राहुल गांधी ने मनुस्मृति पर क्या कहा कि भड़क उठी BJP? निशिकांत दुबे और योगी ने खोला मोर्चा, दिया ये करारा जवाब

Nishikant Dubey Slams Rahul Gandhi: राहुल गांधी के मनुस्मृति पर दिए बयान से सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और उनके बयान पर करारा जवाब दिया।

Update:2026-08-24 22:09 IST

Nishikant Dubey Slams Rahul Gandhi: पुणे में आयोजित 'छात्रों की गूंज' संवाद कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा 'मनुस्मृति की मानसिकता' को लेकर दिए गए विवादित बयान पर देश का राजनीतिक पारा अचानक उबाल पर आ गया है। राहुल गांधी के इस बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेताओं ने उन पर चौतरफा और आक्रामक हमला बोल दिया है। बीजेपी के फायरब्रांड सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया के जरिए राहुल गांधी की धार्मिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि को निशाने पर लेते हुए उनकी योग्यता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें एक गैर-जिम्मेदार नेता करार दिया है। इस जुबानी जंग के बाद से भारतीय परंपराओं, धार्मिक ग्रंथों और जनसंपर्क के अधिकारों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर एक नया बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

'आप फिरोज गांधी के पोते हैं' : निशिकांत दुबे

राहुल गांधी के बयान पर बेहद हमलावर रुख अपनाते हुए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अपनी एक तीखी पोस्ट में लिखा कि राहुल गांधी को हिंदू धार्मिक ग्रंथों पर बात करने का कोई नैतिक या धार्मिक प्राधिकार प्राप्त नहीं है। निशिकांत दुबे ने लिखा "राहुल गांधी जी, आप फिरोज गांधी जी के पोते हैं, यानी सीधे तौर पर उनके वंशज हैं। भारतीय संविधान और प्रचलित धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आप पारसी समुदाय और धर्म से संबंध रखते हैं; इस लिहाज से आप एक अल्पसंख्यक हैं। पारसी धर्म ही आपका कर्म है।"

निशिकांत दुबे ने आगे चुनौती देते हुए लिखा कि एक पारसी वंशज होने के नाते राहुल गांधी को सनातन धर्म (हिंदू धर्म), पवित्र कुरान (मुस्लिम धर्म) या बाइबिल (ईसाई धर्म) और उनके पवित्र धार्मिक ग्रंथों पर टीका-टिप्पणी करने का तनिक भी अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बिना गहराई से अध्ययन किए केवल बहुसंख्यक समाज की आस्था और पौराणिक ग्रंथों को नीचा दिखाने का काम करते हैं।

CM योगी ने भी लिया आड़े हाथों

इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कांग्रेस नेता को जमकर आड़े हाथों लिया। सीएम योगी ने कहा कि राहुल गांधी देश की भोली-भाली बेटियों को भड़काने और युवाओं को भ्रमित करने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि मनुस्मृति के योगदान और उसकी काल गणना की वैज्ञानिकता को सिरे से नकारा नहीं जा सकता।

सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि आज पूरे विश्व में जो काल गणना और समय की सूक्ष्म इकाई हमें प्राप्त है, वह महर्षि मनु की ही महान देन है। उन्होंने कटाक्ष किया कि यह वैज्ञानिक काल गणना राहुल गांधी के परिवार, उनकी दादी, दादा, नाना, पिता या परनाना ने तैयार करके नहीं दी है। योगी ने सलाह दी कि यदि आप मनुस्मृति के विचारों को नहीं मानते तो यह आपका व्यक्तिगत विषय है, लेकिन किसी ग्रंथ की बुराई करने से पहले उसकी अच्छाइयों और ऐतिहासिक योगदान को सामने रखने की ईमानदारी होनी चाहिए।

आखिर 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी ने क्या कहा था?

बता दें कि यह पूरा बवंडर पुणे में 'छात्रों की गूंज' शीर्षक से आयोजित एक भव्य युवा सम्मेलन के बाद शुरू हुआ। वहां जनरेशन-जी (Gen-Z) की बड़ी संख्या में मौजूद छात्राओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने सामाजिक बंधनों को तोड़ने का आह्वान किया था। राहुल ने दावा किया था कि मनुस्मृति जैसी पुरानी सोच में महिलाओं को किसी की व्यक्तिगत संपत्ति के रूप में चित्रित करने की मानसिकता रही है, जबकि महिलाएं किसी के अधीन न होकर पूरी तरह स्वतंत्र अस्तित्व रखती हैं। उन्होंने कहा था कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा, शिक्षा प्रणाली में फैले भेदभाव और उनकी आजादी के लिए एक सीधा संवाद है।

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