Jharkhand Weather: देवघर सहित 5 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट, 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, वज्रताप से सावधान!
Jharkhand Weather: कई इलाकों में वज्रपात होने की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम को देखते हुए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
Jharkhand Weather
Jharkhand Weather: झारखंड (Jharkhand) में सोमवार 3 अगस्त से मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। IMD ने 3 अगस्त से 6 अगस्त तक राज्य के कई जिलों में भारी वर्षा (Heavy Rain) को लेकर यलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। विभाग के मुताबिक, इस दौरान 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
इसके साथ ही कई इलाकों में वज्रपात (Lightning) होने की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम को देखते हुए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आज इन जिलों में भारी वर्षा की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, 3 अगस्त को संताल परगना (Santhal Pargana) के गोड्डा (Godda), साहेबगंज (Sahibganj), दुमका (Dumka), पाकुड़ (Pakur) और देवघर (Deoghar) में भारी वर्षा होने की संभावना है। इन जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, क्योंकि तेज बारिश के साथ तेज हवाएं और वज्रपात भी हो सकता है।
आगामी 3 दिनों तक कई जिलों में रहेगा प्रभाव
मौसम विभाग के अनुसार, 4 अगस्त को पलामू प्रमंडल (Palamu Division) के साथ हजारीबाग (Hazaribagh), लातेहार (Latehar) और रामगढ़ (Ramgarh) सहित मध्य झारखंड के कई इलाकों में यलो अलर्ट (Yellow Alert) लागू रहेगा। वहीं 5 और 6 अगस्त को रांची (Ranchi), खूंटी (Khunti), गुमला (Gumla), सिंहभूम (Singhbhum) और कोडरमा (Koderma) समेत राज्य के कई अन्य जिलों में तेज वर्षा होने का अनुमान लगाया गया है।
राजधानी रांची में वर्षा से बिगड़े हालात
इससे पहले रविवार को रांची (Ranchi) में पूरे दिन बादल छाए रहे। पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक 43.2 मिलीमीटर वर्षा हजारीबाग (Hazaribagh) में दर्ज की गई। रविवार देर शाम राजधानी में हुई अचानक बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया।
बारिश का सबसे अधिक प्रभाव रातू रोड (Ratu Road), हरमू रोड (Harmu Road) और अपर बाजार (Upper Bazar) जैसे इलाकों में देखने को मिला, जहां कई घरों में वर्षा का पानी घुस गया। तेज बारिश की वजह से शहर के कई हिस्सों में देर रात तक बिजली आपूर्ति भी ठप रही, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने मानसून के दौरान जलजमाव और बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग भी उठाई है।