रांची में छात्र आंदोलन तेज: भूख हड़ताल पर बैठे 5 और लोग, सोनम वांगचुक की अपील पर देवेंद्र महतो ने पिया पानी
Jharkhand: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र आंदोलन तेज हो गया है। देवेंद्र नाथ महतो समेत कई छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं और खुले मंच पर वार्ता की मांग कर रहे हैं।
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Jharkhand Student Protest: झारखंड विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से ठीक पहले राज्य में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन और उग्र हो गया है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे प्रदर्शन के तहत मंगलवार रात दो महिलाओं सहित पांच अन्य लोगों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे अनशनकारियों की कुल संख्या बढ़कर छह हो गई है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के सदस्य देवेंद्र नाथ महतो पिछले चार दिनों से अनशन पर थे। इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार को देवेंद्र से फोन पर बात कर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया, जिसके बाद उन्होंने पानी पिया।
बंद कमरे के बजाय कैमरे के सामने वार्ता की मांग
आंदोलन के जोर पकड़ते ही प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। रांची के एसडीओ कुमार रजत ने स्टेडियम पहुंचकर छात्रों को सूचित किया कि राज्य सरकार उनके साथ वार्ता के लिए पूरी तरह तैयार है और छात्र अपना एक प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए भेजें। हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के इस प्रस्ताव पर स्पष्ट शर्त रखी है। छात्रों का कहना है कि वे बंद कमरे में कोई वार्ता नहीं करेंगे; सरकार जो भी बात करना चाहती है, वह खुले मंच पर मीडिया और कैमरों के सामने होनी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
परीक्षाओं में धांधली राष्ट्रीय संकट: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
मामले पर रुख साफ करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी ऐसी समस्याएं केवल झारखंड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अब यह एक राष्ट्रीय संकट का रूप ले चुकी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पूरे मामले पर कड़ाई से नजर बनाए हुए है और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सख्त व ठोस कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे इस विषय पर केंद्रीय गृह मंत्री से भी चर्चा करेंगे। इस बीच, सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी आंदोलनरत छात्रों के मांगों का समर्थन किया है।
जानिए कौन हैं आंदोलन की अगुवाई कर रहे देवेंद्र नाथ महतो
रांची जिले के निवासी देवेंद्र नाथ महतो कॉलेज के दिनों से ही छात्र हित के मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरते रहे हैं। उन्होंने साल 2015 में राज्य सरकार की नियोजन नीति के खिलाफ पहला बड़ा छात्र आंदोलन खड़ा किया था। इसके बाद 2016 में छात्रवृत्ति में कटौती और 2019 में जेपीएससी (JPSC) परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों के विरोध में हुए बड़े प्रदर्शनों की अगुवाई भी देवेंद्र ने ही की थी। छात्रों के बीच मजबूत पकड़ रखने वाले देवेंद्र राजनीतिक रूप से भी सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2024 में जेल में रहते हुए उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें 1.48 लाख वोट मिले थे और वे तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद सिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर उन्होंने 44 हजार वोट हासिल किए थे। उनके अनुसार, छात्र आंदोलनों के कारण उन पर 30 से भी अधिक आपराधिक और आंदोलन संबंधी मुकदमे दर्ज हैं।