CWG 2026: 13 गोल्ड समेत 39 मेडल जीत भारत चौथे स्थान पर, इन खिलाड़ियों ने रचा इतिहास

CWG 2026:कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य समेत कुल 39 पदक जीते। जानें किस खिलाड़ी ने रचा इतिहास और पूरी मेडल लिस्ट।

Update:2026-08-03 10:52 IST

CWG 2026: India Finishes Fourth with 39 Medals, Including 13 Golds

CWG 2026: स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 2 अगस्त को रंगारंग समापन समारोह के साथ पर्दा गिर गया। 11 दिनों तक चले इस बहु-खेल आयोजन में दुनिया भर के खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से खेल प्रेमियों का दिल जीता। वहीं भारत के लिए गर्व और नई उम्मीदों का केंद्र भी बना। भले ही इस बार भारतीय दल 39 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। लेकिन इन खेलों का महत्व सिर्फ मेडलों की संख्या से नहीं आंका जा सकता। इस बार के आयोजन में कुश्ती, बैडमिंटन, शूटिंग, हॉकी और टेबल टेनिस जैसे भारत के मजबूत खेल शामिल ही नहीं थे। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो, एथलेटिक्स और पैरा स्पोर्ट्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया को दिखा दिया कि भारत अब केवल कुछ चुनिंदा खेलों तक सीमित नहीं है। कई खिलाड़ियों ने इतिहास रचा, नए रिकॉर्ड बनाए और आने वाले ओलंपिक अभियानों के लिए भी अपनी मजबूत दावेदारी भी तय की।

39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

23 जुलाई से 2 अगस्त तक चले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 पदक जीते। इनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल रहे। खास बात यह रही कि 38 भारतीय खिलाड़ियों ने देश के लिए पदक जीते, जबकि एथलीट गुलवीर सिंह ने दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

भारत इस बार पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। पदकों की संख्या 2010 दिल्ली या 2022 बर्मिंघम खेलों की तुलना में कम जरूर है, लेकिन जिन खेलों में भारत आमतौर पर सबसे अधिक पदक जीतता है, उनके कार्यक्रम में शामिल न होने के कारण यह प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली माना जा रहा है।

बॉक्सिंग ने दिलाई सबसे बड़ी सफलता


कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की सबसे बड़ी ताकत बॉक्सिंग रही। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 10 पदक जीतकर नया इतिहास बना दिया। इनमें 7 स्वर्ण पदक शामिल रहे, जो किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स में इस खेल में किसी भी देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है।

इस बार भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले मुक्केबाजों में प्रीति पवार, जैस्मिन लंबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच और अंकुश पांघाल शामिल रहे। वहीं जादुमणि सिंह, लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल ने रजत पदक जीतकर अभियान को और मजबूत बनाया।

मीराबाई चानू ने रची ऐतिहासिक हैट्रिक


भारोत्तोलन में भारत की स्टार खिलाड़ी मीराबाई चानू ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित की। उन्होंने महिला 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

मीराबाई इस उपलब्धि के साथ लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हो गईं। उनके अलावा भारोत्तोलन में ऋषिकांत सिंह, मुथुपंडी राजा, ज्ञानेश्वरी यादव, वल्लूरी अजय बाबू, हरजिंदर कौर और लवप्रीत सिंह ने रजत पदक जीते, जबकि बिंद्यारानी देवी ने कांस्य पदक अपने नाम किया।

जूडो में भी भारत ने लिखा नया अध्याय

जूडो में भारत के लिए यह संस्करण बेहद यादगार रहा। असमीता डे ने महिला 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो की पहली भारतीय महिला चैंपियन बनने का इतिहास रच दिया।

इसके बाद हर्ष सिंह ने पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की सफलता को आगे बढ़ाया। यामिनी मौर्य ने रजत और उन्नति शर्मा ने कांस्य पदक जीतकर भारत के खाते में महत्वपूर्ण अंक जोड़े।

एथलेटिक्स में कई नए रिकॉर्ड बने

भारतीय एथलेटिक्स दल ने भी इस बार शानदार प्रदर्शन किया। सबसे ज्यादा चर्चा गुलवीर सिंह की रही, जिन्होंने पुरुष 10,000 मीटर में रजत और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीतकर एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एवं फील्ड एथलीट बनने का गौरव हासिल किया।

वहीं तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में कांस्य पदक जीतकर भारत को इस स्पर्धा का पहला कॉमनवेल्थ पदक दिलाया। नीरज चोपड़ा ने चोट के कारण 2022 संस्करण नहीं खेल पाने के बाद शानदार वापसी करते हुए पुरुष भाला फेंक में रजत पदक जीता। इसके अलावा मुरली श्रीशंकर ने लंबी कूद, प्रवीन चित्रवेल ने ट्रिपल जंप और सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में रजत पदक जीते। सेल्वा प्रभु, सीमा कालीरामना और यश वीर सिंह ने कांस्य पदक हासिल किए।

पैरा खिलाड़ियों ने भी बढ़ाया देश का गौरवCWG 2026: India Finishes Fourth with 39 Medals, Including 13 Golds

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी शानदार रहा। पैरा एथलेटिक्स और पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत ने कई पदक जीते।

दिलीप गावित और सोमन राणा ने स्वर्ण पदक जीते। मोहम्मद बासिल और शुभम जुयाल ने रजत पदक हासिल किए, जबकि शिल्पा के. शैला और झंडू कुमार ने कांस्य पदक अपने नाम किए। शर्मिला धनखड़ ने भी पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण जीतकर भारत का मान बढ़ाया।

किन खेलों में भारत ने जीते पदक?

भारत के 39 पदकों का वितरण इस प्रकार रहा—

बॉक्सिंग – 10 पदक

भारोत्तोलन – 8 पदक

एथलेटिक्स – 10 पदक

जूडो – 4 पदक

पैरा एथलेटिक्स – 6 पदक

पैरा पावरलिफ्टिंग – 1 पदक

यानी भारत अब सिर्फ पारंपरिक खेलों पर निर्भर नहीं है, बल्कि कई नए खेलों में भी मजबूत चुनौती पेश कर रहा है।

भारत के सभी 39 पदक विजेता

स्वर्ण पदक विजेता

मीराबाई चानू, शर्मिला धनखड़, दिलीप गावित, असमीता डे, हर्ष सिंह, प्रीति पवार, जैस्मिन लंबोरिया, सोमन राणा, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच और अंकुश पांघाल।


रजत पदक विजेता

 

ऋषिकांत सिंह, मुथुपंडी राजा, ज्ञानेश्वरी यादव, सर्वेश कुशारे, वल्लूरी अजय बाबू, हरजिंदर कौर, गुलवीर सिंह (10,000 मीटर), मुरली श्रीशंकर, मोहम्मद बासिल, लवप्रीत सिंह, यामिनी मौर्य, नीरज चोपड़ा, प्रवीन चित्रवेल, जादुमणि सिंह, शुभम जुयाल, लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल।

कांस्य पदक विजेता

झंडू कुमार, बिंद्यारानी देवी, शिल्पा के. शैला, सीमा कालीरामना, तेजस्विन शंकर, यश वीर सिंह, सेल्वा प्रभु, उन्नति शर्मा और गुलवीर सिंह (5,000 मीटर)।


क्यों खास रहा भारत का प्रदर्शन?


खेल विशेषज्ञों के अनुसार, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का सबसे बड़ा पहलू यह रहा कि इस बार कार्यक्रम में कुश्ती, बैडमिंटन, शूटिंग, हॉकी और टेबल टेनिस जैसे खेल शामिल नहीं थे। इन खेलों में भारत हर बार बड़ी संख्या में पदक जीतता रहा है।

इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने उपलब्ध खेलों में शानदार प्रदर्शन कर यह साबित किया कि देश की खेल प्रतिभा लगातार नए क्षेत्रों में विकसित हो रही है। विशेष रूप से बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, जूडो और पैरा स्पोर्ट्स में मिला प्रदर्शन भारतीय खेलों के बदलते स्वरूप की मजबूत तस्वीर पेश करता है। ग्लास्गो में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले एशियाई खेलों और ओलंपिक के लिए भारत की नई पीढ़ी तैयार है।

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