BJP Organization Changes:नई राष्ट्रीय टीम में दिखेगा यूपी का जलवा, जातिगत समीकरण साधने के लिए इन नेताओं को दिल्ली बुलाने की तैयारी

BJP Organization Changes: 2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी में है। जातीय समीकरण साधने के लिए प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है। योगी सरकार के कुछ मंत्रियों को भी संगठन में अहम भूमिका मिलने की चर्चा तेज है।

By :  Shivam
Update:2026-05-23 19:15 IST

पश्चिम बंगाल और असम जबरदस्त जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अब 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने 10 मई को कैबिनेट का विस्तार किया था जिसमें जातिगत समीकरणों और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का पूरा ध्यान रखते हुये योगी कैबिनेट में छह नए मंत्रियों को शामिल किया गया जबकि दो मंत्रियों को प्रमोट किया गया।

अब भाजपा नेतृत्व राज्य में संगठन के स्तर पर एक बड़ा फेरबदल करने की तैयारी कर रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, रणनीति यह है कि राज्य के अनुभवी नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में भेजा जाए जबकि प्रदेश इकाई में युवा चेहरों को बड़ी जिम्मेदारियां दी जायें। खबर है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महासचिव धर्मपाल ने आने वाले बदलावों को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ गहन चर्चा की है।

राज्य स्तर पर पहले ही कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं और संगठन में होने वाले बदलावों की एक संभावित सूची भी तैयार कर ली गई है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट के चार से पांच चेहरों को राज्य संगठन में मुख्य जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। कुछ ऐसे मंत्री जिनका काम उतना अच्छा नहीं फिर भी जातिगत समीकरणों को साधने और पार्टी के ढांचे को मजबूत करने के लिए संगठन के पदों पर भेजा जा सकता है।

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति में नियुक्तियों को लेकर भी बातचीत चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाने वाले नेताओं को राष्ट्रीय स्तर की भूमिकाओं के लिए देखा जा रहा है। इनमें डॉ महेंद्र सिंह, पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी, राज्यसभा सांसद अमर पाल मौर्य, गुर्जर नेता अशोक कटारिया, एमएलसी अनूप गुप्ता, एमएलसी और ब्रज क्षेत्र के प्रभारी संतोष सिंह, भाजपा उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक, एमएलसी अश्विनी त्यागी और पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा जैसे नामों को मौका मिल सकता है।

इसके साथ ही राष्ट्रीय पदों पर भी बदलाव की उम्मीद है। ऐसी अटकलें हैं कि या तो अरुण सिंह या मोहनदास अग्रवाल को कोई नई जिम्मेदारी दी जा सकती है या उन्हें राष्ट्रीय महासचिव के पद से हटाया जा सकता है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्षों तारिक मंसूर, रेखा वर्मा और लक्ष्मीकांत वाजपेयी की जगह भी नए चेहरों को लाया जा सकता है। सूत्रों का यह भी कहना है कि बढ़ती उम्र को देखते हुए पार्टी राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल के उत्तराधिकारी की तलाश कर रही है।

संगठन के इस पूरे बदलाव में जातिगत संतुलन सबसे बड़ा फैक्टर रहने की उम्मीद है। राज्य कार्यकारिणी में नए महासचिवों, उपाध्यक्षों और मंत्रियों की नियुक्ति के साथ-साथ भाजपा उत्तर प्रदेश के सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को भी बदलने की तैयारी कर रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी का ध्यान गुर्जर और वैश्य समाज को प्रतिनिधित्व देने पर हो सकता है। अवध क्षेत्र में किसी ब्राह्मण चेहरे को तरजीह दी जा सकती है जबकि ब्रज क्षेत्र में शाक्य और लोधी समुदाय के नेताओं के नामों पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि वाराणसी क्षेत्र के लिए नामों को मंजूरी के लिए पहले ही दिल्ली भेज दिया गया है जबकि गोरखपुर क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राय को काफी महत्व दिया जा रहा है।

Tags:    

Similar News