Jharkhand News:झारखंड में 15 भर्ती परीक्षाएं रद्द, NTA में भी बड़ा एक्शन; 3 और कर्मचारियों की छुट्टी
Jharkhand News: झारखंड सरकार ने 2014 से अब तक निजी एजेंसी द्वारा कराई गई 15 भर्ती परीक्षाओं, परिणाम और चयन प्रक्रिया रद्द कर दी है। वहीं NTA ने परीक्षा में लापरवाही के आरोप में 3 और कर्मचारियों को बर्खास्त किया।
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रांची/नई दिल्ली: देशभर में भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ केंद्र से लेकर राज्य सरकारों तक व्यापक प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। झारखंड में 24 दिनों से जारी उग्र छात्र आंदोलन के आगे झुकते हुए राज्य सरकार ने पिछले 12 वर्षों में एक निजी एजेंसी द्वारा आयोजित सभी 15 भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में पेपर लीक और गड़बड़ियों के मद्देनजर प्रशासनिक सर्जरी तेज कर दी गई है, जिसके तहत तीन और कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में युवाओं के हित में कई बड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट ने विवादों में घिरी जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इसके साथ ही, टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. (TDPL) द्वारा वर्ष 2014 से अब तक यानी पिछले 12 वर्षों में कराई गई सभी 15 भर्ती परीक्षाओं, उनके परिणामों और संबंधित समस्त चयन प्रक्रियाओं को पूरी तरह निरस्त करने की घोषणा की गई है। इस फैसले के दायरे में पूर्व में घोषित परिणाम और चयनित अभ्यर्थी भी आएंगे।
सरकार के इस कदम का छात्रों ने स्वागत किया, लेकिन आंदोलनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं होती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि 2014 से अब तक की सभी अनियमितताओं की व्यापक जांच कराई जाएगी। भर्ती प्रणाली को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है।
NTA में बड़े स्तर पर फेरबदल: तीन और पर गिरी गाज, 10 अहम पदों पर भर्ती शुरू
उधर राजधानी दिल्ली में, नीट (NEET) विवाद और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जून-2026 के तीन विषयों के पेपर में विसंगतियों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। एजेंसी ने आंतरिक जांच के आधार पर तीन और अधिकारियों-कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इससे पहले भी लापरवाही बरतने वाले 47 कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।
परीक्षा प्रणाली को फुल-प्रूफ और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से NTA में 10 प्रमुख पदों पर बाहरी तकनीकी और प्रशासनिक पेशेवरों की सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उच्च शिक्षा सचिव दीप्ति गौर मुखर्जी और NTA महानिदेशक अभिषेक सिंह के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
केंद्रीय मंत्री ने एजेंसी को सख्त हिदायत दी कि परीक्षा प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन हो। प्रश्नपत्रों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए 'एयर-गैप्ड' (इंटरनेट से पूरी तरह कटे हुए) कंप्यूटर सिस्टम, आइसोलेटेड स्ट्रॉन्ग रूम, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जमा कराने की कठोर व्यवस्था और गोपनीय संचालन ढांचे में व्यापक सुधारों को युद्धस्तर पर लागू किया जाए। साथ ही, पूरी परीक्षा प्रणाली का थर्ड-पार्टी ऑडिट कराकर सुधारात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।