Breastfeeding Benefits: नन्हीं जान के लिए 'अमृत' है पहला दूध, जन्म के 1 घंटे के भीतर स्तनपान क्यों है जीवनदान?

Breastfeeding Benefits: नवजात शिशु के लिए मां का दूध सबसे सुरक्षित और पोषक आहार है, जो उसकी इम्युनिटी बढ़ाकर उसे बीमारियों से बचाने में मदद करता है।

Update:2026-04-22 10:40 IST

Breastfeeding Benefits

Breastfeeding Benefits: नवजात शिशु के लिए मां का दूध किसी अमूल्य उपहार से कम नहीं होता। जन्म के तुरंत बाद मिलने वाला यह पहला आहार शिशु को सभी जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है, जो उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद आवश्यक होते हैं। इसमें मौजूद एंटीबॉडी बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं और उसे कई तरह के संक्रमणों व बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। यही कारण है कि डॉक्टर भी जन्म के तुरंत बाद स्तनपान शुरू करने की सलाह देते हैं।

कोलोस्ट्रम: बच्चे की पहली सुरक्षा ढाल

जन्म के बाद मां के स्तनों से निकलने वाला गाढ़ा पीला दूध, जिसे कोलोस्ट्रम कहा जाता है, बेहद पोषक और लाभकारी होता है। इसे कभी भी फेंकना नहीं चाहिए, क्योंकि यह शिशु के लिए पहली वैक्सीन की तरह काम करता है। इसमें विटामिन ए और इम्युनिटी बढ़ाने वाले तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चे को जन्म के एक घंटे के भीतर ही स्तनपान कराया जाए, ताकि उसे इसका पूरा लाभ मिल सके।

छह महीने तक सिर्फ मां का दूध

विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म के बाद पहले छह महीने तक बच्चे को केवल मां का दूध ही देना चाहिए। इस दौरान उसे पानी या कोई अन्य तरल देने की जरूरत नहीं होती, यहां तक कि गर्मियों में भी नहीं। मां के दूध में पर्याप्त मात्रा में पानी होता है, जो बच्चे की प्यास और भूख दोनों को पूरा करता है।

डिमांड फीडिंग का महत्व

बच्चे को जब भी भूख लगे, उसे दूध पिलाना सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। इसे डिमांड फीडिंग कहा जाता है। इसमें किसी निश्चित समय का पालन करने की जरूरत नहीं होती। इससे बच्चे का पेट अच्छे से भरता है और मां के शरीर में दूध का उत्पादन भी संतुलित बना रहता है।

सही अटैचमेंट है जरूरी

स्तनपान के दौरान बच्चे का सही तरीके से स्तन पकड़ना बहुत जरूरी होता है। अगर अटैचमेंट सही नहीं होगा, तो बच्चे को पूरा दूध नहीं मिल पाएगा और मां को भी दर्द या असुविधा हो सकती है। शुरुआत में इस पर ध्यान देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

प्री-लैक्टियल फीड से बचें

जन्म के बाद बच्चे को शहद, घुट्टी या अन्य कोई चीज नहीं देनी चाहिए। ये प्री-लैक्टियल फीड कहलाते हैं, जो संक्रमण और पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इसलिए इनसे पूरी तरह बचना चाहिए।

मां के लिए भी फायदेमंद

स्तनपान सिर्फ बच्चे के लिए ही नहीं, बल्कि मां के लिए भी लाभकारी होता है। इससे शरीर जल्दी ठीक होता है और गर्भाशय भी तेजी से सामान्य स्थिति में लौट आता है। साथ ही, यह कुछ समय तक अगली गर्भावस्था को प्राकृतिक रूप से टालने में भी मदद करता है।

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