Hamza Burhan: पाकिस्तान में ढेर हो रहे भारत विरोधी आतंकी, अब कोई भी नहीं बच पाएगा

Hamza Burhan: पुलवामा हमले का साजिशकर्ता और अल बदर मुजाहिदीन का कमांडर हमजा बुरहान पाकिस्तान में मारा गया। लगातार आतंकियों की मौत से आतंकी संगठनों में डर का माहौल।

Update:2026-05-24 13:09 IST

Hamza Burhan(Photo-Social Media)

Hamza Burhan: पुलवामा आतंकी हमले का साजिशकर्ता और भारत में कई आतंकी हमलों में वांछित अल बदर मुजाहिदीन का ऑपरेशनल कमांडर अर्जमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में मारा गया है। हमजा को दो अज्ञात लोगों ने आजरा क्षेत्र में एमएस कॉलेज परिसर के पास गोली मार दी। मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के खरबतपोरा का रहने वाला हमजा बुरहान लंबे समय से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था। उस पर सुरक्षाबलों ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 20 अप्रैल 2022 को उसे आतंकवादी घोषित किया था।

हमजा बुरहान पिछले करीब आठ वर्षों से पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई का करीबी माना जाता था। आईएसआई और पाक सेना उसकी सुरक्षा करती थीं। वह आतंकी संगठन अल बदर मुजाहिदीन की कमान काउंसिल में तीसरे स्थान पर था। पहले नंबर पर बख्त जमीन, दूसरे पर यूसुफ बलोच और तीसरे पर हमजा बुरहान का नाम आता था। घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन के नेटवर्क के लगभग समाप्त होने के बाद आईएसआई उसे स्थानीय चेहरा बनाकर कश्मीर में आतंकियों की भर्ती कराने के षड्यंत्र में लगी थी।

पाकिस्तान में जिस प्रकार एक के बाद एक आतंकी मारे जा रहे हैं, उससे यह स्पष्ट हो रहा है कि जो पाकिस्तान स्वयं को विश्व मंच पर शांति दूत बताने की कोशिश करता है, वही वास्तव में अशांति का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। पाकिस्तान केवल अपने हितों की रक्षा के लिए अमेरिका और पश्चिमी देशों के सामने शांति का दिखावा करता रहा है।

14 फरवरी 2019 को पुलवामा में जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आतंकियों ने विस्फोटकों से भरी कार से सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था। इस आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। हमजा बुरहान उसी हमले का प्रमुख साजिशकर्ता माना जाता था। इसके अलावा वह कई अन्य आतंकी घटनाओं में भी शामिल रहा था।

पाकिस्तान में लगातार आतंकियों के मारे जाने से आतंकी संगठनों में भय और बेचैनी का माहौल है। उन्हें यह डर सताने लगा है कि अगला नंबर किसका हो सकता है। यह चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि इन संगठनों को पाकिस्तानी सेना का संरक्षण प्राप्त रहा है। पाकिस्तान में इस बात की भी चर्चा है कि कहीं ये घटनाएं आतंकी संगठनों के भीतर की गुटबाजी और आपसी संघर्ष का परिणाम तो नहीं हैं। हमजा बुरहान वर्ष 2017 में पाकिस्तान चला गया था। वहां वह खुद को शिक्षक बताता था, जबकि वास्तव में वह पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी संगठनों को प्रशिक्षण देने और आतंकियों की भारत में घुसपैठ कराने का काम करता था। अपने नेटवर्क में वह “डॉक्टर” नाम से भी जाना जाता था।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में अब तक दो दर्जन से अधिक ऐसे आतंकी मारे जा चुके हैं, जो भारत में बड़ी आतंकी घटनाओं में शामिल रहे थे। इनमें मार्च 2025 में लश्कर आतंकी फैजल नदीम उर्फ अबू कताल, फरवरी 2025 में लश्कर-ए-तैयबा की राजनीतिक शाखा का प्रमुख मौलाना काशिफ अली, मार्च 2025 में आईएसआई का अंडरकवर एजेंट मुफ्ती शाह मीर, नवंबर 2023 में मसूद अजहर का करीबी रहीम उल्लाह तारिक, अकरम गाजी, ख्वाजा शाहिद, सितंबर 2023 में मौलाना जियाउर रहमान, अप्रैल 2025 में काजी एजाज आबिद, दिसंबर 2023 में अदनान अहमद, फरवरी 2023 में हिजबुल आतंकी बशीर अहमद पीर, मार्च 2022 में जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी जहूर इब्राहीम, मार्च 2025 में आईएसपीआर अधिकारी मेजर दानियाल, सितंबर 2023 में रियाज अहमद तथा मई 2023 में खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पंजवार शामिल हैं।

इसके अलावा भी कई आतंकवादी अज्ञात लोगों द्वारा मारे जा चुके हैं। हालांकि पाकिस्तान में आज भी हाफिज सईद, मसूद अजहर और दाऊद इब्राहीम जैसे भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं। इन सभी को पाकिस्तानी सेना और आईएसआई का संरक्षण प्राप्त है और उनकी सुरक्षा बेहद कड़ी है।

यह भी उल्लेखनीय है कि हमजा बुरहान को पाकिस्तानी सेना ने सुरक्षा गार्ड और वाहन उपलब्ध करा रखा था। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कई बार पाकिस्तान को चेतावनी दे चुके हैं कि अब पाकिस्तान का कोई भी हिस्सा भारत की निगाहों से छिपा नहीं है। भारतीय सेना भी स्पष्ट कर चुकी है कि यदि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो उसका इतिहास और भूगोल दोनों बदल सकते हैं।

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