Shiv Sena UBT Rebellion: बागी सांसदों का खुलासा: संजय राउत पर आरोप, बताई पार्टी छोड़ने की वजह
Shiv Sena UBT Rebellion: शिवसेना UBT में अंदरूनी बगावत के बीच बागी सांसदों ने पार्टी छोड़ने की वजह बताई। नागेश पाटिल आष्टिकर ने विकास कार्यों में रुकावट, फंड की कमी और पार्टी के भीतर माहौल को कारण बताया। संजय राउत पर भी बयान सामने आया।
Shiv Sena UBT Rebellion: शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे में चल रही अंदरूनी बगावत को लेकर अब बागी सांसदों ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। हिंगोली से सांसद नागेश पाटिल आष्टिकर ने एक वीडियो जारी कर बताया कि उन्होंने पार्टी क्यों छोड़ी। उन्होंने साफ कहा कि उनका उद्धव ठाकरे या मातोश्री से कोई मतभेद नहीं है, लेकिन पार्टी के भीतर कामकाज के माहौल से वह संतुष्ट नहीं थे।
संजय राउत पर लगाए आरोप
नागेश आष्टिकर ने पार्टी नेता संजय राउत पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि राउत की कुछ बातों और बयानों से कार्यकर्ता नाराज हो गए थे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके मन में संजय राउत के प्रति व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है, वे उन्हें पिता समान मानते हैं। लेकिन उनकी कुछ टिप्पणियों से गलत माहौल बना। सांसद ने बताया कि असली कारण विकास कार्यों में रुकावट और क्षेत्र में काम न हो पाना है। उनके अनुसार, उनके इलाके में विकास के लिए पर्याप्त फंड नहीं मिल रहा था। जनता ने उन्हें उम्मीदों के साथ चुना था, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण काम करना मुश्किल हो रहा था। इसी वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया।
दिल्ली जाने के दावे पर सफाई
आष्टिकर ने यह भी साफ किया कि बागी सांसदों के दिल्ली जाने की जो बातें सामने आई थीं, वे पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि 18 तारीख को किसी भी सांसद ने दिल्ली यात्रा नहीं की थी। लेकिन पार्टी के अंदर बढ़ते अविश्वास और तनाव के कारण माहौल बिगड़ गया।उन्होंने कहा कि कई कार्यकर्ता पार्टी की स्थिति से खुश नहीं थे। उनका मानना था कि उनकी बातों को ठीक से नहीं सुना जा रहा था। इसी वजह से धीरे-धीरे असंतोष बढ़ता गया और अंत में यह फैसला लेना पड़ा।
संजय राउत पर दोबारा टिप्पणी
नागेश आष्टिकर ने कहा कि संजय राउत ने कुछ सख्त बयान दिए थे, जिनसे कार्यकर्ताओं को ठेस पहुंची। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि उनका किसी के प्रति व्यक्तिगत द्वेष नहीं है और वे पार्टी नेतृत्व का सम्मान करते हैं। सांसद ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य अपने क्षेत्र का विकास करना है। उनके अनुसार, बिजली, फंड और अन्य संसाधनों की कमी के कारण कई काम रुक गए थे। उन्होंने कहा कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना उनकी जिम्मेदारी है, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया।
आर्थिक आरोपों पर प्रतिक्रिया
पैसे लेकर पार्टी छोड़ने के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनके पास किसी चीज की कमी नहीं है और वे किसी तरह के आर्थिक लाभ के लिए पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाने वालों से सबूत पेश करने की मांग की।
आगे की राजनीतिक योजना
सूत्रों के अनुसार, बागी सांसद जल्द ही एकनाथ शिंदे की पार्टी में शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि लोकसभा स्पीकर को इसकी जानकारी दी जाएगी और आधिकारिक घोषणा भी जल्द हो सकती है। साथ ही अपने-अपने क्षेत्रों में उनका भव्य स्वागत और रोड शो की तैयारी भी चल रही है।
राजनीतिक हलचल तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शिवसेना UBT में इस बगावत को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हो रही हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह राजनीतिक बदलाव किस दिशा में जाता है।