39 मेडल, 13 गोल्ड और कई रिकॉर्ड...कॉमनवेल्थ गेम्स में दिखा भारत के खिलाड़ियों का दबदबा
India 39 Medals in CWG: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। बॉक्सिंग, जूडो और पैरा स्पोर्ट्स में भारतीय खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कई नए रिकॉर्ड अपने नाम किए।
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India 39 Medals in CWG: स्कॉटलैंड (Scotland) के ग्लासगो (Glasgow) में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Commonwealth Games 2026) में भारत (India) ने अपना अभियान 39 पदकों के साथ समाप्त किया।
भारतीय दल ने कुल 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक अपने नाम किए। हालांकि भारत 2002 के बाद पहली बार 50 पदकों के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका, लेकिन इस बार खेलों के कार्यक्रम में कई ऐसे खेल शामिल नहीं थे, जिनमें भारत पारंपरिक रूप से ज्यादा पदक जीतता रहा है।
ऐसे में इस प्रदर्शन को सिर्फ पदकों की संख्या से नहीं आंका जा रहा है।
वेटलिफ्टिंग से हुई शानदार शुरुआत
भारत के अभियान की शुरुआत वेटलिफ्टिंग (Weightlifting) से हुई, जहां टीम ने कुल आठ पदक जीते। इनमें एक स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य पदक शामिल रहा।
मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित करते हुए लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया।
उन्होंने यह साबित कर दिया कि भारतीय वेटलिफ्टिंग में उनका मुकाबला अभी भी कोई नहीं है।
बॉक्सिंग में भारत ने बनाया इतिहास
इस बार सबसे बड़ी सफलता बॉक्सिंग (Boxing) में मिली। गोल्ड कोस्ट 2018 (Gold Coast 2018) में भारत ने सात पदक जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था, लेकिन ग्लासगो में भारतीय मुक्केबाजों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
फाइनल से पहले ही भारत के 10 पदक पक्के हो चुके थे। इनमें से सात को खिलाड़ियों ने स्वर्ण और तीन को रजत पदक में बदल दिया। यह किसी भी देश का कॉमनवेल्थ गेम्स इतिहास का सबसे शानदार बॉक्सिंग अभियान बन गया।
भारतीय महिला मुक्केबाजों ने पांच स्वर्ण पदक जीतकर सबसे बड़ी भूमिका निभाई। वहीं पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच (Sachin Siwach) और अंकुश पंघाल (Ankush Panghal) ने स्वर्ण जीतकर भारत की सफलता को और मजबूत किया।
पैरा खिलाड़ियों ने भी रचा नया इतिहास
भारत के पैरा एथलीट्स (Para Athletes) ने भी इस बार शानदार प्रदर्शन किया। 28 सदस्यीय भारतीय दल ने कुल सात पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य शामिल रहे।
यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि भारत ने पिछले सभी कॉमनवेल्थ गेम्स में जितने पैरा पदक जीते थे, इस बार अकेले उतने ही पदक हासिल कर लिए। गुणवत्ता के लिहाज से भी यह भारत का अब तक का सबसे सफल पैरा अभियान रहा।
पैरा एथलेटिक्स (Para Athletics) में शर्मिला (Sharmila), दिलीप महादू गावित (Dilip Mahadu Gavit) और सोमन राणा (Soman Rana) ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
जूडो में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन
जूडो (Judo) में भी भारत ने इतिहास रच दिया। हर्ष सिंह (Harsh Singh) और अस्मिता डे (Asmita Dey) कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बने।
इसके अलावा यामिनी मौर्य (Yamini Mourya) ने रजत और उन्नति शर्मा (Unnati Sharma) ने कांस्य पदक जीतकर भारत को जूडो में अब तक का सबसे सफल प्रदर्शन दिलाया।
एथलेटिक्स में भी कई ऐतिहासिक उपलब्धियां
एथलेटिक्स (Athletics) में भारत ने कुल 10 पदक जीते, जिनमें पांच रजत और पांच कांस्य शामिल रहे।
तेजस्विन शंकर (Tejaswin Shankar) कॉमनवेल्थ गेम्स में डेकाथलॉन (Decathlon) का पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया।
गुलवीर सिंह (Gulveer Singh) भी भारत के सबसे बड़े स्टार बनकर उभरे। वह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स के दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने पुरुष 10 हजार मीटर दौड़ में रजत और पांच हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता।
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने भी शानदार वापसी करते हुए पुरुष भाला फेंक (Javelin Throw) में रजत पदक जीता। उन्होंने 2018 में स्वर्ण जीता था, जबकि 2022 के खेल चोट के कारण नहीं खेल पाए थे।
आखिरी दिन नहीं बढ़ सकी पदक संख्या
कॉमनवेल्थ गेम्स के अंतिम दिन भारत की नजर जूडो और साइक्लिंग (Cycling) में पदकों पर थी, लेकिन भारतीय खिलाड़ी कोई नया पदक नहीं जीत सके।
जूडो में इशरूप नरंग (Ishroop Narang) ने रेपेचेज मुकाबले में कैमरून (Cameroon) की जॉर्जिका वेस्ली जेंगुए मौने (Georgika Wesly Djengue Moune) को हराकर कांस्य पदक की उम्मीद बनाए रखी।
हालांकि कांस्य पदक मुकाबले में वह कनाडा (Canada) की कोराली गॉडबाउट (Coralie Godbout) से गोल्डन स्कोर (Golden Score) के बाद युको (Yuko) के आधार पर हार गईं।
इससे पहले यश घंगास (Yash Ghangas) और अवतार सिंह (Avtar Singh) अंतिम 16 के दौर से बाहर हो गए।
साइक्लिंग में भी भारत के खाते में कोई पदक नहीं आया। रोनाल्डो सिंह लैटोंजम (Ronaldo Singh Laitonjam) पुरुष 1000 मीटर टाइम ट्रायल (1000m Time Trial) में 20वें स्थान पर रहे।
वहीं हर्षवीर सिंह सेखों (Harshveer Singh Sekhon) और दिनेश कुमार (Dinesh Kumar) पुरुष 40 किलोमीटर पॉइंट्स रेस (40km Points Race) की हीट्स से आगे नहीं बढ़ सके।
कम पदक, लेकिन कई नए रिकॉर्ड और नए सितारे
भले ही भारत इस बार 50 पदकों का आंकड़ा नहीं छू सका, लेकिन ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारतीय खेलों के लिए कई नई उपलब्धियां लेकर आया।
बॉक्सिंग, पैरा स्पोर्ट्स और जूडो में ऐतिहासिक प्रदर्शन ने यह दिखा दिया कि भारत अब सिर्फ पारंपरिक खेलों पर निर्भर नहीं है, बल्कि नए खेलों में भी लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।