Monsoon Car Care Tips: जलभराव में फंसी कार को बार-बार स्टार्ट करना पड़ सकता है भारी, जानिए सही तरीका

Monsoon Car Care Tips 2026: बारिश के मौसम में पानी भरी सड़क पर कार बंद हो जाए तो घबराएं नहीं। एक्सपर्ट्स बता रहे हैं वो गलतियां जो इंजन को लाखों का नुकसान पहुंचा सकती हैं।

Update:2026-06-18 08:30 IST

Monsoon Car Care Tips 2026

Monsoon Car Care Tips 2026: रिमझिम बारिश के साथ मानसून का मौसम जहां भीषण गर्मी से लोगों के लिए राहत लेकर आता है, वहीं सड़कों पर बरसाती पानी से हुआ जलभराव वाहन चालकों के लिए कई मुश्किलें भी खड़ी कर देता है। भारी बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भर जाना आम बात है और ऐसे में कई बार कार बीच रास्ते में बंद हो जाती है। इस स्थिति में घबराकर उठाया गया एक गलत कदम आपकी कार को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर इंजन, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और इंटीरियर को ऐसी क्षति हो सकती है, जिसकी मरम्मत पर हजारों नहीं बल्कि लाखों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि पानी में कार बंद होने पर सही तरीके से स्थिति को संभाला जाए।

इंजन स्टार्ट करने की गलती पड़ सकती है सबसे महंगी

जब कार पानी भरी सड़क पर अचानक बंद हो जाए तो अधिकांश लोग सबसे पहले उसे दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश करते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार यह वाहन चालक की सबसे बड़ी गलती है। यदि पानी एयर इनटेक या एग्जॉस्ट सिस्टम के जरिए इंजन तक पहुंच गया है, तो बार-बार सेल्फ मारने से इंजन में हाइड्रोलॉक की स्थिति बन सकती है। हाइड्रोलॉक होने पर इंजन के अंदर मौजूद पिस्टन, कनेक्टिंग रॉड और अन्य महत्वपूर्ण पार्ट्स क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। कई मामलों में पूरा इंजन बदलने की नौबत तक आ जाती है, जिसका खर्च लाखों रुपये तक पहुंच सकता है।

तुरंत बंद करें इग्निशन और सुरक्षित जगह पहुंचाएं कार

यदि आपको महसूस हो कि कार पानी की वजह से बंद हुई है तो तुरंत इग्निशन बंद कर दें। चाबी लगी हो तो निकाल लें और पुश-बटन स्टार्ट वाली कार हो तो सिस्टम पूरी तरह ऑफ कर दें। इसके बाद कार को न्यूट्रल गियर में डालकर लोगों की मदद से धक्का लगाकर पानी वाले क्षेत्र से बाहर निकालें। कोशिश करें कि वाहन को किसी ऊंची और सूखी जगह पर खड़ा किया जाए। जब तक प्रशिक्षित मैकेनिक कार की जांच न कर ले, तब तक उसे स्टार्ट करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।

इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को बचाना भी जरूरी

आधुनिक कारों में इंजन के अलावा बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगे होते हैं। पावर विंडो, इंफोटेनमेंट सिस्टम, सेंसर, ईसीयू और सेंट्रल लॉकिंग जैसे उपकरण पानी से प्रभावित हो सकते हैं।

यदि कार के अंदर पानी आने लगे तो शीशे थोड़ा खोल दें ताकि जरूरत पड़ने पर आसानी से बाहर निकला जा सके। सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद बैटरी का कनेक्शन हटाना बेहतर माना जाता है, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा कम हो जाता है।

केबिन में घुसे पानी को नजरअंदाज न करें

कई लोग सिर्फ इंजन की चिंता करते हैं, जबकि कार के अंदर जमा पानी भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। सीटें, कारपेट और वायरिंग लंबे समय तक गीली रहने पर उनमें फंगस, बदबू और जंग लगने की समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए कार को सूखी जगह पर खड़ा करके सभी दरवाजे खोल दें और केबिन को अच्छी तरह सूखने दें। जरूरत पड़ने पर वैक्यूम क्लीनिंग और प्रोफेशनल ड्राइंग कराना भी फायदेमंद हो सकता है।

बारिश में ड्राइविंग के दौरान रखें ये सावधानियां

जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से पहले पानी की गहराई का अनुमान जरूर लगाएं। यदि पानी पहियों के आधे हिस्से से ज्यादा ऊंचा दिख रहा हो तो उस रास्ते से बचना बेहतर है। पानी में वाहन चलाते समय कम गति बनाए रखें और अचानक एक्सेलरेटर या ब्रेक का इस्तेमाल न करें।

इसके अलावा मानसून शुरू होने से पहले कार की बैटरी, ब्रेक, टायर, वाइपर और एयर फिल्टर की जांच करवा लेना भी जरूरी है। यह छोटी-सी तैयारी बारिश के मौसम में बड़े नुकसान से बचा सकती है। बारिश के दौरान पानी भरी सड़क पर कार का बंद हो जाना परेशान करने वाली स्थिति जरूर है, लेकिन घबराहट में लिया गया फैसला नुकसान को कई गुना बढ़ा सकता है। ऐसे समय में इंजन को दोबारा स्टार्ट करने की बजाय वाहन को सुरक्षित स्थान पर ले जाना और विशेषज्ञ से जांच कराना ही सबसे समझदारी भरा कदम है। थोड़ी सतर्कता आपकी कार को बड़े नुकसान से बचा सकती है और मानसून के सफर को सुरक्षित बना सकती है।

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