चंदा चोरी, पेपर लीक और ई20 पर बरसे Akhilesh Yadav, बदायूं से बताया 2027 चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा...
Akhilesh Yadav Targets BJP: अपने संबोधन के दौरान उन्होंने चंदा चोरी, पेपर लीक, शिक्षा, रोजगार, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और ई20 ईंधन जैसे कई मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की।
Akhilesh Yadav Targets BJP
Akhilesh Yadav Targets BJP: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने गुरुवार को बदायूं (Badaun) में आयोजित एक जनसभा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Election 2027) में भारतीय जनता पार्टी की सरकार की विदाई तय है और प्रदेश में पीडीए (PDA) की सरकार बनेगी।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने चंदा चोरी, पेपर लीक, शिक्षा, रोजगार, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और ई20 ईंधन जैसे कई मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की।
2027 में बदलाव का दावा, बीजेपी पर लगाए चुनावी तैयारी के आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव को हिंदू-मुस्लिम मुद्दे पर ले जाना चाहती है, लेकिन गोरखपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार जाने वाली है और पीडीए की सरकार बनेगी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) को 250 से अधिक सीटें मिलने से भारतीय जनता पार्टी घबरा गई है। उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव को लेकर बेईमानी की तैयारी की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष होकर जनता के साथ न्याय करने की अपील करते हुए कहा कि सत्ता बदलने के बाद भारतीय जनता पार्टी अधिकारियों का साथ नहीं देगी, इसलिए सभी को कानून के अनुसार काम करना चाहिए।
गंगा एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर भी उठाए सवाल
सभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वह जानबूझकर गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) से यात्रा करके बदायूं पहुंचे ताकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को अपनी आंखों से देख सकें।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया गया, उसका एक हिस्सा बारिश में बह गया और आगे भी उसके धंसने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने इस मामले को सरकार की कार्यशैली से जोड़ते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया जनता के दबाव का प्रभाव
अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कई सांसद जनता के दबाव में थे। उन्होंने दावा किया कि जिन सांसदों पर जनता का दबाव बढ़ा, उनकी बात आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंची, जिसके बाद धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ।
उन्होंने कहा कि जो सरकार पहले जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं थी, अब उसे जनता की बात सुनने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
छात्र आंदोलन, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को पता है कि लाठी किसने चलाई, लेकिन लाठी चलाने वालों को भी यह नहीं पता कि आदेश किसका था।
उन्होंने कहा कि पहले सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने वालों पर पुलिस कार्रवाई होती थी, लेकिन अब छात्राओं और महिलाओं के आंदोलन ने सरकार को हिला दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा (Education) और रोजगार (Employment) जैसे मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में युवा जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर आंदोलन कर रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के विरोध से घबराकर सफाई देने के लिए चिट्ठियां लिख रही है। छात्राओं और युवतियों के आंदोलन को रचनात्मक बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी भावनाएं पूरी तरह जायज थीं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 26 हजार स्कूल बंद कर दिए और एक लाख लोगों की नौकरियां छीन लीं।
राम मंदिर चढ़ावा मामले को बताया 'महापाप'
अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Temple) के चढ़ावा चोरी मामले पर भी अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि श्रद्धा के खिलाफ अपराध और पाप किया गया है तथा भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में महाअपराध किया है।
उन्होंने कहा कि राम भी दोषियों को सजा देंगे और जनता भी इसका जवाब देगी। उनके अनुसार अयोध्या का हर व्यक्ति जानता है कि कथित लूट में कौन-कौन शामिल है। उन्होंने कहा कि भले ही एसआईटी (SIT) को इसकी जानकारी न हो, लेकिन जनता सब कुछ जानती है।
E20 ईंधन पर भी उठाए सवाल
अपने संबोधन के आखिर में अखिलेश यादव ने ई20 (E20) इथेनॉल मिश्रित ईंधन (Ethanol Blended Fuel) को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि यह ईंधन पूरी तरह सुरक्षित है तो वाहन निर्माता कंपनियां इसकी खुलकर गारंटी दें।
उन्होंने दावा किया कि यदि कंपनियां ऐसा नहीं कर रही हैं तो संभव है कि उन पर सरकार का दबाव हो। इस तरह बदायूं की सभा में अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव, शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक, चंदा चोरी, राम मंदिर विवाद और ई20 जैसे कई मुद्दों को उठाकर भारतीय जनता पार्टी पर एक साथ कई राजनीतिक हमले किए।