Rahul Gandhi: यूपी में छात्रों का गुस्सा फूटा, परीक्षा गड़बड़ियों और भर्तियों में देरी पर आंदोलन तेज

Rahul Gandhi: कोटा “छात्रों की गूंज” के बाद राहुल गांधी प्रयागराज में बड़ा छात्र अभियान शुरू करने जा रहे हैं। कांग्रेस का फोकस बेरोजगारी, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर है।

Update:2026-06-24 21:01 IST

Rahul Gandhi News: कोटा में “छात्रों की गूंज” (Chatron Ki Goonj) कार्यक्रम के तहत छात्रों से मुलाकात करने के बाद अब कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बड़ा छात्र अभियान शुरू करने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम जुलाई के दूसरे सप्ताह में होने की संभावना है। कांग्रेस पार्टी ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारी तेज कर दी है। संगठन का फोकस छात्रों और युवाओं को जोड़ने पर है, खासकर उन मुद्दों पर जो प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार से जुड़े हुए हैं।

एक महीने का विशेष अभियान, छात्रों से सीधा संपर्क

कांग्रेस ने इस कार्यक्रम के लिए उत्तर प्रदेश के महासचिव अनिल यादव को संयोजक बनाया है। उन्हें पूरे आयोजन और उससे पहले होने वाले एक महीने के अभियान की जिम्मेदारी दी गई है। इस अभियान के दौरान पार्टी कार्यकर्ता प्रयागराज में जगह-जगह जाकर छात्रों से जुड़ेंगे। इसमें नुक्कड़ सभाएं, नुक्कड़ नाटक, पर्चे बांटना, मशाल जुलूस और छोटे-छोटे जन संवाद शामिल होंगे। इसके साथ ही एक “मिस्ड कॉल अभियान” भी शुरू किया जाएगा, जिससे छात्र इस कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे।

युवाओं के गुस्से पर कांग्रेस की नजर

कांग्रेस का कहना है कि वह छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर विशेष अभियान चला रही है। पार्टी के अनुसार उसका मुख्य फोकस प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी, देश में बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता जैसी समस्याओं पर है। कांग्रेस का मानना है कि इन मुद्दों के कारण युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है और इन्हीं समस्याओं को लेकर वह छात्रों और युवाओं के बीच लगातार संवाद स्थापित करना चाहती है। पार्टी का मानना है कि इन समस्याओं को लेकर युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है और इसे एक बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाया जा सकता है।

परीक्षाओं और भर्तियों में गड़बड़ी को लेकर आंदोलन तेज

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों में लगातार असंतोष और गुस्सा देखने को मिल रहा है। अलग-अलग जगहों पर कई छात्र आंदोलन हुए हैं, जिनमें छात्रों का आरोप है कि कई परीक्षाओं में गड़बड़ी हुई है, कुछ परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी हैं, उत्तर कुंजी और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और सरकारी भर्तियों में लगातार देरी हो रही है। इन तमाम मुद्दों को लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे समय-समय पर सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

प्रयागराज क्यों चुना गया?

कांग्रेस नेताओं के अनुसार प्रयागराज लंबे समय से छात्र राजनीति का बड़ा केंद्र रहा है। यहां बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान, विश्वविद्यालय और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र मौजूद हैं। हाल के वर्षों में यहां कई बार भर्ती और परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शन भी हुए हैं। इसी वजह से कांग्रेस ने इस शहर को अपने अभियान के लिए चुना है। यूपी, पटना और दिल्ली तक विस्तार की योजना कांग्रेस केवल प्रयागराज तक ही सीमित नहीं रहना चाहती। पार्टी की योजना है कि इसी तरह के छात्र सम्मेलन आगे चलकर पटना और दिल्ली में भी किए जाएं। अगले 15 दिनों में पार्टी का पूरा फोकस कैंपस और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों तक पहुंचने पर रहेगा। इसका मकसद युवाओं की नाराजगी को एक बड़े राजनीतिक अभियान में बदलना है।

राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा कदम

कांग्रेस के इस अभियान को राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। प्रयागराज को पार्टी इसलिए भी चुन रही है क्योंकि यहां से उसे छात्रों और युवाओं का बड़ा समर्थन मिल सकता है। कांग्रेस का लक्ष्य है कि पहली बार वोट देने वाले युवाओं और बेरोजगारी से परेशान छात्रों को अपने साथ जोड़ा जाए।

राहुल गांधी का संदेश

कोटा कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि भारत की शिक्षा व्यवस्था कई समस्याओं से जूझ रही है और छात्रों को खुलकर सपने देखने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि उनका यह अभियान सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।

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