Samrat Choudhary Viral Sketch: ये मैं हूं या कोई और… बिल्डर ने दिया ऐसा स्केच कि चकरा गए सम्राट चौधरी
Samrat Choudhary Viral Sketch: बिल्डर संजीव श्रीवास्तव ने सम्राट चौधरी को ऐसा अजीबोगरीब स्केच गिफ्ट किया जिसे देखकर वो खुद चकरा गए। सोशल मीडिया पर भयंकर ट्रोलिंग के बाद बिल्डर को पोस्ट डिलीट करनी पड़ी।
Samrat Choudhary Viral Sketch: पटना के सियासी गलियारों में इन दिनों एक तस्वीर ने जबरदस्त गदर काट रखा है। हुआ यूं कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलने पल्लवी राज कंस्ट्रक्शन वाले बिल्डर संजीव श्रीवास्तव पहुंचे। खाली हाथ जाना ठीक नहीं लगा तो सोचा मुख्यमंत्री जी को उनका ही एक शानदार स्केच गिफ़्ट किया जाए। लेकिन भाई साहब, जब गिफ्ट से पर्दा उठा, तो वहां शानदार की जगह एक रहस्यमयी कलाकारी बाहर आ गई।
वायरल हुई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उस स्केच को हाथ में पकड़े बड़ी ही गहरी नजरों से निहार रहे हैं। उनके चेहरे के भाव देखकर कोई भी बता सकता है कि उनके दिमाग में उस वक्त एक ही सवाल गोते खा रहा होगा कि भाई, ये आदमी है कौन? स्केच बनाने वाले आर्टिस्ट ने जाने कौन सी भावना में बहकर ये मास्टरपीस बनाया था कि तस्वीर सम्राट चौधरी से कम और किसी अंजान व्यक्ति की ज्यादा लग रही थी। सीएम साहब की नजरें बता रही थीं कि वो खुद उस फ्रेम में अपने आप को ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
अब संजीव श्रीवास्तव ठहरे सोशल मीडिया के मुरीद। उन्होंने आव देखा ना ताव तुरंत ये तस्वीर अपने इंस्टाग्राम पर चिपका दी। बस फिर क्या था इंटरनेट पर जनता तो ऐसे ही मौकों की ताक में बैठी रहती है। कमेंट सेक्शन में ऐसी मीम्स की बाढ़ आई कि संजीव जी के पसीने छूट गए।
किसी ने लिखा, लगता है आर्टिस्ट ने बिना चश्मे के तस्वीर बना दी तो किसी ने मजे लेते हुए कहा, ये स्केच है या सीएम साहब को कोई पहेली बुझा रहे हो? जब मीमबाजों ने इस अज्ञात चेहरे का सोशल मीडिया पर चीरहरण शुरू किया तो संजीव श्रीवास्तव को समझ आ गया कि चापलूसी का ये दांव भारी पड़ गया है।
घबराहट में उन्होंने चुपचाप इंस्टाग्राम से वो फोटो उड़ा दी। लेकिन इंटरनेट पर कोई भी चीज़ कहां छुपती है, स्क्रीनशॉट अब भी व्हाट्सएप ग्रुप्स में तैर रहे हैं और लोग फुल मजे ले रहे हैं। खैर, इस पूरी घटना से एक बड़ी सीख मिलती है अगली बार किसी नेता को खुश करना हो, तो शॉल या गुलदस्ता ही ले जाना। कम से कम उसमें ये सस्पेंस तो नहीं रहता कि ये शॉल आखिर किसका है।