पीएम मोदी और यूनिसेफ ने सराहा आईएएस शीलेंद्र सिंह का ‘वॉश ऑन व्हील्स’ मॉडल, अब पूरे मध्य प्रदेश में
Wash on Wheels: आईएएस शीलेंद्र सिंह द्वारा शुरू किया गया ‘स्वच्छता साथी : वॉश ऑन व्हील्स’ मॉडल अब पूरे मध्य प्रदेश में लागू किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूनिसेफ ने भी इस पहल की सराहना की है।
Wash on Wheels (Image Credit-Social Media)
भोपाल। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी शीलेंद्र सिंह ने अपनी दूरदर्शी सोच और प्रशासनिक प्रतिबद्धता के बल पर मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम की है। उनके द्वारा शुरू किया गया ‘स्वच्छता साथी : वॉश ऑन व्हील्स’ मॉडल अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है। इस अभिनव योजना की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ‘यूनिसेफ’ (UNICEF) ने भी की है।
‘स्वच्छता साथी : वॉश ऑन व्हील्स’ मॉडल बना मिसाल
छिंदवाड़ा में कलेक्टर के रूप में कार्यरत रहते हुए आईएएस शीलेंद्र सिंह ने ‘स्वच्छता साथी : वॉश ऑन व्हील्स’ सेवा की शुरुआत की थी। यह मॉडल आज ग्रामीण भारत में स्वच्छता प्रबंधन का एक प्रभावी और अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत’ अभियान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्वच्छ एवं समृद्ध मध्य प्रदेश के विजन को धरातल पर उतारने में इस मॉडल की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है।
इस योजना के माध्यम से गांवों में शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। साथ ही ग्रामीण महिलाओं और स्वच्छता कर्मियों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास भी किया गया। यही कारण है कि यह पहल केवल स्वच्छता अभियान तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामाजिक बदलाव का माध्यम भी बन गई।
यूनिसेफ ने राष्ट्रीय स्तर पर किया चयन
‘यूनिसेफ इंडिया’ ने इस मॉडल की सफलता और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए इसे मध्य प्रदेश के प्रतिनिधि नवाचार के रूप में चुना है। संस्था ने अपनी राष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री में भी इस योजना को शामिल किया है। इसे ग्रामीण स्वच्छता, जनभागीदारी और महिला सशक्तिकरण के सफल समन्वय के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस मॉडल की उपयोगिता को देखते हुए इसे प्रदेशभर में लागू करने का निर्णय लिया है। प्रशासनिक हलकों में इसे ग्रामीण स्वच्छता प्रबंधन का टिकाऊ और व्यवहारिक मॉडल माना जा रहा है।
ग्राम पंचायत छिंदी से हुई थी शुरुआत
आईएएस शीलेंद्र सिंह की इस पहल की शुरुआत 26 सितंबर, 2024 को छिंदवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत छिंदी से हुई थी। इस अनूठी सेवा का औपचारिक शुभारंभ मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने किया था। इसके बाद यह मॉडल तेजी से चर्चा में आया और विभिन्न जिलों ने इसे अपनाने में रुचि दिखाई।
इस योजना के तहत विशेष रूप से तैयार वाहनों के माध्यम से गांव-गांव जाकर शौचालयों की सफाई, स्वच्छता सामग्री उपलब्ध कराना और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना शामिल है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सेवाओं की पहुंच पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और प्रभावी हुई है।
स्वच्छता के साथ सामाजिक परिवर्तन की पहल
‘वॉश ऑन व्हील्स’ मॉडल ने यह साबित किया है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और सामाजिक संवेदनशीलता साथ आए तो ग्रामीण भारत में बड़े बदलाव संभव हैं। इस पहल ने स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम न बनाकर जनभागीदारी का आंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को टिकाऊ बनाने के लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी और महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना बेहद आवश्यक माना जा रहा है।
(साभार— मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग, यूनिसेफ इंडिया से संबंधित सार्वजनिक जानकारी)
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