'जेल में हमले का खतरा’, स्वतंत्र भारद्वाज के वकील का बड़ा दावा, नहीं मिली जमानत, कल फिर कोर्ट में पेशी

Swatantra Bhardwaj Bail Update: स्वतंत्र भारद्वाज को 1 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। POCSO और SC/ST केस में अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी। जानें Bail पर Latest Update।

Update:2026-09-06 14:12 IST

Swatantra Bhardwaj Bail News: स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद उनकी जमानत को लेकर चल रही अटकलों के बीच ताजा अपडेट सामने आया है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने रविवार को उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब स्वतंत्र भारद्वाज को सोमवार को संबंधित रोस्टर जज के सामने पेश किया जाएगा।

इससे पहले 5 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया था। जंतर-मंतर पर एक नाबालिग छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस कस्टडी दी थी।

पुलिस कस्टडी खत्म, अब न्यायिक हिरासत

पुलिस कस्टडी की अवधि पूरी होने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को रविवार को वर्चुअली पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट अंजलि सिंह ने उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने न्यायिक हिरासत का विरोध नहीं किया।

अब उनकी अगली पेशी 7 सितंबर को संबंधित रोस्टर जज के सामने होगी। यही सुनवाई उनकी आगे की हिरासत और संभावित जमानत आवेदन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

क्या स्वतंत्र भारद्वाज को जमानत मिल गई?

नहीं। 6 सितंबर तक स्वतंत्र भारद्वाज को जमानत मिलने की कोई विश्वसनीय रिपोर्ट सामने नहीं आई है। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं। सोमवार की अदालत की कार्यवाही के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उनकी ओर से जमानत याचिका दायर की जाती है या नहीं और अदालत उस पर क्या रुख अपनाती है।

उनके वकील पीयूष जैन ने पहले दावा किया था कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दो अलग-अलग कानूनी मामले हैं और SC/ST तथा POCSO प्रावधानों के कारण जमानत की सुनवाई सामान्य मजिस्ट्रेट के सामने नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि स्वतंत्र को लंबी न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है।

स्वतंत्र भारद्वाज पर कौन-कौन से मामले हैं?

स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ जंतर-मंतर पर एक नाबालिग प्रदर्शनकारी के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला है। पुलिस ने इस मामले की FIR में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act और आपराधिक धमकी से जुड़े प्रावधान जोड़े हैं।

इसके अलावा नाबालिग प्रदर्शनकारी की ओर से कथित ऑनलाइन धमकी, उत्पीड़न और रेप की धमकियों से जुड़ा POCSO Act के तहत अलग मामला/FIR भी सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, शिकायत में सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, धमकियों और कथित मॉर्फ्ड तस्वीरों का आरोप लगाया गया है।

वकील ने जेल में हमले का जताया डर

स्वतंत्र भारद्वाज के वकील पीयूष जैन ने दावा किया है कि उन्हें आशंका है कि कुछ ताकतें उन्हें किसी भी कीमत पर जेल भेजना चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तिहाड़ जेल में स्वतंत्र भारद्वाज पर हमला हो सकता है और सरकार को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।


हालांकि, जेल में हमले की आशंका और ‘एंटी-नेशनल फोर्सेज’ से जुड़े वकील के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें फिलहाल वकील के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल तस्वीर साफ है—स्वतंत्र भारद्वाज जेल से बाहर नहीं आए हैं और उन्हें जमानत नहीं मिली है। एक दिन की न्यायिक हिरासत के बाद उनकी अगली पेशी 7 सितंबर को होगी। उस सुनवाई में उनकी आगे की हिरासत और यदि जमानत याचिका दाखिल होती है तो उस पर अदालत की कार्रवाई अहम होगी।    

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