नीतीश का CM बनना तय? JDU के हाथ में आई सत्ता की चाबी, एग्जिट पोल के आंकड़ों ने पलटा खेल!
Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल में नीतीश कुमार की भूमिका अहम बताई गई है। आंकड़ों के अनुसार, वे जिस गठबंधन के साथ जाएंगे, वही बिहार में सरकार बना सकता है। इस चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच सत्तारूढ़ दल बनने की चाबी जदयू के हाथों में है।
Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों का सभी को बेसब्री से इंतजार है। 14 नवंबर को वोटों की गिनती शुरू होगी, और इसके पहले चुनावी एग्जिट पोल भी सामने आ चुके हैं। इन एग्जिट पोल्स में जहां एक ओर एनडीए को बहुमत मिलने की संभावना जताई जा रही है, वहीं इस बार नीतीश कुमार का राजनीति में बड़ा रोल दिखाई दे रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, इस बार नीतीश कुमार की भूमिका इतनी महत्वपूर्ण हो गई है कि वे जिस गठबंधन के साथ जाएंगे, वही बिहार में सरकार बना सकते हैं।
एग्जिट पोल के मुताबिक स्थिति
एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार, एनडीए को बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से 121 से 141 सीटों के बीच मिलने का अनुमान है। इसमें बीजेपी को 50-56 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है, जबकि पिछले चुनाव में बीजेपी ने 74 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, जदयू को 56-62 सीटें मिलने का अनुमान है। चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी को 11-16 सीटें, हिंदुस्तान आवाम मोर्चा को 2-3 सीटें और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को 2-4 सीटें मिल सकती हैं। महागठबंधन के पक्ष में बात करें तो उसे 98-118 सीटों के बीच मिलने की संभावना जताई गई है। इस बार राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है। राजद को 67-76 सीटें मिलने का अनुमान है। इसके अलावा, कांग्रेस को 17-21 सीटें, विकासशील इंसान पार्टी को 3-5 सीटें, वामपंथी दलों को 10-14 सीटें और इंडिया इंक्लूसिव पार्टी को 0-1 सीट मिलने की संभावना है।
नीतीश कुमार का महत्व
अब बात करते हैं नीतीश कुमार की भूमिका की। इस बार चुनावी आंकड़े इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि नीतीश कुमार की भूमिका निर्णायक हो सकती है। एनडीए के साथ होने के कारण अगर आंकड़ों पर विश्वास करें तो एनडीए की सरकार बन सकती है। लेकिन अगर नीतीश कुमार एनडीए से गठबंधन तोड़कर महागठबंधन के साथ जा सकते हैं, तो सरकार के समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। अगर नीतीश कुमार राजद के साथ मिलकर चुनावी गठबंधन बनाते हैं, तो जदयू और राजद की सीटों का आंकड़ा आसानी से 120 के पार पहुंच सकता है। यानी महागठबंधन के पक्ष में सरकार बन सकती है। इसलिए इस चुनाव में नीतीश कुमार की राजनीति में अहम भूमिका है। अगर वे तेजस्वी यादव के साथ आ जाते हैं, तो महागठबंधन की सरकार बनना मुश्किल नहीं होगा।
क्या नीतीश कुमार का साथ देना होगा निर्णायक?
इस समय बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का रुख सबसे ज्यादा चर्चा में है। अगर नीतीश कुमार एनडीए के साथ रहते हैं तो एनडीए की सरकार बनने की संभावना है, लेकिन अगर वे महागठबंधन के साथ जाते हैं तो महागठबंधन की सरकार बनना तय हो सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में नीतीश कुमार के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।