Aligarh News: मंडलायुक्त सख्त, दिव्यांगों के लिए ऑडियोमेट्रिस्ट तैनात, जर्जर स्कूलों में पढ़ाई बंद
Aligarh News: अलीगढ़ मंडलायुक्त ने दिव्यांगों के लिए ऑडियोमेट्रिस्ट की तैनाती और जर्जर स्कूलों में पढ़ाई बंद कराने के निर्देश दिए।
Aligarh News(Photo-Social Media)
Aligarh News: आयुक्त अलीगढ़ मण्डल संगीता सिंह ने बुधवार को कमिश्नरी सभागार में मण्डल के चारों जिलों के विकास कार्यों की कड़ी समीक्षा की। बैठक में सीएम डैशबोर्ड की रैंक से लेकर कुपोषण, छात्रवृत्ति और दिव्यांग प्रमाण पत्र तक हर मुद्दे पर अफसरों को खरी-खरी सुनाई गई। बैठक की शुरुआत जुलाई माह के सीएम डैशबोर्ड आंकड़ों से हुई। इसमें कासगंज 71वें और अलीगढ़ 43वें स्थान पर फिसल गया, जबकि एटा 20वें और हाथरस 31वें स्थान पर रहा। खराब रैंक पर नाराजगी जताते हुए मण्डलायुक्त ने सभी डीएम को अगले माह रैंक सुधारने के ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
छात्रवृत्ति और आवास में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा में उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र छात्र को अधिकारी की लापरवाही के कारण लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। डीएम अलीगढ़ ने बताया कि समय से डाटा अपलोड कराने के लिए जिलास्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। और डायट प्राचार्यों को विद्यालयवार जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री आवास योजना में अलीगढ़, एटा और कासगंज को 'सी' रैंक मिलने पर भी सुधार के निर्देश दिए गए।
एचपीवी वैक्सीन में हाथरस बना मिसाल
स्वास्थ्य क्षेत्र में हाथरस ने एचपीवी वैक्सीन में लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति कर मण्डल में पहला स्थान पाया। वहां वैक्सीनेटेड बालिकाओं का 'वॉरियर्स बैच' बनाकर उन्हें प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। मण्डलायुक्त ने इसकी सराहना करते हुए अन्य जिलों को भी इसी तर्ज पर काम करने को कहा। उन्होंने बताया कि अब एचपीवी के दो की जगह केवल एक ही टीका लगाया जाएगा।
दिव्यांगों के लिए अहम फैसला
बैठक का सबसे अहम मुद्दा दिव्यांग प्रमाण पत्र रहा। मण्डलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हाथरस के अलावा पूरे मण्डल में कहीं ऑडियोमेट्रिस्ट तैनात नहीं है, जिससे मूक-बधिर दिव्यांगों को प्रमाण पत्र के लिए आगरा जाना पड़ रहा है। उन्होंने एडी हेल्थ को तुरंत सभी जिलों में ऑडियोमेट्रिस्ट की तैनाती करने के आदेश दिए। साथ ही 80 प्लस आयु वर्ग के दिव्यांगों और वृद्धों की पेंशन न आने की शिकायतों पर भी पत्र भेजकर समाधान कराने को कहा।
पर्यावरण और कुपोषण पर जोर
वृहद वृक्षारोपण में पौधों से पॉलीथीन हटाने की समस्या पर ध्यान दिलाते हुए मण्डलायुक्त ने बताया कि उनकी पहल पर 5 ग्राम प्रधानों ने पॉलीथीन की जगह केले के पत्ते और अन्य बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग किया। उन्होंने सभी से इसी मॉडल को अपनाने की अपील की। डीएम अलीगढ़ ने कहा कि लक्ष्य के अनुसार उसी ग्राम पंचायत में नर्सरी तैयार की जाए ताकि पौधों का अनावश्यक आवागमन न हो। कुपोषित बच्चों के सुधार में भी प्रगति दिखी। अलीगढ़ 'सी' से 'बी', एटा 'बी' से 'ए' और हाथरस व कासगंज 'डी' से 'सी' श्रेणी में पहुंचे हैं। डीपीओ अलीगढ़ ने आगे और सुधार का भरोसा दिलाया।
शिकायत निस्तारण और अन्य मुद्दे
आईजीआरएस में हाथरस लगातार तीन माह से टॉप थ्री में है। मण्डल की रैंक जून में 12 से सुधरकर जुलाई में 8 हो गई है। हालांकि पंचायती राज, जल निगम ग्रामीण और लोक निर्माण विभाग में असंतोषजनक फीडबैक अधिक मिलने पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई गई। सामूहिक विवाह योजना में कासगंज में टेण्डर न होने के कारण एक भी शादी न हो पाने पर मण्डलायुक्त ने अगली सहालग से पहले प्रक्रिया पूरी कर लक्ष्य के अनुसार लाभार्थी चुनने के निर्देश दिए।
जीर्ण-शीर्ण परिषदीय विद्यालयों के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी स्कूल में अध्यापन न हो और शेष बचे स्कूलों का शीघ्र ध्वस्तीकरण कराया जाए। इसके अलावा अनुसूचित ग्रामों के नाम परिवर्तन, परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए भूमि प्रस्ताव, सरकारी भूमि को खतौनी में दर्ज कराने और सरदार वल्लभाई पटेल इंडस्ट्रियल जोन के लिए 50 एकड़ भूमि चयन जैसे बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। सीमावर्ती किसानों को खाद की दिक्कत पर कृषि विभाग ने बताया कि अब फार्मर रजिस्ट्री में 'एड लैंड' का विकल्प आ गया है, जिससे किसान दोनों जिलों की जमीन अपलोड कर सकेंगे। सर्किट हाउस के विस्तार के लिए बहुमंजिला इमारत का ले-आउट बनाने को भी कहा गया।
11 आशाओं को सम्मान
बैठक के अंत में 48 घंटे में प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ दिलाने वाली 11 आशाओं को मण्डलायुक्त ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इनमें हाथरस की नीलम, सुनीता शर्मा, नीरज देवी, मीना देवी, पुष्पा शर्मा, पूजा कुमारी और एटा की बबीता, जलदेवी, कांति देवी, रजनी देवी व ममता देवी शामिल हैं। बैठक में जेडीसी मंशाराम यादव, अपर आयुक्त अखिलेश कुमार सहित चारों जिलों के डीएम, सीडीओ और मण्डलीय अधिकारी मौजूद रहे।