मिठाई निकली कातिल! खाते ही 15 मिनट में काम तमाम, एक-एक परिवार का हुआ ऐसा हाल...काँप गई रूह
छिंदवाड़ा में मिठाई में जहर से मचा हड़कंप! 15 मिनट में मौत, एक-एक परिवार गंभीर रूप से बीमार। जानिए कैसे अनजाने में मिला पैकेट बना जानलेवा और पुलिस की जांच की पूरी जानकारी।
Madhya Pradesh sweet poisoning: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा छोड़ी गई मिठाई का एक टुकड़ा मौत का बुलावा बन सकता है? जुन्नारदेव इलाके में एक लावारिस मिठाई के पैकेट ने न केवल एक सरकारी कर्मचारी की जान ले ली, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार को अस्पताल के बिस्तर पर पहुँचा दिया। यह कोई सामान्य फूड पॉइजनिंग का मामला है या फिर किसी ने जानबूझकर मिठाई में जहर मिलाया था? इस रहस्यमयी घटना ने पुलिस और प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। आइए जानते हैं उस 'कातिल मिठाई' की पूरी कहानी जिसने जुन्नारदेव में मातम फैला दिया है।
लावारिस पैकेट और मौत का 15 मिनट वाला खेल
यह खौफनाक घटना जुन्नारदेव के वार्ड नंबर-3 में पीएचई (PHE) कार्यालय के पास स्थित एक चाय की दुकान पर शुरू हुई। दुकान के मालिक मुकेश कचौरिया को वहां एक लावारिस थैली मिली, जिसमें मिठाई का डिब्बा रखा था। पीएचई विभाग में कार्यरत 50 वर्षीय कर्मचारी दसरू यदुवंशी ने जैसे ही उस मिठाई का सेवन किया, मौत ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मिठाई खाने के महज 15 मिनट के भीतर ही दसरू को तेज उल्टियां, दस्त और बेचैनी होने लगी। वे खुद दवा लेने बाजार गए, लेकिन जहर शरीर में इतनी तेजी से फैला कि उनकी हालत बिगड़ती चली गई। अस्पताल दर अस्पताल भटकने के बाद, आखिरकार इलाज के दौरान दसरू यदुवंशी ने दम तोड़ दिया।
एक-एक कर बीमार पड़ा दुकानदार का परिवार
दसरू की मौत के बाद यह त्रासदी यहीं नहीं रुकी। अगली सुबह जब दुकानदार मुकेश की पत्नी को उसी पैकेट में मिठाई के दो और टुकड़े मिले, तो वह अनजाने में उन्हें घर ले गई। मुकेश की बेटी खुशबू ने जैसे ही मिठाई खाई, उसे भी तुरंत उल्टियां शुरू हो गईं। देखते ही देखते मुकेश के पिता सुंदरलाल, उनकी पत्नी और दोनों बेटियां गंभीर रूप से बीमार हो गए। एक ही घर के चार सदस्यों को तड़पता देख पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से नाजुक हालत को देखते हुए कुछ सदस्यों को छिंदवाड़ा जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा।
क्या यह कोई सोची-समझी साजिश है?
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगरपालिका अध्यक्ष रमेश सालोडे और बीएमओ सुरेश नागवंशी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला बेहद गंभीर है। आखिर वह अज्ञात व्यक्ति कौन था जो चाय की दुकान पर मिठाई का पैकेट छोड़ गया? क्या वह वाकई मिठाई भूल गया था या फिर किसी रंजिश के चलते उसने जहर बुझा जाल बिछाया था? डॉक्टर का कहना है कि दसरू यदुवंशी के शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जो किसी घातक रसायन के लक्षण हैं। फिलहाल, पुलिस उस अज्ञात व्यक्ति की तलाश में जुट गई है और मिठाई के नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है।
जुन्नारदेव की यह घटना हम सबके लिए एक बड़ी चेतावनी है कि रास्ते में पड़ी या किसी अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई खाने की चीज जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल पूरा परिवार अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।