राहुल गांधी के 'काल्पनिक राम' बयान पर सियासी घमासान, भाजपा ने किया तीखा हमला
Rahul Gandhi: राहुल गाँधी भगवान राम पर दिए बयान को लेकर एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं।
Rahul Gandhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक बार फिर भगवान राम को लेकर विवादों में घिर गए हैं। यह मामला भगवान् राम को काल्पनिक बताने का है। दरअसल अभी हाल ही में राहुल गाँधी अमेरिका की यात्रा पर गए थे जहाँ उन्होंने भगवान् राम को काल्पनिक बताया था। जिसपर राजनीति शुरू हो गई। उनके इस बयान को लेकर सत्ता पक्ष के लोग उन्हें रामद्रोही बता रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इटली के चश्मे से राम नहीं दिखेंगे। जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले मनमोहन सिंह की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में कहा था कि भगवान राम का अस्तित्व नहीं है और रामसेतु को तोड़ने का समर्थन किया था।
भाजपा ने राहुल गाँधी को घेरा
भगवान् राम पर बयान देने मामले में अब राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने हमला बोलते हुए कहा कि हिंदुओं का अपमान करना कांग्रेस की आदत बन गई है। पहले कांग्रेस ने सेना का अपमान करके, सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाकर और पाकिस्तान को क्लीन चिट देकर राष्ट्रद्रोह किया। अब वह रामद्रोही के रूप में अपना असली चेहरा दिखा रही है। यह संयोग नहीं है, बल्कि वोट बैंक का सुनियोजित इस्तेमाल है।इसी सिलसिले में बीजेपी महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि भगवान राम कोई मिथक नहीं, बल्कि देश का आत्मा हैं। हर प्राणी में राम हैं। अगर आप इटली का चश्मा पहनेंगे, तो भगवान राम को कैसे खोज पाएंगे? राहुल ने हमेशा भगवान राम, भारतीय संस्कृति और सनातन का अपमान किया है।
राहुल गांधी ने क्या कहा था
जानकारी के लिए बता दें कि राहुल गाँधी ने ब्राउन यूनिवर्सिटी में क्या कहा था राहुल गांधी ने ब्राउन यूनिवर्सिटी में राहुल ने कहा कि सभी महान भारतीय समाज सुधारकों व राजनीतिक विचारकों - ज्योतिराव फुले, बीआर आंबेडकर, महात्मा गांधी और यहां तक कि गुरु नानक, बासव और बुद्ध ने एक बात कही-सभी को अपने साथ लेकर चलो। सत्य और अहिंसा का पालन करो। मैं एक भी ऐसे व्यक्ति को नहीं जानता, जिसे हम भारत में महान मानते हों और जो इस प्रकार का न हो। यहां तक कि हमारे काल्पनिक पात्र भी ऐसे ही गढ़े गए हैं। भगवान राम में भी क्षमाशीलता व दयालुता जैसे गुण थे।