Thalapathy Vijay की TVK बहुमत से 10 सीट दूर, एआईएडीएमके में पनप रहा असंतोष

Thalapathy Vijay’s Victory: तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम यानी टीवीके को लेकर हो रही है। वहीं इस बीच अब एआईडीएमके में पनप रहे असंतोष कि खबरों ने हलचल तेज कर दी है।

Update:2026-05-06 12:55 IST

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Thalapathy Vijay’s Victory: तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा अभिनेता से नेता बने विजय (Thalapathy Vijay) की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम यानी टीवीके को लेकर हो रही है। चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके अब सरकार बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है, हालांकि बहुमत के आंकड़े से वह अभी 10 सीटें पीछे है। यही वजह है कि पार्टी अब छोटे दलों का सहारा लेकर बहुमत जुटाने की कोशिश में लगी हुई है।

खबरों के मुताबिक, टीवीके कांग्रेस, पीएमके, वामपंथी दलों, सीपीएम और वीसीके जैसी पार्टियों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है, ताकि किसी तरह बहुमत का आंकड़ा पार किया जा सके। इसी कड़ी में विजय ने सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मिलने के लिए समय भी मांगा है। वहीं इस बीच अब एआईडीएमके में पनप रहे असंतोष कि खबरों ने हलचल तेज कर दी है।

क्या कांग्रेस ने बदल लिया अपना रुख?

तमिलनाडु की सियासत में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब कांग्रेस के रुख को लेकर अटकलें तेज हो गईं। सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु कांग्रेस ने राज्य में धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन के नाम पर टीवीके को समर्थन देने का फैसला कर लिया है।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति की एक आपात बैठक देर रात बुलाई गई, जिसमें यह फैसला लिया गया। इस बैठक को तमिलनाडु मामलों के प्रभारी गिरीश चोडंकर ने बुलाया था और यह पूरी बैठक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में शामिल वरिष्ठ नेताओं ने सर्वसम्मति से यह राय दी कि तमिलनाडु में धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने के लिए विजय का समर्थन किया जाना चाहिए।

एआईएडीएमके के अंदर भी बढ़ रही हलचल

इस बीच एआईएडीएमके के भीतर भी असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी के कुछ विधायक विजय (Thalapathy Vijay) को समर्थन देने के पक्ष में हैं और इसके लिए नेतृत्व पर दबाव बना रहे हैं।

खबरें यह भी हैं कि पार्टी के कुछ नेता एडप्पाडी पलानीस्वामी के नेतृत्व से खुश नहीं हैं, जिससे अंदरूनी खींचतान बढ़ती दिख रही है।

कांग्रेस का तर्क, बीजेपी को रोकना प्राथमिकता

कांग्रेस की तरफ से यह साफ किया गया है कि उसका मकसद राज्य में बीजेपी और उसके सहयोगियों को सत्ता से दूर रखना है। पार्टी का कहना है कि तमिलनाडु में जो जनादेश आया है, वह धर्मनिरपेक्ष सरकार के पक्ष में है और उसी दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

सूत्रों ने यह भी बताया कि विजय ने खुद कांग्रेस से समर्थन मांगा था, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व ने राज्य इकाई को अंतिम फैसला लेने की जिम्मेदारी दी।

पत्र, बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी

इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस के राज्य प्रभारी गिरीश चोडंकर ने पुष्टि की कि पार्टी को टीवीके की तरफ से एक पत्र मिला है। इस पत्र पर नई दिल्ली में पार्टी नेताओं के बीच चर्चा भी हो चुकी है।

चोडंकर ने बताया कि इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई जाएगी, जिसमें पीसीसी अध्यक्ष, सीएलपी नेता और नव निर्वाचित विधायक शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सत्यमूर्ति भवन में सुबह 11 बजे सभी अहम जानकारी दी जाएगी और आगे की रणनीति साफ की जाएगी।

पीठ में छुरा घोंपने का आरोप

कांग्रेस के इस रुख से एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके काफी नाराज नजर आ रही है। डीएमके ने कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए इसे “पीठ में छुरा घोंपने” जैसा कदम बताया है।

पार्टी के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा कि कांग्रेस का यह फैसला अदूरदर्शी है और इसका पछतावा उसे आगे चलकर जरूर होगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2029 के बड़े चुनाव को देखते हुए कांग्रेस का यह कदम इंडिया गठबंधन को कमजोर कर सकता है और इससे उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे।

108 विधायक और बहुमत की जद्दोजहद

234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके के पास 108 सीटें हैं, जो बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से सिर्फ 10 कम हैं। ऐसे में कांग्रेस और वाम दलों के साथ गठबंधन उसकी सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है।

रिसॉर्ट पॉलिटिक्स भी शुरू

सरकार गठन की इस दौड़ के बीच टीवीके ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए रिसॉर्ट पॉलिटिक्स का सहारा भी लिया है। पार्टी के 108 विजयी विधायकों को मामल्लापुरम के एक निजी लक्जरी रिसॉर्ट में ठहराया गया है।

बताया जा रहा है कि यह फैसला विजय के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर रिसॉर्ट के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और निगरानी भी कड़ी कर दी गई है।

फिलहाल 50 से ज्यादा विधायक मामल्लापुरम के पूंजेरी स्थित फोर पॉइंट्स स्टार होटल में ठहरे हुए हैं और बाकी विधायकों के भी वहां पहुंचने की उम्मीद है।

आने वाले दिन तय करेंगे तमिलनाडु की राजनीति

तमिलनाडु में फिलहाल जो सियासी तस्वीर बन रही है, उसमें कई संभावनाएं खुली हुई हैं। चाहे टीवीके और कांग्रेस का गठबंधन हो, या छोटे दलों का बड़ा मोर्चा, या फिर दोनों का मिश्रण, हर विकल्प पर काम हो रहा है।

इतना जरूर साफ है कि विजय (Thalapathy Vijay) की एंट्री ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। अब सरकार किस रूप में बनेगी, यह आने वाले दिनों में तय होगा, लेकिन यह भी तय है कि तमिलनाडु में एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत हो चुकी है।

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