Lalit Modi Interview 2026: "पूछताछ मत करो, रेड पड़ जाएगी..." ललित मोदी को जब शशि थरूर ने दी धमकी, 16 साल बाद बड़ा खुलासा

Lalit Modi Interview 2026: आईपीएल 2026 के समापन के बाद पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने एक इंटरव्यू में साल 2010 के कोच्चि आईपीएल फ्रेंचाइजी विवाद पर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शशि थरूर पर रात 2 बजे फोन कर धमकी देने और सुनंदा पुष्कर को मुफ्त में 25% शेयर दिलाने के लिए राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

Update:2026-06-04 11:18 IST

Lalit Modi Interview 2026: IPL 2026 के रोमांचक समापन और विजेता टीम के ऐलान के ठीक बाद क्रिकेट की दुनिया में एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने एक इंटरव्यू में बेहद सनसनीखेज दावा किया है कि क्रिकेट में मैच फिक्सिंग और भ्रष्टाचार आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसके साथ ही ललित मोदी ने साल 2010 के बहुचर्चित कोच्चि आईपीएल फ्रेंचाइजी विवाद पर से भी पर्दा उठाया है। उन्होंने 16 साल पुराने इस राज से पर्दा उठाते हुए तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के एक गुप्त फोन कॉल की पूरी कहानी बयां की है। ललित मोदी का आरोप है कि उन्हें उस समय कोच्चि टीम के समझौते के कागजात पर दस्तखत करने के लिए भारी राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ा था।

बेंगलुरु की बैठक और सुनंदा पुष्कर के शेयर्स पर उठा था विवाद

ललित मोदी के अनुसार, कोच्चि आईपीएल टीम को खरीदने वाले समूह (कंसोर्टियम) की बनावट को लेकर उन्हें शुरू से ही गहरा शक था। इस टीम को करीब 350 मिलियन डॉलर में खरीदा गया था, लेकिन कुछ शेयरधारकों के निवेश और उनके हिस्से को देखकर भारी गड़बड़ी की बू आ रही थी। ललित मोदी ने बताया कि समझौते पर अंतिम मुहर लगाने से पहले उन्होंने समूह के सभी सदस्यों से आमने-सामने मिलने का फैसला किया। इसी सिलसिले में बेंगलुरु में एक बड़ी बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी हिस्सेदार तो पहुंचे लेकिन सुनंदा पुष्कर वहां मौजूद नहीं थीं। बैठक के दौरान जब मोदी ने कागजात देखे, तो उन्हें पता चला कि सुनंदा पुष्कर को बिना किसी बड़े निवेश के 25 प्रतिशत की एक बहुत बड़ी हिस्सेदारी दी जा रही थी।

जब ललित मोदी को शशि थरूर ने दी धमकी

ललित मोदी ने बैठक में साफ शब्दों में पूछा कि आखिर यह सुनंदा पुष्कर कौन हैं और उन्हें इतनी बड़ी मुफ्त हिस्सेदारी क्यों मिल रही है? उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक इस सवाल का सही जवाब नहीं मिलेगा, वह समझौते पर दस्तखत नहीं करेंगे। मोदी का दावा है कि उनके यह कहते ही रात के करीब दो बजे अचानक तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर का फोन आया। फोन पर थरूर ने उनसे कहा कि सुनंदा पुष्कर के बारे में ज्यादा पूछताछ मत करो, वह मेरी अच्छी दोस्त हैं। मोदी का आरोप है कि बातचीत में उन्हें धमकी दी गई कि अगर उन्होंने इस मामले को तूल दिया, तो सुबह ही उनके घर और दफ्तर पर सरकारी एजेंसियों की रेड पड़ जाएगी।

सोनिया गांधी का समर्थन

ललित मोदी ने खुलासा किया कि उस समय सोनिया गांधी भी शशि थरूर के समर्थन में थीं और उन्हें अहमद पटेल व प्रणब मुखर्जी जैसे बड़े नेताओं के फोन आ रहे थे। थरूर की धमकी पर मोदी ने पलटकर जवाब दिया था कि आप भले ही मंत्री हों, लेकिन मुझे डरा नहीं सकते। इसके बाद उन्होंने दस्तखत करने से मना कर दिया, जिससे पूरी बीसीसीआई में हंगामा मच गया। कुछ ही देर बाद तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर का फोन आया और उन्होंने मोदी से तुरंत समझौते पर दस्तखत करने को कहा। ललित मोदी के अनुसार, उन्होंने दबाव की बात को रिकॉर्ड पर लिखते हुए मजबूरन दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। अगले दिन सुबह जब अखबारों में खबर छपी कि सुनंदा पुष्कर और शशि थरूर शादी कर रहे हैं, तब जाकर उन्हें इस पूरे खेल की असली वजह समझ आई।

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