IRCTC Divya Dakshin Yatra 2026: 20 जुलाई से ‘दिव्य दक्षिण यात्रा’ आरंभ, श्रद्धालुओं को मिलेगा कई प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन का मौका
IRCTC Divya Dakshin Yatra 2026: IRCTC की ‘दिव्य दक्षिण यात्रा’ 20 जुलाई से शुरू होगी। सिर्फ ₹15 हजार में रामेश्वरम, मीनाक्षी मंदिर और कन्याकुमारी समेत कई प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन का मौका मिलेगा।
IRCTC Divya Dakshin Yatra 2026
IRCTC Divya Dakshin Yatra 2026: मानसून सीजन में अगर आप कोई फैमिली ट्रिप प्लान कर रहे हैं और लंबे समय से दक्षिण भारत के प्रसिद्ध मंदिरों और तीर्थ स्थलों के दर्शन की इच्छा रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष धार्मिक टूर पैकेज लेकर आया है। 'दिव्य दक्षिण यात्रा विद अरुणाचलम' नाम के इस पैकेज के जरिए यात्री एक ही सफर में दक्षिण भारत के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सकेंगे। खास बात यह है कि यात्रा, भोजन, ठहरने और स्थानीय परिवहन जैसी सुविधाएं पैकेज में शामिल हैं।
8 रात और 9 दिन का होगा पूरा सफर
आईआरसीटीसी द्वारा शुरू की जा रही यह यात्रा 20 जुलाई 2026 से शुरू होगी। कुल 8 रात और 9 दिन की इस धार्मिक यात्रा का पैकेज कोड SCZBG-63 रखा गया है। यात्रा भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से कराई जाएगी, जिसे भारतीय रेलवे ने देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया है। इस ट्रेन में कुल 702 यात्रियों के लिए सीटों की व्यवस्था की गई है। यात्री अपनी सुविधा और बजट के अनुसार स्लीपर, थर्ड एसी और सेकेंड एसी श्रेणी का चयन कर सकते हैं।
सिर्फ 15 हजार रुपये से शुरू हो रहा है किराया
आईआरसीटीसी के अनुसार इस धार्मिक यात्रा का शुरुआती किराया करीब 15 हजार रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। श्रेणी के अनुसार किराए में अंतर हो सकता है। इस शुल्क में ट्रेन यात्रा, ठहरने की व्यवस्था, शाकाहारी भोजन, स्थानीय परिवहन, टूर एस्कॉर्ट और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। इससे यात्रियों को अलग-अलग बुकिंग और व्यवस्थाओं की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
इन स्टेशनों से कर सकेंगे बोर्डिंग
यात्रा की शुरुआत सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन से होगी। हालांकि यात्रियों की सुविधा को देखते हुए कई अन्य स्टेशनों पर भी चढ़ने और उतरने की व्यवस्था की गई है। यात्री चारलापल्ली, जंगांव, काजीपेट, वारंगल, महबूबाबाद, खम्मम, माधिरा, विजयवाड़ा, तेनाली, ओंगोल, नेल्लोर, गुडूर और रेणिगुंटा रेलवे स्टेशनों से भी इस ट्रेन में सवार हो सकते हैं। इससे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा।
दक्षिण भारत के सात प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के होंगे दर्शन
इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण दक्षिण भारत के प्रसिद्ध मंदिरों और आध्यात्मिक स्थलों का दर्शन है। श्रद्धालुओं को तिरुवन्नामलाई स्थित अरुणाचलेश्वर मंदिर ले जाया जाएगा, जिसे भगवान शिव के पंचभूत स्थलों में अग्नि तत्व का प्रतीक माना जाता है।
इसके अलावा चिदंबरम के प्रसिद्ध नटराज मंदिर में भगवान शिव के नटराज स्वरूप के दर्शन कराए जाएंगे। यात्रा में त्रिची का श्री रंगनाथस्वामी मंदिर, तंजावुर का विश्वप्रसिद्ध बृहदेश्वर मंदिर और रामेश्वरम का श्री रामनाथस्वामी मंदिर भी शामिल है।
रामेश्वरम को हिंदू धर्म के चार धामों में से एक माना जाता है और यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मीनाक्षी मंदिर और कन्याकुमारी भी यात्रा का हिस्सा
यात्रियों को मदुरै स्थित ऐतिहासिक मीनाक्षी अम्मन मंदिर के दर्शन का अवसर भी मिलेगा। यह मंदिर अपनी भव्य द्रविड़ वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालु देश के दक्षिणी छोर कन्याकुमारी पहुंचेंगे। यहां कुमारी अम्मन मंदिर के दर्शन के साथ-साथ विवेकानंद रॉक मेमोरियल भी देखने का अवसर मिलेगा। समुद्र के बीच स्थित यह स्मारक स्वामी विवेकानंद की स्मृतियों से जुड़ा हुआ है और देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।
भारत गौरव ट्रेन योजना क्यों है खास?
भारतीय रेलवे की भारत गौरव पर्यटन ट्रेनें देश के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ने के उद्देश्य से चलाई जा रही हैं। इन ट्रेनों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यात्रियों को टिकट, होटल, भोजन और स्थानीय यात्रा के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं करनी पड़ती। पूरा टूर एक पैकेज के रूप में उपलब्ध होता है।
यही वजह है कि वरिष्ठ नागरिकों, परिवारों और धार्मिक यात्राओं में रुचि रखने वाले लोगों के बीच इन टूर पैकेजों की मांग लगातार बढ़ रही है।
कैसे कर सकते हैं बुकिंग?
इस टूर पैकेज का लाभ उठाने के लिए आप आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट, अधिकृत पर्यटन कार्यालयों या ग्राहक सेवा केंद्रों के माध्यम से इस यात्रा की बुकिंग कर सकते हैं। सीटें सीमित होने के कारण समय रहते आरक्षण कराना बेहतर रहेगा। दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन करने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा कम खर्च में अधिक धार्मिक अनुभव प्रदान करने वाला आकर्षक अवसर साबित हो सकती है।