीय नेताओं में शामिल हो गए।

कर्नाटक की राजनीति में नया अध्याय

यदि डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बनते हैं तो यह कर्नाटक कांग्रेस में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है। पार्टी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब सरकार और संगठन के बीच संतुलन बनाए रखने की होगी। साथ ही सिद्धारमैया समर्थकों को संतुष्ट रखना भी कांग्रेस के लिए सरल नहीं होगा।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस साल 2028 विधानसभा चुनाव से पहले किसी भी तरह के आंतरिक विवाद को खत्म करना चाहती है। यही सबसे बड़ा कारण है कि सत्ता परिवर्तन का फैसला अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

अब पूरे देश की निगाहें इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस हाईकमान डीके शिवकुमार के नाम पर आधिकारिक मुहर कब लगाता है और कर्नाटक में नई सरकार का गठन कैसे होता है।

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